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कोलकाता में गिरफ्तार इजाज के तीन साथियों का बी वारंट मांगा
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Fri, 12 Feb 2016 02:29 AM IST
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पाकिस्तानी जासूस मोहम्मद इजाज पर आईटी एक्ट की धारा लगाने की कोर्ट ने बृहस्पतिवार को मंजूरी दे दी। वहीं, विवेचक ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र दाखिल करते हुए कोलकाता में गिरफ्तार इजाज के तीन साथियों का बी वारंट मांगा है। इस मुकदमे की चार्जशीट अब आगामी 20 फरवरी तक दाखिल करने की बात कही गई है।
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इस्लामाबाद, पाकिस्तान निवासी मोहम्मद इजाज को पुलिस ने विगत आठ फरवरी को कोर्ट में पेश करते हुए आईटी एक्ट की धारा और न्यायिक रिमांड बढ़ाने की मांग की थी। जिस पर एसीजेएम ने विवेचना पर सवाल उठाते हुए धाराओं के मुताबिक मजबूत साक्ष्य न होने पर विवेचक को फटकार लगाते हुए दो दिन का समय दिया था।
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बृहस्पतिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच इजाज को न्यायालय एसीजेएम-तृतीय की कोर्ट में पेश किया गया। विवेचक धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि इजाज से बरामद लैपटॉप, मोबाइल फोन, पैन कार्ड और डाटा कार्ड की सीएफएल रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि इन सभी गैजेट्स को जासूसी में प्रयोग किया गया। जिससे सेना और देश की सूचनाएं आईएसआई को भेजी गईं। सीबीआई लैब की फोरेंसिक रिपोर्ट में इजाज के खिलाफ पुख्ता सुबूत मिले हैं। कोर्ट ने इस पर इजाज के खिलाफ आईटी एक्ट लगाने और 14 दिनों का न्यायिक रिमांड बढ़ाने की मंजूरी दे दी।
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मेरठ जेल लाए जाएं इजाज के साथी
27 नवंबर 2015 को यूपी एसटीएफ ने जब इजाज की मेरठ कैंट से गिरफ्तारी की थी तो उससे पूछताछ के बाद कोलकाता एसटीएफ ने कोलकाता में दबिश देकर उसके तीन साथियों अशफाक, इरफान और जहांगीर को गिरफ्तार किया था। इन तीनों के खिलाफ भी वही धाराएं लगीं, जो इजाज पर लगाई गईं। विवेचक धर्मेंद्र कुमार ने कोर्ट से कहा कि कोलकाता पुलिस इजाज को मेरठ जेल से कोलकाता ले जाना चाहती है, जबकि विवेचना के हिसाब से इन तीनों साथियों को मेरठ जेल लाना जरूरी है। ताकि इनसे पूछताछ के बाद तथ्य और मजबूत किए जा सकें। इस संबंध में कोर्ट से तीनों साथियों का बी वारंट जारी करने की मांग की गई। गौरतलब है कि कोलकाता पुलिस इजाज को लेकर जाने के लिए दो बार मेरठ आ चुकी है।
क्या था मामला
बरेली में रहकर सेना और देश की जासूसी करने वाले आईएसआई एजेंट इजाज को एसटीएफ ने कैंट स्टेशन के पास से विगत वर्ष 27 नवंबर को दबोचा था। उससे बरामद दस्तावेजों और गहन पूछताछ में सामने आया है कि इजाज करीब पांच साल से देश की सैन्य यूनिटों और महत्वपूर्ण स्थानों की अहम सूचनाएं आईएसआई को भेजता आ रहा था। पुलिस ने इजाज से बरामद इलेक्ट्रिक उपकरणों की सीबीआई दिल्ली लैब से फोरेंसिक जांच कराई थी। जिसमें उसके खिलाफ पुख्ता साक्ष्य मिले।