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अम्हेड़ा में जातीय संघर्ष, पथराव, फायरिंग
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Mon, 31 Aug 2015 01:28 AM IST
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मवाना रोड स्थित अम्हेड़ा गांव में रविवार शाम जातीय संघर्ष हो गया। जिसमें घरों में घुसकर तोड़फोड़ और पथराव कर दिया गया। बीस से ज्यादा राउंड फायरिंग से गांव में भगदड़ मच गई। सूचना पर इंस्पेक्टर इंचौली फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। तनाव के बीच देर रात तक दोनों पक्षों की पंचायत भी चली।
इंचौली क्षेत्र के अम्हेड़ा गांव निवासी रविंद्र शर्मा की बेटी पायल रक्षाबंधन पर अपने पति संदीप के साथ बाइक से जा रही थी। गांव के बाहर जाटव पक्ष के अरविंद पुत्र रामकुमार कार से जा रहा था। कार और बाइक में टक्कर हो गई। आरोप है कि अरविंद ने संदीप और पायल से अभद्रता कर दी। पायल की सूचना पर उसके पक्ष के कुछ युवक अरविंद के घर पहुंचे और उसके साथ मारपीट कर दी। बचाव में आयी अरविंद की बहन सरिता को भी चोट लग गई। बाद में जहां अरविंद की बहन और पायल दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दे दी थी।
रविवार शाम गांव में जाटव पक्ष के लोगों ने मुनादी कराते हुए पंचायत का ऐलान कर दिया। जिसकी भनक लगने पर ब्राह्मण पक्ष के कुछ लोग एसपी देहात से मिलने पहुंचे और शिकायत की। इस बीच गांव में बाइक सवार युवक स्टंटबाजी करते हुए हंगामा करने लगे। आरोप है कि उसके बाद जाटव पक्ष के करीब 150 से अधिक लोग घरों के निकल आए और दूसरे पक्ष के लोगों के घरों में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ कर दी। जिसके बाद दोनों पक्षों में जमकर मारपीट और पथराव हो गया।
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देखते ही देखते हवाई फायरिंग शुरू हो गई। जिससे गांव में अफरातफरी मच गई। इस दौरान एक युवक के पैर में गोली लगी। कंट्रोल रूम की सूचना पर सीओ सदर देहात शिवराज सिंह, इंस्पेक्टर इंचौली योगेंद्र सिंह मलिक रजपुरा और गंगानगर चौकी की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों पक्षों के लोगों ने एक दूसरे पर पथराव और फायरिंग का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। पुलिस ने किसी तरह लोगों को खदेड़ते हुए मामला शांत कराया। ब्राह्मण पक्ष से रमेश, फूलवती, अजित, अतुल, अंकुर और सुशीला घायल हो गई। देर रात तक दोनों पक्षों के दस-दस लोग इंचौली थाने में वार्ता कर रहे थे।
पंचायत चुनाव भी कारण
मेरठ। अम्हेड़ा गांव में रविवार शाम जातीय संघर्ष के दौरान आधा घंटे तक अराजकता का माहौल बना रहा। पुलिस ने मौके से कई खोखे बरामद किए। पुलिस का कहना है कि पंचायत चुनाव को देखते हुए भी दोनों गुटों में संघर्ष हुआ है। ओमप्रकाश जाटव गांव में पूर्व प्रधान रह चुके हैं। चुनाव बिगाड़ने के लिए यह खेल रचा गया है। पुलिस का कहना है कि एक माह पूर्व भी गांव में महिलाओं की पंचायत हुई थी।
लापरवाही रही हावी
मेरठ। शनिवार और रविवार को पुलिस की लापरवाही संघर्ष का कारण रही। कार और बाइक टकराने और रविवार को गांव में पंचायत की मुनादी के बावजूद पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया। पुलिस शनिवार को ही कार्रवाई करती तो मामला इतना तूल न पकड़ता।
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इंचौली क्षेत्र के अम्हेड़ा गांव निवासी रविंद्र शर्मा की बेटी पायल रक्षाबंधन पर अपने पति संदीप के साथ बाइक से जा रही थी। गांव के बाहर जाटव पक्ष के अरविंद पुत्र रामकुमार कार से जा रहा था। कार और बाइक में टक्कर हो गई। आरोप है कि अरविंद ने संदीप और पायल से अभद्रता कर दी। पायल की सूचना पर उसके पक्ष के कुछ युवक अरविंद के घर पहुंचे और उसके साथ मारपीट कर दी। बचाव में आयी अरविंद की बहन सरिता को भी चोट लग गई। बाद में जहां अरविंद की बहन और पायल दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दे दी थी।
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रविवार शाम गांव में जाटव पक्ष के लोगों ने मुनादी कराते हुए पंचायत का ऐलान कर दिया। जिसकी भनक लगने पर ब्राह्मण पक्ष के कुछ लोग एसपी देहात से मिलने पहुंचे और शिकायत की। इस बीच गांव में बाइक सवार युवक स्टंटबाजी करते हुए हंगामा करने लगे। आरोप है कि उसके बाद जाटव पक्ष के करीब 150 से अधिक लोग घरों के निकल आए और दूसरे पक्ष के लोगों के घरों में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ कर दी। जिसके बाद दोनों पक्षों में जमकर मारपीट और पथराव हो गया।
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देखते ही देखते हवाई फायरिंग शुरू हो गई। जिससे गांव में अफरातफरी मच गई। इस दौरान एक युवक के पैर में गोली लगी। कंट्रोल रूम की सूचना पर सीओ सदर देहात शिवराज सिंह, इंस्पेक्टर इंचौली योगेंद्र सिंह मलिक रजपुरा और गंगानगर चौकी की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों पक्षों के लोगों ने एक दूसरे पर पथराव और फायरिंग का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। पुलिस ने किसी तरह लोगों को खदेड़ते हुए मामला शांत कराया। ब्राह्मण पक्ष से रमेश, फूलवती, अजित, अतुल, अंकुर और सुशीला घायल हो गई। देर रात तक दोनों पक्षों के दस-दस लोग इंचौली थाने में वार्ता कर रहे थे।
पंचायत चुनाव भी कारण
मेरठ। अम्हेड़ा गांव में रविवार शाम जातीय संघर्ष के दौरान आधा घंटे तक अराजकता का माहौल बना रहा। पुलिस ने मौके से कई खोखे बरामद किए। पुलिस का कहना है कि पंचायत चुनाव को देखते हुए भी दोनों गुटों में संघर्ष हुआ है। ओमप्रकाश जाटव गांव में पूर्व प्रधान रह चुके हैं। चुनाव बिगाड़ने के लिए यह खेल रचा गया है। पुलिस का कहना है कि एक माह पूर्व भी गांव में महिलाओं की पंचायत हुई थी।
लापरवाही रही हावी
मेरठ। शनिवार और रविवार को पुलिस की लापरवाही संघर्ष का कारण रही। कार और बाइक टकराने और रविवार को गांव में पंचायत की मुनादी के बावजूद पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया। पुलिस शनिवार को ही कार्रवाई करती तो मामला इतना तूल न पकड़ता।