फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Browning Factory meerut

राधना में तमंचा फैक्ट्री पकड़ी, तीन गिरफ्तार

Wed, 30 Mar 2016 01:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ Updated Wed, 30 Mar 2016 01:40 AM IST
विज्ञापन
Browning Factory meerut
मेरठ में पकड़े गए तमंचे और आरोपियों के साथ पुलिस। - फोटो : अमर उजाला

किठौर थाना क्षेत्र के राधना गांव के जंगल में मंगलवार सुबह पुलिस ने तमंचे बनाने की फैक्ट्री पकड़ी। मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने बताया कि वह एक दर्जन से अधिक तमंचे सप्लाई कर चुके हैं। पुलिस ने फैक्ट्री से एक दर्जन तमंचे और तमंचे बनाने के औजार बरामद किए। इस खुलासे पर डीआईजी ने किठौर पुलिस टीम को 12 हजार रुपये का इनाम दिया है।

विज्ञापन


एसएसपी डीसी दूबे ने मंगलवार शाम पुलिस लाइन में आरोपी मुजाहिद, साबु निवासी राधना किठौर और फकीरा निवासी किठौर को मीडिया से रूबरू कराया। उन्होंने बताया कि सुबह करीब आठ बजे एसपी देहात को मुखबिर ने सूचना दी कि किठौर के राधना गांव के जंगल में तमंचे बनाने की फैक्ट्री चल रही है। इस पर एसपी देहात, सीओ किठौर और इंस्पेक्टर किठौर ने बुंदू के ईख के खेत में छापा मारा। पुलिस को देखकर आरोपियों ने उनके ऊपर फायरिंग भी की। पुलिस ने जवाबी फायरिंग करते हुए तीन आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि उन्होंने कई महीने पहले यह फैक्ट्री चालू की थी। एसएसपी का कहना है कि जिन लोगों ने तमंचे खरीदे हैं, उनकी तलाश जारी है। उन्हें भी गिरफ्तार कर पुलिस जेल भेजेगी।  
विज्ञापन

चार हजार में बेचते थे ‘मौत’ 
पुलिस ने बताया कि इस फैक्ट्री से चार हजार रुपये में खुलेआम तमंचे बेचे जा रहे थे। किसी को तमंचा खरीदना होता था तो वह सीधे फैक्ट्री में जाता था। आरोपियों ने अपने कुछ साथियों को तमंचे बेचने की खातिर गांव-गांव में छोड़ा हुआ था।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस से थी साठगांठ
आरोपियों ने बताया कि कई महीने से उनकी फैक्ट्री चल रही थी। इसकी जानकारी किठौर पुलिस को थी, लेकिन आरोपी मुजाहिद पुलिस से साठगांठ कर लेता था। जिसके चलते फैक्ट्री पर छापा नहीं लगता था। पुलिस का कहना कि मुजाहिद साबू और फकीरा पहले भी तमंचे बनाकर बेचने के मामले में जेल जा चुके है। 

दिल्ली पुलिस ने खोली आंखें 
दिल्ली पुलिस ने दो महीने पहले हथियारों का सप्लायर गैंग पकड़ा था। जिसमें एक आरोपी राधना गांव का निवासी था। इसकी जानकारी लगने पर पुलिस ने राधना गांव और जंगल इलाके में अपनी टीम लगा दी। पुलिस के मुताबिक सटीक सूचना के बाद तमंचे की फैक्ट्री पकड़ी गई। आरोपियों पर जानलेवा हमले की धारा भी लगाई गई है। 


चुनावी सीजन में बढ़ती है तमंचे की डिमांड
चुनावी सीजन में तमंचे की डिमांड बढ़ती है, इसका खुलासा खुद आरोपियों ने किया। उन्होंने बताया कि वह ऑन डिमांड तमंचे बनाते हैं, सप्लाई करने के लिए उनका बड़ा नेटवर्क फैला हुआ है। राधना में बनने वाले तमंचे वेस्ट यूपी के अलावा अन्य राज्यों में सप्लाई होते हैं। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि तमंचे बनाने और सप्लाई करने वालों का नेटवर्क तोड़ा जाएगा। आरोपियों ने बताया प्रत्येक चुनाव से पहले तमंचों की ब्रिकी बढ़ती है। राधना में तमंचे बनाने की केवल एक फैक्ट्री नहीं है, इसकी जानकारी पुलिस को भी है। सप्लायरों पर खादी मेहरबान है, इसकी चर्चा आला अफसरों में है। पुलिस के मुताबिक आरोपी मुजाहिद ने बताया कि राधना के लोग मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, दिल्ली समेत कई जिलों में जाकर तमंचे बनाने लगे हैं। पुलिस ने तमंचे बनाने वालों की सूची बनाकर उनकी तलाश शुरू कर दी। एसएसपी डीसी दूबे ने बताया आरोपी ऑन डिमांड तमंचे बनाते थे। इसका खुलासा आरोपियों ने किया। आरोपी कई क्वालिटी के तमंचे बनाते है, जोकि फैक्ट्री से बरामद हुए है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed