{"_id":"33a8c57c4b3593f339dfa5a7309b9bc3","slug":"bribe-taker-babu-and-peons-arrested-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घूस लेकर बिल कम करने वाले बाबू और चपरासी गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
घूस लेकर बिल कम करने वाले बाबू और चपरासी गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Wed, 30 Sep 2015 01:54 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाउस टैक्स बिल कम करने की एवज में घूस लेने वाले नगर निगम के बाबू और एक चपरासी को एंटी करप्शन की टीम ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। एसपी एंटी करप्शन द्वारा यह कार्रवाई खुद की गई। हालांकि दोनों आरोपियों के कब्जे से रिश्वत की रकम बरामद नहीं हो पाई। आरोपियों ने बताया कि यह रकम उन्होंने पकड़े जाने से पहले ही निगम के ही तीसरे व्यक्ति को दे दी थी।
एसपी एंटी करप्शन दिनेश कुमार के अनुसार पीड़ित पक्ष जागृति विहार निवासी जयपाल गुप्ता का 65 हजार रुपये का हाउस टैक्स का बिल आया था। ज्यादा बिल आने पर कुछ दिन पहले उन्होंने नगर निगम पहुंचकर हाउस टैक्स विभाग में बाबू राजेंद्र शर्मा निवासी कंकरखेड़ा से इस संबंध में बात की थी। राजेंद्र ने बिल कम करने की एवज में जयपाल से 17 हजार रुपये की डिमांड कर दी थी। इस मामले में निगम का ही चपरासी मुकेश शर्मा भी शामिल था। जयपाल ने रिश्वत देकर काम कराने के बजाए इसकी शिकायत एंटी करप्शन ऑफिस पहुंचकर लिखित रूप में की थी।
शिकायत मिलने पर जयपाल को केमिकल लगे हुए 17 हजार रुपये दिए गए। मंगलवार शाम करीब पौने चार बजे जयपाल इन नोटों को लेकर नगर निगम पहुंचे और बाबू राजेंद्र शर्मा से मिले। जयपाल ने राजेंद्र को 17 हजार रुपये दिए और वहां से चले गए। जयपाल के जाने के कुछ देर के बाद एसपी दिनेश कुमार टीम के साथ पहुंचे और राजेंद्र शर्मा को पकड़ लिया। नगर निगम में एंटी करप्शन की टीम पहुंचने की खबर लगते ही हड़कंप मच गया।
विज्ञापन
एसपी ने बताया कि इस बीच में राजेंद्र ने चपरासी मुकेश के जरिए रुपये किसी तीसरे व्यक्ति को दे दिए थे। जब राजेंद्र और मुकेश के हाथ को पानी में डाला गया तो उनके हाथ से नोटों पर लगे केमिकल का रंग छूटने लगा। जिससे स्पष्ट हो गया कि दोनों ने रुपये लिए थे। पूछताछ में राजेंद्र ने बताया कि हाउस टैक्स विभाग में ही काम करने वाले सुरेश तोमर नाम के व्यक्ति को उसने रिश्वत की रकम दी थी। एसपी का कहना है कि सुरेश तोमर के बारे में पूरी जानकारी कर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। राजेंद्र और मुकेश को गिरफ्तार करते हुए थाना देहली गेट पुलिस को सौंप दिया गया। एसपी दिनेश कुमार की तरफ से दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना देहली गेट पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज कराया गया है।
विज्ञापन
एसपी एंटी करप्शन दिनेश कुमार के अनुसार पीड़ित पक्ष जागृति विहार निवासी जयपाल गुप्ता का 65 हजार रुपये का हाउस टैक्स का बिल आया था। ज्यादा बिल आने पर कुछ दिन पहले उन्होंने नगर निगम पहुंचकर हाउस टैक्स विभाग में बाबू राजेंद्र शर्मा निवासी कंकरखेड़ा से इस संबंध में बात की थी। राजेंद्र ने बिल कम करने की एवज में जयपाल से 17 हजार रुपये की डिमांड कर दी थी। इस मामले में निगम का ही चपरासी मुकेश शर्मा भी शामिल था। जयपाल ने रिश्वत देकर काम कराने के बजाए इसकी शिकायत एंटी करप्शन ऑफिस पहुंचकर लिखित रूप में की थी।
विज्ञापन
शिकायत मिलने पर जयपाल को केमिकल लगे हुए 17 हजार रुपये दिए गए। मंगलवार शाम करीब पौने चार बजे जयपाल इन नोटों को लेकर नगर निगम पहुंचे और बाबू राजेंद्र शर्मा से मिले। जयपाल ने राजेंद्र को 17 हजार रुपये दिए और वहां से चले गए। जयपाल के जाने के कुछ देर के बाद एसपी दिनेश कुमार टीम के साथ पहुंचे और राजेंद्र शर्मा को पकड़ लिया। नगर निगम में एंटी करप्शन की टीम पहुंचने की खबर लगते ही हड़कंप मच गया।
विज्ञापन
एसपी ने बताया कि इस बीच में राजेंद्र ने चपरासी मुकेश के जरिए रुपये किसी तीसरे व्यक्ति को दे दिए थे। जब राजेंद्र और मुकेश के हाथ को पानी में डाला गया तो उनके हाथ से नोटों पर लगे केमिकल का रंग छूटने लगा। जिससे स्पष्ट हो गया कि दोनों ने रुपये लिए थे। पूछताछ में राजेंद्र ने बताया कि हाउस टैक्स विभाग में ही काम करने वाले सुरेश तोमर नाम के व्यक्ति को उसने रिश्वत की रकम दी थी। एसपी का कहना है कि सुरेश तोमर के बारे में पूरी जानकारी कर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। राजेंद्र और मुकेश को गिरफ्तार करते हुए थाना देहली गेट पुलिस को सौंप दिया गया। एसपी दिनेश कुमार की तरफ से दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना देहली गेट पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज कराया गया है।