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दुष्कर्म के बदले किशोर की अपहरण के बाद हत्या
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Wed, 09 Nov 2016 01:59 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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एक सप्ताह से अपह्त चल रहे किशोर की जंगल में लाश मिलने से सनसनी फैल गई। किशोर की रिहाई के बदले परिजनों से 12 लाख की फिरौती मांगी गई थी। पुलिस ने इस मामले में पिता-पुत्र समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों का दावा है कि दुष्कर्म की घटना का बदला लेने के लिए किशोर की हत्या की गई थी।
एसपी देहात डॉ. प्रवीन रंजन ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में बताया कि विगत 31 अक्टूबर को जानी खुर्द से मोहसिन (12) पुत्र अखलाक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। तीन नवंबर को अखलाक को कॉल कर 12 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। आरोपियों ने चार नवंबर को फिर कॉल कर पैसा न देने पर मोहसिन की हत्या करने की धमकी दी थी। जानी पुलिस ने मुखबिर तंत्र और सर्विलांस की जांच के बाद अखलाक के पड़ोसी आसिफ और उसके पिता महफूज को हिरासत में लिया था। ये दोनों परिवार आमने-सामने ही रहते हैं।
एसपी देहात के अनुसार अखलाक के परिवार ने पिता-पुत्र को हमदर्द बताते हुए हिरासत में लेने का विरोध भी जताया था। सोमवार देर रात क्राइम ब्रांच ने आसिफ से सख्ती से पूछताछ की तो उसने मोहसिन की हत्या करना कबूला। क्राइम ब्रांच ने देर रात करीब दो बजे आसिफ की निशानदेही पर मोहसिन का शव जंगल से बरामद किया। प्रेसवार्ता में आरोपी पिता-पुत्र ने बताया कि मोहसिन के परिवार के एक युवक ने उनके परिवार की एक युवती से दुष्कर्म किया था। उसका बदला लेने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया। हालांकि इस मामले में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं है। पुलिस इस पहलू पर जांच में जुटी है।
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हत्या के बाद मांगी फिरौती
पूछताछ में आसिफ ने बताया कि 31 अक्टूबर को दोनों परिवार के लोग शादी समारोह में गए थे। वापस लौटने के बाद आसिफ मोहसिन को बाइक पर बैठाकर खेत पर ले गया। जहां पर महफूज और उसका दोस्त शौकीन मौजूद थे। जहां पर तीनों ने मोहसिन की गला घोटकर हत्या की और उसके शव को पॉलीथिन में लपेटकर गड्ढे में दबा दिया। उसके चार दिन बाद शौकीन ने फर्जी आईडी के नंबर से अखलाक को फोन करके 12 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी।
कातिल तक कैसे पहुंची पुलिस
एक नवंबर को जानी थाने में मोहसिन की गुमशुदगी दर्ज हुई। दो नवंबर को ग्रामीणों ने किशोर की बरामदगी की मांग लेकर थाने में हंगामा किया। जिसमें आसिफ और उसके पिता महफूज सबसे आगे थे। कुछ लोगों को शक हुआ और उन्होंने पिता-पुत्र की जानकारी पुलिस को दी। क्राइम ब्रांच लगातार मोहसिन की तलाश के लिए सर्विलांस में लगी हुई थी। महफूज और आसिफ की गतिविधियां संदिग्ध पाते हुए उन्हें हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई तो पूरा मामला खुलकर सामने आ गया।
शातिर अपराधी शौकीन
पुलिस के मुताबिक आरोपी शौकीन निवासी भनवाड़ा रतनपुरी मुजफ्फरनगर शातिर अपराधी है। उसकी जानी के पास चंदेरा गांव में ससुराल है। जहां पर अक्सर शौकीन आता था। वहीं पर शौकीन व आसिफ की मुलाकात हुई। शौकीन करीब दस साल पहले कुख्यात सुशील मूंछ के लिए काम करता था। मुजफ्फरनगर में शौकीन पर लूट और हत्या के करीब छह मुकदमे दर्ज हैं।
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एसपी देहात डॉ. प्रवीन रंजन ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में बताया कि विगत 31 अक्टूबर को जानी खुर्द से मोहसिन (12) पुत्र अखलाक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। तीन नवंबर को अखलाक को कॉल कर 12 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। आरोपियों ने चार नवंबर को फिर कॉल कर पैसा न देने पर मोहसिन की हत्या करने की धमकी दी थी। जानी पुलिस ने मुखबिर तंत्र और सर्विलांस की जांच के बाद अखलाक के पड़ोसी आसिफ और उसके पिता महफूज को हिरासत में लिया था। ये दोनों परिवार आमने-सामने ही रहते हैं।
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एसपी देहात के अनुसार अखलाक के परिवार ने पिता-पुत्र को हमदर्द बताते हुए हिरासत में लेने का विरोध भी जताया था। सोमवार देर रात क्राइम ब्रांच ने आसिफ से सख्ती से पूछताछ की तो उसने मोहसिन की हत्या करना कबूला। क्राइम ब्रांच ने देर रात करीब दो बजे आसिफ की निशानदेही पर मोहसिन का शव जंगल से बरामद किया। प्रेसवार्ता में आरोपी पिता-पुत्र ने बताया कि मोहसिन के परिवार के एक युवक ने उनके परिवार की एक युवती से दुष्कर्म किया था। उसका बदला लेने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया। हालांकि इस मामले में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं है। पुलिस इस पहलू पर जांच में जुटी है।
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हत्या के बाद मांगी फिरौती
पूछताछ में आसिफ ने बताया कि 31 अक्टूबर को दोनों परिवार के लोग शादी समारोह में गए थे। वापस लौटने के बाद आसिफ मोहसिन को बाइक पर बैठाकर खेत पर ले गया। जहां पर महफूज और उसका दोस्त शौकीन मौजूद थे। जहां पर तीनों ने मोहसिन की गला घोटकर हत्या की और उसके शव को पॉलीथिन में लपेटकर गड्ढे में दबा दिया। उसके चार दिन बाद शौकीन ने फर्जी आईडी के नंबर से अखलाक को फोन करके 12 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी।
कातिल तक कैसे पहुंची पुलिस
एक नवंबर को जानी थाने में मोहसिन की गुमशुदगी दर्ज हुई। दो नवंबर को ग्रामीणों ने किशोर की बरामदगी की मांग लेकर थाने में हंगामा किया। जिसमें आसिफ और उसके पिता महफूज सबसे आगे थे। कुछ लोगों को शक हुआ और उन्होंने पिता-पुत्र की जानकारी पुलिस को दी। क्राइम ब्रांच लगातार मोहसिन की तलाश के लिए सर्विलांस में लगी हुई थी। महफूज और आसिफ की गतिविधियां संदिग्ध पाते हुए उन्हें हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई तो पूरा मामला खुलकर सामने आ गया।
शातिर अपराधी शौकीन
पुलिस के मुताबिक आरोपी शौकीन निवासी भनवाड़ा रतनपुरी मुजफ्फरनगर शातिर अपराधी है। उसकी जानी के पास चंदेरा गांव में ससुराल है। जहां पर अक्सर शौकीन आता था। वहीं पर शौकीन व आसिफ की मुलाकात हुई। शौकीन करीब दस साल पहले कुख्यात सुशील मूंछ के लिए काम करता था। मुजफ्फरनगर में शौकीन पर लूट और हत्या के करीब छह मुकदमे दर्ज हैं।