फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   bhed khulnwe ke dhar se maara

भेद खुलने के डर से मारा था महामंडलेश्वर

Tue, 10 May 2016 02:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 10 May 2016 02:37 AM IST
विज्ञापन
bhed khulnwe ke dhar se maara
पकड़े गये महामंडलेश्वर के हत्यारे - फोटो : अमर उजाला
चर्चित महामंडलेश्वर राजेंद्र स्वरूप हत्याकांड का छह दिन बाद सोमवार को एसएसपी ने आधिकारिक खुलासा कर दिया। एसएसपी ने पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि फिरौती के रूप में मोटी रकम वसूलने के लिए अपहरण किया गया था,
विज्ञापन

लेकिन जंगल में महामंडलेश्वर अपहरणकर्ताओं पर भारी पड़ गए थे। भेद खुलने के डर से उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सात आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। जिनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त पिस्टल, तीन तमंचे और दो कार बरामद हुई हैं।
विज्ञापन


चाय की दुकान पर बनी प्लानिंग
एसएसपी के अनुसार फूलबाग कॉलोनी निवासी धीरज बीए करने के बाद खाली घूम रहा था। उसकी महामंडलेश्वर से अच्छी पहचान थी। वह जानता था कि महामंडलेश्वर के पास काफी पैसा रहता है। धीरज की दोस्ती वीशू अग्रवाल और दर्शन गुर्जर से थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

घटना से करीब 20 दिन पहले धीरज, दर्शन और वीशू ने सीसीएसयू के सामने स्थित एक चाय की दुकान पर महामंडलेश्वर का अपहरण करने की योजना बनायी थी। अपहरण के लिए गाड़ी और अन्य युवकों का इंतजाम दर्शन ने किया।

एक सप्ताह पहले की रेकी
अपहरण से एक सप्ताह पहले धीरज और वीशू ने दर्शन को महामंडलेश्वर के घर के पास ले जाकर उनकी  पहचान कराई। धीरज और वीशू ने उनकी रेकी की।

किडनैपिंग में बने एसटीएफ अफसर
तीन मई की रात धीरज और वीशू महामंडलेश्वर के घर के सामने सड़क किनारे खड़े होकर महामंडलेश्वर के बाहर आने का इंतजार करते रहे। कुछ दूरी पर दर्शन अपने साथी संजय और राणा के साथ ऑल्टो कार के साथ मौजूद था।
संजय का ड्राईवर राहुल संजय की महेंद्रा पिकप गाड़ी लेकर सीताराम हॉस्टल के पास खड़ा था। रात 9:30 बजे जैसे ही महामंडलेश्वर घर से बाहर दुर्गा प्रोविजन स्टोर पर आए तो धीरज ने दर्शन को फोन करके बताया। दर्शन, संजय और राणा तीनों वहां पहुंचे और महामंडलेश्वर पर पिस्टल और तमंचे तानते हुए खुद को एसटीएफ का अधिकारी बताकर कार में डाल लिया था।

किडनैप तो किया, संभाल नहीं पाए
एसएसपी ने बताया कि आरोपी महामंडलेश्वर का अपहरण करने के बाद उन्हें संभाल नहीं पाए। ये आरोपी महामंडलेश्वर को लेकर संजय के मामा के गांव ऐंचीखुर्द के जंगल में स्थित नलकूप पर लेकर पहुंचे थे।
जहां संजय का ममेरा भाई राहुल उनके लिए खाना और शराब लेकर पहुंचा था। सभी ने नलकूप पर बैठकर शराब पी। इसी दौरान जब महामंडलेश्वर ने पूछा कि आप कौन सी पार्टी से हो या कहां की पुलिस हो तो आरोपियों ने कहा कि हम न पुलिस हैं और न किसी पार्टी से।
हम तो तुम्हारा अपहरण करके लाए हैं। तुमसे मोटी रकम वसूलनी है। यह सुनकर महामंडलेश्वर ने शोर मचाते हुए आरोपियों से हाथापाई शुरू कर दी। आरोपियों ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ना चाहा तो शरीर से मजबूत महामंडलेश्वर आरोपियों पर भारी पड़ गए।
गांव में शोर न मच जाए इसलिए आरोपियों ने महामंडलेश्वर को किसी तरह पिकप में डाला और नंगला गोसाई के जंगल में ले जाकर दर्शन ने पिस्टल तो संजय ने तमंचे से महामंडलेश्वर को कनपटी पर गोली मार दी थी। आरोपियों ने महामंडलेश्वर के परिजनों से फिरौती भी नहीं मांगी थी।

एसटीएफ भी लगी थी
एसएसपी के अनुसार केस के खुलासे में नौचंदी पुलिस और क्राइम ब्रांच के अलावा एसटीएफ का भी सहयोग रहा। पुलिस टीम को 15 हजार का इनाम और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।
ये हुए गिरफ्तार
धीरज पुत्र विजयपाल निवासी फूलबाग कॉलोनी, नौचंदी
दर्शन सिंह पुत्र ओमकार साधारणपुर इंचौली
वीशु अग्रवाल पुत्र राजेश मंगलपांडेय नगर
संजय पुत्र नत्थू साधारणपुर इंचौली
प्रवेंद्र उर्फ राणा पुत्र गजे सिंह पीपलहेड़ा, खतौली मुजफ्फरनगर
राहुल पुत्र महेंद्र सिंह ऐंचीखुर्द परीक्षितगढ़
राहुल सिंह पुत्र भीम सिंह नानपुर गढ़ हापुड़
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed