कटान करने वालों ने चोरी की थीं गाय, चार गिरफ्तार
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इंस्पेक्टर सिविल लाइन एसके राणा ने बताया कि आश्रम के लोगों ने बताया था कि गाय चोरी करने वालों में हथियारबंद बदमाश भी थे। गायों को गाड़ी में भरकर ले जाया गया था। पुलिस ने इस जानकारी के आधार पर जिले में पशु तस्करी और गोकशी करने वाले गैंगों को खंगाला तो जेई गांव के लोकल गैंग पर फोकस किया गया। जानकारी में पता चला कि जेई गांव का इस्लामुद्दीन और नंगला का नसद उर्फ भूरा गोकशी और पशु तस्करी का गैंग चलाते हैं। इस्लामुद्दीन इस गैंग का सरगना है। पुलिस ने इनकी तलाश में तीनों गांवों में दबिश देकर नंगला निवासी भूरा के भाई गुलबहार, अब्दुल्लापुर निवासी महबूब और जई गांव के इसबू और फिरोज को गिरफ्तार कर लिया।
इंस्पेक्टर के अनुसार पूछताछ में उन्होंने आश्रम से गाय चोरी करने की घटना करनी स्वीकार की है। इनके पांच अन्य साथियों में चार जई और एक नंगला गांव का रहने वाला है। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वारदात की रात सभी इस चोरी में शामिल थे। ये चारों गाड़ी से जई गांव में उतर गए थे जबकि बाकी पांच वाहन में भरी गायों को लेकर आगे चले गए थे। उक्त पांचों को ही गायों के बारे में जानकारी है। हालांकि चर्चा रही कि आरोपियों ने गायों का कटान कर दिया है।
हिंदू संगठन संतुष्ट नहीं
पुलिस के इस खुलासे से हिंदू संगठन संतुष्ट नहीं हैं। बजरंग दल नेता बलराज डूंगर ने कहा कि पुलिस जो भी कहे, लेकिन पुलिस ने गाय बरामद नहीं कीं। आजम खां की चोरी भैंस दो दिन में बरामद करने वाली पुलिस क्यों फेल हो रही है। भाजपा नेता विनीत अग्रवाल शारदा ने भी कहा कि पुलिस स्पष्ट करे कि चोरी हुई गाय कहां हैं। उन्हें बरामद कर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी कर उन पर रासुका लगे।
कोट
यह गैंग पशु तस्करी और कटान में संलिप्त रहा है। ये बदमाश पहले भी कई बार जेल जा चुके हैं। एक तो कुछ दिन पहले ही जेल से आया है। भूरा और इस्लामुद्दीन के भाई भी इस काम में लगे हैं। पुलिस बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी कर गाय का पता लगाएगी -वीर कुमार, सीओ सिविल लाइन