मेरठ के बाद अब मुजफ्फरनगर में वकील की हत्या, अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश, मौके पर फोर्स तैनात
मेरठ के बाद अब मुजफ्फरनगर में युवा अधिवक्ता की हत्या कर दी गई। पुलिस की पकड़ में आए तीन युवकों ने चलती कार में रस्सी से गला घोंटकर अधिवक्ता की हत्या करने और शव भोपा क्षेत्र में फेंकने की जानकारी दी। पुलिस टीम शव को तलाश कर रही हैं। क्षेत्र में तनाव के मद्देनजर पुलिस व पीएसी को तैनात किया गया है। वहीं, थाने में देर रात तक हंगामा चलता रहा।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला लद्दावाला निवासी अधिवक्ता समीर सैफी (28) पुत्र अजहर सैफी 15 अक्तूबर की रात करीब साढ़े सात बजे घर से कुछ दोस्तों के साथ जाने की बात कहकर निकले थे। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजन थाने पहुंचे, जहां देर रात करीब ढाई बजे उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई। तभी से परिजन उनको तलाश कर रहे थे, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। शुक्रवार को परिजनों व अधिवक्ताओं ने पुलिस ऑफिस पहुंचकर अधिवक्ता को तलाश कराने की मांग की थी, जिसे लेकर उनकी एसपी सिटी सतपाल आंतिल से तीखी नोकझोंक भी हो गई थी। पुलिस ने शुक्रवार को ही अधिवक्ता के तीन दोस्तों को शक के आधार पर हिरासत में लिया था, जिन्होंने शनिवार देर रात पूछताछ में चलती कार में गला दबाकर अधिवक्ता की हत्या करने और शव को भोपा क्षेत्र में फेंकने की जानकारी दी। अधिवक्ता की हत्या किए जाने की स्वीकारोक्ति के बाद आनन-फानन में एक टीम भोपा क्षेत्र में शव की बरामदगी के लिए भेज दी गई।
इंस्पेक्टर अनिल कपरवान का कहना है कि मामला रुपयों के लेन देन से जुड़ा हुआ है। तीन युवकों को हिरासत में लिया गया है, जिन्होंने अधिवक्ता की हत्या करने की जानकारी दी है। शव की तलाश के लिए एक टीम भोपा क्षेत्र में भेजी गई है।
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अधिवक्ता की हत्या के बाद हंगामा
मोहल्ला लद्दावाला निवासी युवा अधिवक्ता समीर सैफी के लापता होने के बाद हत्या की सूचना से अधिवक्ताओं में आक्रोश फैल गया है। शनिवार देर रात बड़ी संख्या में अधिवक्ता शहर कोतवाली पहुंचे और वहीं बैठकर धरना शुरू कर दिया। रोते-बिलखते परिजन जहां थाना पुलिस की लापरवाही से अधिवक्ता की मौत होने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं गुस्साए अधिवक्ताओं ने एक अफसर की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए जमकर हंगामा किया।
पीड़ित परिजनों का कहना है कि उन्होंने समीर सैफी के लापता होने के बाद उसके कुछ दोस्तों के नाम पुलिस को बताए थे, जिन्हें पुलिस ने पूछताछ के बाद छोड़ दिया था। तीन दिन से लगातार पुलिस उन्हें अलग-अलग दावे कर बरगला रही थी। आरोप लगाया कि यदि पुलिस गंभीरता से कार्रवाई करती तो समीर सैफी की जान नहीं जाती। उधर, अधिवक्ताओं का कहना है कि वे शुक्रवार को समीर सैफी की सकुशल बरामदगी के लिए पुलिस ऑफिस में एसपी सिटी सतपाल आंतिल से मिले थे।
आरोप है कि अफसर द्वारा युवा अधिवक्ता पर अनर्गल आरोप लगाते हुए उसके परिजनों को भी धमकाया गया। अधिवक्ताओं ने एसपी सिटी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमकर हंगामा किया, जिन्हें उन्हीं के साथियों ने समझा- बुझाकर शांत किया। देर रात तक बड़ी संख्या में अधिवक्ता थाने में ही धरना देकर हंगामा कर रहे थे, वहीं, कई थानों की फोर्स के साथ सीओ नई मंडी हरीश सिंह भदौरिया भी शहर कोतवाली में ही मौजूद थे। इसके अलावा, बकरा मार्केट व लद्दावाला क्षेत्र में भी तनाव के मद्देनजर भारी संख्या में फोर्स व पीएसी को तैनात कर दिया गया है।
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