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अचार व्यापारी से मांगी एक करोड़ की रंगदारी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 10 May 2016 02:40 AM IST
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रंगदारी
- फोटो : अमर उजाला
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शहर में फिरौती के लिए अपहरण और रंगदारी मांगने के मामलों ने फिर जोर पकड़ लिया है। डीजीपी जावीद अहमद के सोमवार को शहर में पहुंचने से पहले ही सदर के अचार व्यापारी को चिट्ठी भेजकर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांग ली गई।
पत्र में जहां व्यापारी और उनके बेटे को जान से मारने की धमकी दी गई है तो लिफाफे में कारतूस भी रखकर भेजा गया है। संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष के रिश्तेदार से रंगदारी मांगने का पता चलते ही व्यापारियों में रोष फैल गया। थाना लालकुर्ती पर तहरीर देते हुए सुरक्षा मांगी गई।
लालकुर्ती थाना अंतर्गत बेगमबाग निवासी मनोज अग्रवाल का गंज बाजार, सदर में आचार मुरब्बे का थोक का व्यापार है। मनोज ने बताया कि सोमवार सुबह छह बजे उनके घर के मेन गेट पर एक लिफाफा पड़ा था।
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उसे खोलकर देखा तो उसमें एक चिट्ठी और कारतूस मिला। हस्तलिखित चिट्ठी में उन्हें सोमवार रात नौ बजे तक लाल बैग में एक करोड़ रुपये की रकम लेकर नौचंदी के तिरंगा गेट पर पहुंचने को कहा गया। यह रकम उनका आदमी खुद आकर ले लेगा। ऐसा न करने पर उन्हें और उनके बेटे को गोली मारने की धमकी दी गई।
रंगदारी की चिट्ठी मिलने की जानकारी पर व्यापारियों में रोष फैल गया। वह मनोज अग्रवाल के घर पहुंचना शुरू हो गए। संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता, सरदार दलजीत सिंह, भाजपा नेता सुरेश जैन रितुराज आदि ने व्यापारी से मामले की जानकारी ली।
इसकी सूचना पुलिस अफसरों को दी गई। शाम को मनोज ने व्यापारियों के साथ लालकुर्ती थाने पहुंचकर तहरीर के साथ रंगदारी की चिट्ठी और कारतूस पुलिस को दिया। पुलिस ने व्यापारी को सुरक्षा कर्मी उपलब्ध करा दिया है।
मुकीम जैसे किसी बड़े गैंग का हाथ
मेरठ। जिस तरह से व्यापारी को चिट्ठी के साथ कारतूस भेजा गया है, उससे यह काम किसी बड़े गैंग का माना जा रहा है। चिट्ठी प्लेन पेपर पर लिखी गई है। लिखावट भी बेहद खराब है। व्यापारी के पिता का नाम भी लिखा है।
अभद्र भाषा और गालीगलौज का प्रयोग किया गया है। चिट्ठी में व्यापारी के पास काफी पैसा होने की बात कही गई है। इस तरह की चिट्ठी भेजकर शामली के कैराना कस्बे में व्यापारियों से रंगदारी मांगी जाती थी।
जिसके पीछे मुकीम काला गैंग का नाम सामने आया था। बागपत के अग्रवाल मंडी टटीरी कस्बे के व्यापारियों को भी इसी तरह की चिट्ठियां मिली थी। चिट्ठी के साथ भेजा गया कारतूस .38 बोर का लग रहा है, जो प्रतिबंधित बोर है।
हाल के केस
रंगदारी न देने पर लालकुर्ती में अल्ट्रासाउंड सेंटर पर फायरिंग की गई। सरुरपुर के खिवाई में रंगदारी न देने पर व्यापारी अजित जैन की हत्या कर दी गई थी। व्यापारी से रंगदारी मांगने, परतापुर में व्यापारी से लूट चोरी में दर्ज करने आदि कई मामलों में व्यापारी मंगलवार को डीजीपी से मिलेंगे।
दहशत में व्यापारी का परिवार
रंगदारी की चिट्ठी मिलने से व्यापारी का परिवार दहशत में है। चिट्ठी के अनुसार पुलिस को जानकारी देने या रकम न पहुंचाने पर गोली मारने की धमकी दी गई थी, इसलिए व्यापारी का परिवार डरा सहमा है। परिजन घर से निकलने में भी घबरा रहे हैं।
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पत्र में जहां व्यापारी और उनके बेटे को जान से मारने की धमकी दी गई है तो लिफाफे में कारतूस भी रखकर भेजा गया है। संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष के रिश्तेदार से रंगदारी मांगने का पता चलते ही व्यापारियों में रोष फैल गया। थाना लालकुर्ती पर तहरीर देते हुए सुरक्षा मांगी गई।
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लालकुर्ती थाना अंतर्गत बेगमबाग निवासी मनोज अग्रवाल का गंज बाजार, सदर में आचार मुरब्बे का थोक का व्यापार है। मनोज ने बताया कि सोमवार सुबह छह बजे उनके घर के मेन गेट पर एक लिफाफा पड़ा था।
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उसे खोलकर देखा तो उसमें एक चिट्ठी और कारतूस मिला। हस्तलिखित चिट्ठी में उन्हें सोमवार रात नौ बजे तक लाल बैग में एक करोड़ रुपये की रकम लेकर नौचंदी के तिरंगा गेट पर पहुंचने को कहा गया। यह रकम उनका आदमी खुद आकर ले लेगा। ऐसा न करने पर उन्हें और उनके बेटे को गोली मारने की धमकी दी गई।
रंगदारी की चिट्ठी मिलने की जानकारी पर व्यापारियों में रोष फैल गया। वह मनोज अग्रवाल के घर पहुंचना शुरू हो गए। संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता, सरदार दलजीत सिंह, भाजपा नेता सुरेश जैन रितुराज आदि ने व्यापारी से मामले की जानकारी ली।
इसकी सूचना पुलिस अफसरों को दी गई। शाम को मनोज ने व्यापारियों के साथ लालकुर्ती थाने पहुंचकर तहरीर के साथ रंगदारी की चिट्ठी और कारतूस पुलिस को दिया। पुलिस ने व्यापारी को सुरक्षा कर्मी उपलब्ध करा दिया है।
मुकीम जैसे किसी बड़े गैंग का हाथ
मेरठ। जिस तरह से व्यापारी को चिट्ठी के साथ कारतूस भेजा गया है, उससे यह काम किसी बड़े गैंग का माना जा रहा है। चिट्ठी प्लेन पेपर पर लिखी गई है। लिखावट भी बेहद खराब है। व्यापारी के पिता का नाम भी लिखा है।
अभद्र भाषा और गालीगलौज का प्रयोग किया गया है। चिट्ठी में व्यापारी के पास काफी पैसा होने की बात कही गई है। इस तरह की चिट्ठी भेजकर शामली के कैराना कस्बे में व्यापारियों से रंगदारी मांगी जाती थी।
जिसके पीछे मुकीम काला गैंग का नाम सामने आया था। बागपत के अग्रवाल मंडी टटीरी कस्बे के व्यापारियों को भी इसी तरह की चिट्ठियां मिली थी। चिट्ठी के साथ भेजा गया कारतूस .38 बोर का लग रहा है, जो प्रतिबंधित बोर है।
हाल के केस
रंगदारी न देने पर लालकुर्ती में अल्ट्रासाउंड सेंटर पर फायरिंग की गई। सरुरपुर के खिवाई में रंगदारी न देने पर व्यापारी अजित जैन की हत्या कर दी गई थी। व्यापारी से रंगदारी मांगने, परतापुर में व्यापारी से लूट चोरी में दर्ज करने आदि कई मामलों में व्यापारी मंगलवार को डीजीपी से मिलेंगे।
दहशत में व्यापारी का परिवार
रंगदारी की चिट्ठी मिलने से व्यापारी का परिवार दहशत में है। चिट्ठी के अनुसार पुलिस को जानकारी देने या रकम न पहुंचाने पर गोली मारने की धमकी दी गई थी, इसलिए व्यापारी का परिवार डरा सहमा है। परिजन घर से निकलने में भी घबरा रहे हैं।