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लिसाड़ीगेट में युवक की एलानिया हत्या
Mon, 01 Apr 2019 03:33 AM IST
Gaurav sharma
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Gaurav sharma
Updated Mon, 01 Apr 2019 03:33 AM IST
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मेरठ
- फोटो : अमर उजाला
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लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र में रविवार दोपहर युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद आरोपी शव को ई रिक्शा में लेकर गए और 400 मीटर दूर रास्ते में छोड़कर फरार हो गए। घटना के बाद युवक के परिजनों ने कार्रवाई की मांग को हंगामा कर दिया। उन्होंने कहा कि आरोपी तीन माह से हत्या की धमकी दे रहे थे। पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लिया है। कॉल डिटेल खंगाली जा रही है।
चमड़ा पैठ जाकिर कॉलोनी निवासी शाहआलम सैफी उर्फ आशी (18) पुत्र इस्लामुद्दीन पिता के साथ कपड़े का काम देखता था। एक कॉलेज में पढ़ाई भी कर रहा था। पुलिस के अनुसार सद्दीकनगर निवासी उजेफा पुत्र अनवार और शाह आलम के बीच में किसी लड़की को लेकर विवाद चल रहा था। रविवार दोपहर उजेफा ने शाह आलम को धमकाया कि वह मोबाइल पर लड़की से बात करना छोड़ दे। इसके करीब एक घंटे बाद उजेफा ने उसे घर बुलाया। वह स्कूटी लेकर चला गया। सद्दीकनगर में उजेफा के साथ उसके तीन दोस्त भी थे। वहां शाह आलम के साथ उसकी कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर उजेफा ने शाह आलम के सीने में तमंचा सटाकर गोली मार दी। इसके बाद मुख्य आरोपी अपने साथियों के साथ शव को ई रिक्शा में रखकर ले गया। घटना स्थल से कुछ दूरी पर पुलिस चौकी से पहले आरोपी ई रिक्शा छोड़कर फरार हो गये। आसपास के लोगों ने युवक के शव के संबंध में पुलिस को सूचना दी। मौके पर सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला और इंस्पेक्टर लिसाड़ीगेट पहुंचे। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गिरफ्तारी के लिए हंगामा
सूचना पर युवक के मामा मुख्तार अहमद परिजनों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर हंगामा किया। मुख्तार की तहरीर पर पुलिस ने उजेफा और रिहान कुरैशी के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने रिहान आैर आरिफ को गिरफ्तार कर लिया है। सीओ का कहना है कि आरिफ का नाम भी जोड़ा जाएगा। शाहआलम की मां शबाना ने सीओ को बताया कि आरोपी कई बार हत्या की धमकी दे चुके थे। आशी का बड़ा भाई शाहिदे आलम मुंबई में रहता है। वह घर आया था। पिता और भाई बाहर गए थे।
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तीन माह पहले पीटा था और अब कत्ल
मेरठ। शाहआलम उर्फ आशी की हत्या के मामले में पुलिस दोनों हत्यारोपियों तक पहुंच गई है। पुलिस ने आरोपी के घर से शाह आलम की स्कूटी और मोबाइल फोन बरामद किया है। जांच में सामने आया कि तीन माह पहले आरोपी रिहान ने अपने साथियों के साथ शाह आलम की सरेआम पिटाई की थी। रिहान ने कहा था कि भांजी से बात करना छोड़ दे, नहीं तो जिंदगी खत्म समझना।
सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला के अनुसार, शाह आलम के एक साल से रिहान की भांजी से करीबी संबंध थे। दोनों के परिजनों को इस बात का पता था। लेकिन रिहान को यह पसंद नहीं था। इसी मामले को लेकर तीन माह पहले आरोपी रिहान ने शाह आलम को पीटा था। तीन दिन पहले शाह आलम, रिहान की भांजी से मोबाइल पर बात कर रहा था। यह बात रिहान को पता चल गई। इसके बाद रिहान ने हत्या की प्लानिंग की।
शनिवार रात को रिहान ने दोस्त उजैफा से हत्या के लिए मदद मांगी। उजैफा ने फोन करके शाह आलम को घर बुलाया। वहां रिहान भी मौजूद था। तीनों ने एक साथ खाना खाया। इस दौरान उजैफा ने शाह आलम से कहा कि तेरा रिहान से जो भी विवाद है, उसे भूल जा। हम तीनों दोस्त हैं और दोस्त ही रहेंगे। सीओ ने बताया कि रविवार को शाहआलम ने फिर रिहान की भांजी से मोबाइल पर बात की। इसके बाद रिहान ने उजेफा की मदद से शाह आलम को घर बुलाया। वहां प्लानिंग के तहत उसकी हत्या कर दी।
मामा है बम कांड का आरोपी
सीओ के अनुसार, आशी जेल में बंद शाहिन सैफी का रिश्तेदार है। शाहिन की एक कुख्यात से भी नजदीकी है। मरने वाला युवक पीएसी बम कांड 1987 के मुख्य आरोपी अय्यूब का रिश्ते में भांजा था।
मुठभेड़ में जेल गया था हत्यारोपी
पुलिस का कहना है कि एक साल पहले परतापुर के शताब्दीनगर में इरशाद उर्फ काला, आसिफ और उजेफा की पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई थी। तीनों बदमाशों को गोली लगी थी। इसमें उजेफा भी जेल गया था।
मोबाइल की कॉल डिटेल
सीओ का कहना है कि आशी का मोबाइल आरोपी उजेफा के घर से बरामद हुआ है। कॉल डिटेल से पता चला कि आशी की एक युवती से लगातार बात होती थी। रविवार को भी तीन बार उनके बीच लंबी बात हुई थी।
चमड़ा पैठ जाकिर कॉलोनी निवासी शाहआलम सैफी उर्फ आशी (18) पुत्र इस्लामुद्दीन पिता के साथ कपड़े का काम देखता था। एक कॉलेज में पढ़ाई भी कर रहा था। पुलिस के अनुसार सद्दीकनगर निवासी उजेफा पुत्र अनवार और शाह आलम के बीच में किसी लड़की को लेकर विवाद चल रहा था। रविवार दोपहर उजेफा ने शाह आलम को धमकाया कि वह मोबाइल पर लड़की से बात करना छोड़ दे। इसके करीब एक घंटे बाद उजेफा ने उसे घर बुलाया। वह स्कूटी लेकर चला गया। सद्दीकनगर में उजेफा के साथ उसके तीन दोस्त भी थे। वहां शाह आलम के साथ उसकी कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर उजेफा ने शाह आलम के सीने में तमंचा सटाकर गोली मार दी। इसके बाद मुख्य आरोपी अपने साथियों के साथ शव को ई रिक्शा में रखकर ले गया। घटना स्थल से कुछ दूरी पर पुलिस चौकी से पहले आरोपी ई रिक्शा छोड़कर फरार हो गये। आसपास के लोगों ने युवक के शव के संबंध में पुलिस को सूचना दी। मौके पर सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला और इंस्पेक्टर लिसाड़ीगेट पहुंचे। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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गिरफ्तारी के लिए हंगामा
सूचना पर युवक के मामा मुख्तार अहमद परिजनों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर हंगामा किया। मुख्तार की तहरीर पर पुलिस ने उजेफा और रिहान कुरैशी के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने रिहान आैर आरिफ को गिरफ्तार कर लिया है। सीओ का कहना है कि आरिफ का नाम भी जोड़ा जाएगा। शाहआलम की मां शबाना ने सीओ को बताया कि आरोपी कई बार हत्या की धमकी दे चुके थे। आशी का बड़ा भाई शाहिदे आलम मुंबई में रहता है। वह घर आया था। पिता और भाई बाहर गए थे।
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तीन माह पहले पीटा था और अब कत्ल
मेरठ। शाहआलम उर्फ आशी की हत्या के मामले में पुलिस दोनों हत्यारोपियों तक पहुंच गई है। पुलिस ने आरोपी के घर से शाह आलम की स्कूटी और मोबाइल फोन बरामद किया है। जांच में सामने आया कि तीन माह पहले आरोपी रिहान ने अपने साथियों के साथ शाह आलम की सरेआम पिटाई की थी। रिहान ने कहा था कि भांजी से बात करना छोड़ दे, नहीं तो जिंदगी खत्म समझना।
सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला के अनुसार, शाह आलम के एक साल से रिहान की भांजी से करीबी संबंध थे। दोनों के परिजनों को इस बात का पता था। लेकिन रिहान को यह पसंद नहीं था। इसी मामले को लेकर तीन माह पहले आरोपी रिहान ने शाह आलम को पीटा था। तीन दिन पहले शाह आलम, रिहान की भांजी से मोबाइल पर बात कर रहा था। यह बात रिहान को पता चल गई। इसके बाद रिहान ने हत्या की प्लानिंग की।
शनिवार रात को रिहान ने दोस्त उजैफा से हत्या के लिए मदद मांगी। उजैफा ने फोन करके शाह आलम को घर बुलाया। वहां रिहान भी मौजूद था। तीनों ने एक साथ खाना खाया। इस दौरान उजैफा ने शाह आलम से कहा कि तेरा रिहान से जो भी विवाद है, उसे भूल जा। हम तीनों दोस्त हैं और दोस्त ही रहेंगे। सीओ ने बताया कि रविवार को शाहआलम ने फिर रिहान की भांजी से मोबाइल पर बात की। इसके बाद रिहान ने उजेफा की मदद से शाह आलम को घर बुलाया। वहां प्लानिंग के तहत उसकी हत्या कर दी।
मामा है बम कांड का आरोपी
सीओ के अनुसार, आशी जेल में बंद शाहिन सैफी का रिश्तेदार है। शाहिन की एक कुख्यात से भी नजदीकी है। मरने वाला युवक पीएसी बम कांड 1987 के मुख्य आरोपी अय्यूब का रिश्ते में भांजा था।
मुठभेड़ में जेल गया था हत्यारोपी
पुलिस का कहना है कि एक साल पहले परतापुर के शताब्दीनगर में इरशाद उर्फ काला, आसिफ और उजेफा की पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई थी। तीनों बदमाशों को गोली लगी थी। इसमें उजेफा भी जेल गया था।
मोबाइल की कॉल डिटेल
सीओ का कहना है कि आशी का मोबाइल आरोपी उजेफा के घर से बरामद हुआ है। कॉल डिटेल से पता चला कि आशी की एक युवती से लगातार बात होती थी। रविवार को भी तीन बार उनके बीच लंबी बात हुई थी।