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परीक्षितगढ़ में तीन घंटे में दो घरों में डाका
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 24 Dec 2016 01:47 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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बेखौफ बदमाशों ने बृहस्पतिवार रात परीक्षितगढ़ में दो घरों में लाखों रुपये की डकैती डाल दी। बदमाशों ने एक घर में चार साल के मासूम को बेड में बंद कर दिया, जबकि परिवार के लोगों के हाथ-पैर बांध दिए। वहीं सौ मीटर की दूरी पर बदमाशों ने ठेकेदार के परिवार के घर भी लाखों रुपये का डाका डाला। तीन घंटे तक बदमाश वारदात को अंजाम देते रहे।
परीक्षितगढ़ के मोहल्ला बानमंडी निवासी सत्तार कपड़ों की फेरी लगाने का काम करता है। बृहस्पतिवार रात लगभग दो बजे सत्तार अपने परिवार साथ घर में सोया हुआ था। इस बीच 10-12 नकाबपोश बदमाश चाकू और तमंचे लेकर दीवार फांदकर घर में घुस गये। बदमाशों ने सत्तार की पत्नी लोकिदा, पुत्र शेरयाब, नजाकत, साबिर, और अफसाना सहित चार साल के बच्चे अरहम को गन प्वाइंट पर लेकर बंधक बना लिया। जिसके बाद बदमाशों ने घर में रखे मोबाइल के सिम और बैट्री निकालकर फेंक दी। बदमाशों ने मासूम अरहम के मुंह पर कपड़ा बांधकर बेड (दीवान) के बॉक्स में डाल दिया। जबकि अन्य लोगों के हाथ पैर बांध दिये। बदमाशों ने सेफ व संदूक का ताला तोड़कर पांच हजार रुपये, आधा किलो चांदी और चार तोले सोने के जेवरात ले लिए। सत्तार की पत्नी की भी ज्वैलरी उतरवाते हुए कीमती कपड़े ले लिए। बाद में बदमाश धमकी देते हुए भाग गए।
इसके बाद बदमाश चिनाई और रेत के ठेकेदार मंजूर के मकान में पहुंचे। बदमाशों ने मंजूर की पत्नी शमा परवीन और उसके पुत्र खालिद को गन प्वाइंट पर लेकर अलमारी की चाबी मांगी। विरोध करने पर बदमाशों ने दस साल के बच्चे खालिद के मुंह में पिस्टल ठूंस दी और जान से मारने की धमकी दी। बदमाशों ने मंजूर और शमा के साथ मारपीट की। इसके बाद परिवार ने बदमाशों को चाबी दे दी। बदमाशों ने घर में रखे 50 हजार रुपये, 20 तोला सोने के जेवरात, डेढ़ किलो चांदी ले ली साथ ही महिला की ज्वैलरी भी उतरवा ली। बदमाशों के जाने के बाद पीड़ितों ने किसी तरह बंधनमुक्त होकर कंट्रोल रूम को सूचना दी। जिसके बाद यूपी 100 की गाड़ी और परीक्षितगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची। शुक्रवार सुबह भी कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। शुक्रवार को पीड़ित लोगों ने परीक्षितगढ़ थाने में तहरीर दी है। बदमाश दोनों घरों से नकदी समेत दस लाख की ज्वैलरी ले गए।
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डकैती के दौरान चावल खाकर दूध पिया
डकैती के दौरान बदमाश पूरी तरह बेखौफ थे। बदमाशों ने सत्तार के घर में रखे नमकीन चावल खाए और मंजूर के घर में दूध और मेवे खाए। साथ ही कहा कि नोटबंदी के बाद रोजना बैंक की लाइन में खडे़ होकर पैसा एकत्र कर रहे हो। आज तुम्हारा सारा पैसा लेने आए हैं।
पुलिस के पहुंचने पर हंगामा
परीक्षितगढ़ में दो घरों में डकैती के बाद इंस्पेक्टर परीक्षितगढ़ और सीओ सदर रितेश कुमार पहुंचे। लेकिन कोई भी उच्च अधिकारी नहीं पहुंचा। जिसको लेकर पीड़ितों ने पुलिस के सामने ही हंगामा कर दिया। लोगों ने कहा कि पहले भी परीक्षितगढ़ में डकैती की कई घटना हो चुकी हैं। रात में पुलिस चेकिंग करती तो बदमाश पकड़े जा सकते थे।
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परीक्षितगढ़ के मोहल्ला बानमंडी निवासी सत्तार कपड़ों की फेरी लगाने का काम करता है। बृहस्पतिवार रात लगभग दो बजे सत्तार अपने परिवार साथ घर में सोया हुआ था। इस बीच 10-12 नकाबपोश बदमाश चाकू और तमंचे लेकर दीवार फांदकर घर में घुस गये। बदमाशों ने सत्तार की पत्नी लोकिदा, पुत्र शेरयाब, नजाकत, साबिर, और अफसाना सहित चार साल के बच्चे अरहम को गन प्वाइंट पर लेकर बंधक बना लिया। जिसके बाद बदमाशों ने घर में रखे मोबाइल के सिम और बैट्री निकालकर फेंक दी। बदमाशों ने मासूम अरहम के मुंह पर कपड़ा बांधकर बेड (दीवान) के बॉक्स में डाल दिया। जबकि अन्य लोगों के हाथ पैर बांध दिये। बदमाशों ने सेफ व संदूक का ताला तोड़कर पांच हजार रुपये, आधा किलो चांदी और चार तोले सोने के जेवरात ले लिए। सत्तार की पत्नी की भी ज्वैलरी उतरवाते हुए कीमती कपड़े ले लिए। बाद में बदमाश धमकी देते हुए भाग गए।
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इसके बाद बदमाश चिनाई और रेत के ठेकेदार मंजूर के मकान में पहुंचे। बदमाशों ने मंजूर की पत्नी शमा परवीन और उसके पुत्र खालिद को गन प्वाइंट पर लेकर अलमारी की चाबी मांगी। विरोध करने पर बदमाशों ने दस साल के बच्चे खालिद के मुंह में पिस्टल ठूंस दी और जान से मारने की धमकी दी। बदमाशों ने मंजूर और शमा के साथ मारपीट की। इसके बाद परिवार ने बदमाशों को चाबी दे दी। बदमाशों ने घर में रखे 50 हजार रुपये, 20 तोला सोने के जेवरात, डेढ़ किलो चांदी ले ली साथ ही महिला की ज्वैलरी भी उतरवा ली। बदमाशों के जाने के बाद पीड़ितों ने किसी तरह बंधनमुक्त होकर कंट्रोल रूम को सूचना दी। जिसके बाद यूपी 100 की गाड़ी और परीक्षितगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची। शुक्रवार सुबह भी कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। शुक्रवार को पीड़ित लोगों ने परीक्षितगढ़ थाने में तहरीर दी है। बदमाश दोनों घरों से नकदी समेत दस लाख की ज्वैलरी ले गए।
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डकैती के दौरान चावल खाकर दूध पिया
डकैती के दौरान बदमाश पूरी तरह बेखौफ थे। बदमाशों ने सत्तार के घर में रखे नमकीन चावल खाए और मंजूर के घर में दूध और मेवे खाए। साथ ही कहा कि नोटबंदी के बाद रोजना बैंक की लाइन में खडे़ होकर पैसा एकत्र कर रहे हो। आज तुम्हारा सारा पैसा लेने आए हैं।
पुलिस के पहुंचने पर हंगामा
परीक्षितगढ़ में दो घरों में डकैती के बाद इंस्पेक्टर परीक्षितगढ़ और सीओ सदर रितेश कुमार पहुंचे। लेकिन कोई भी उच्च अधिकारी नहीं पहुंचा। जिसको लेकर पीड़ितों ने पुलिस के सामने ही हंगामा कर दिया। लोगों ने कहा कि पहले भी परीक्षितगढ़ में डकैती की कई घटना हो चुकी हैं। रात में पुलिस चेकिंग करती तो बदमाश पकड़े जा सकते थे।