योगीराज में दंगे के लिए सिलेंडर बम बनाते समय विस्फोट, चीथड़े उड़ गए
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हापुड़ जिले के पसवाड़ा गांव में रविवार को सिलेंडर बम बनाते समय हुए विस्फोट होने के बाद लखनऊ तक हड़कंप मच गया। विस्फोट में एक युवक की बायीं बाजू के चीथड़े उड़ गए। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दंगों को अंजाम देने के लिए सिलेंडर बम बनाए जा रहे थे। उसी दौरान हादसा हुआ। घटना को आतंकी तैयारी से भी जोड़कर जांच की जा रही है इसलिए एंटी टेरेरिस्ट स्कवायड की टीम भी पड़ताल में जुट गई है। इसके अलावा गांव में एलआईयू, बम निरोधक दस्ते और फोरेंसिक टीमों ने निरीक्षण किया। घटना के बाद जोन में अलर्ट कर दिया गया है। देर रात आईजी जोन भी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस को आशंका है कि इस पूरे मामले में आठ से 10 लोग शामिल हो सकते हैं। विस्फोट के बाद सभी फरार हो गए। इनमें से भी कुछ के घायल होने की आशंका है। इसलिए आसपास के सभी जिलों के निजी और सरकारी अस्पतालों की जांच शुरू कर दी गई है।
ये विस्फोट पसवाड़ा में रविवार दोपहर बारह बजे के आसपास हुआ। अजीज खां के मकान में इस विस्फोट से समूचा गांव थर्रा उठा और अनहोनी की आशंका से लोग घटनास्थल की तरफ भागे। यहां मकान की दूसरी मंजिल पर बने कमरे की फर्श पर अजीज खां का बेटा सलमान लहूलुहान हालत में पड़ा था। उसकी बायीं बाजू के चीथड़े उड़ गए थे और उसका मांस छत के लेंटर पर चिपका हुआ था। परिजन आनन फानन में घायल सलमान को स्थानीय नर्सिंग होम ले गए। यहां हालत नाजुक देख चिकित्सकों ने उसे मेरठ रेफर कर दिया। सलमान को गुपचुप रूप से बाइक से मेरठ के दुआ अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इसकी भनक लगते ही एसपी हापुड़ आरएन यादव, एएसपी क्राइम मेरठ अजय कुमार सहदेव, क्राइम ब्रांच से दीक्षित त्यागी, हापुड़ इंस्पेक्टर आरके सिंह अस्पताल पहुंचे और सलमान को पुलिस हिरासत में मेडिकल में भर्ती कराया। एसएसपी मेरठ जे. रविंद्र गौड़ और एएसपी हापुड़ आरएन यादव सहित डीआईजी की स्पेशल टीम ने घायल सलमान से विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ की। पुलिस टीम ने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि बम बनाते समय विस्फोट हुआ है। इसमें कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं, लेकिन वह मौके से फरार हो गए।
आईजी और डीआईजी पहुंचे पसवाड़ा
विस्फोट की सूचना मिलते ही लखनऊ में वरिष्ठ अधिकारी भी सक्रिय हो गए। गृह सचिव की हिदायत मिलते ही रविवार रात करीब सवा 8 बजे आईजी जोन गांव पसवाड़ा पहुंचे। उन्होंने मौके का निरीक्षण करने के बाद स्थानीय अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उधर, छुट्टी से लौट रहे डीआईजी सुनील के.इमेनुएल भी रात करीब साढ़े 8 बजे ब्रजघाट से वाया पलवाड़ा होकर गांव पसवाड़ा में पहुंचे। उन्होंने सभी संभावित पहलुओं पर जांच पड़ताल करने के निर्देश दिए हैं।
बिजनौर जैसी आतंकी घटना का संदेह
बिजनौर के मौहल्ला जाटान में सितंबर 2014 में ऐसी ही घटना हुई थी, उसमें सिमी से जुडे़ आतंकी देश के कई हिस्सों में धमाके करने के लिए आईईडी बनाने का प्रयास कर रहे थे। बम बनाते समय विस्फोट हो गया था। धमाके के बाद बम बनाने वाले चार युवक फरार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक भाग रहे युवकों में से एक का कपड़ा भी जल रहा था। मौके पर पहुंची पुलिस ने 9 एमएम का पिस्टल, लैपटॉप, छोटा गैस सिलेंडर, मोबाइल, सिम कार्ड और तीन आईडी की बरामदगी की है। इस मामले में कुल छह आतंकियों के शामिल होने के बात सामने आई थी।
हापुड़ के एसपी रामनयन यादव ने बताया कि वे, एटीएस की टीम और आईजी की टीम मौके पर गई थी। जांच पड़ताल के बाद प्राथमिक जांच में मामला स्थानीय लग रहा है। फिर भी पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है।
शास्त्री नगर में सोमवार को दुआ हॉस्पिटल में पुलिस की एक टीम सीसीटीवी कैमरे के फुटेज तलाशने पहुंची। इसी हॉस्पिटल में हापुड़ में हुए विस्फोट में घायल सलमान को भर्ती कराया गया था। हॉस्पिटल में पुलिस के पहुंचने से पहले ही निसार भाग निकला था। फुटेज के आधार पर पुलिस फरार निसार की तलाश कर रही है।