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एटीएम में चोरी
Updated Sat, 12 Aug 2017 03:04 AM IST
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बैंक, ,गार्ड, एक्सपर्ट शक के दायरे में
यूनियन बैंक के एटीएम से 8.69 लाख चोरी के मामले की जांच शुरू
मेरठ।
यूनियन बैंक के एटीएम से 8.69 लाख रुपये की चोरी के मामले में बैंक स्टाफ, गार्ड और आउट सोर्स कंपनी के जुडे़ एक्सपर्ट संदेह के दायरे में हैं। एटीएम में चोरी की ये घटना हैरान करने वाली है। जिस तरह से कैश चोरी किया गया उससे कई लोग पुलिस के शक के दायरे में आ गए हैं। एसपी सिटी मान सिंह चौहान के अनुसार बैंक द्वारा एटीएम में तकनीकी खराबी ठीक करने वाली आउट सोर्स कंपनी को जुलाई के आखिरी सप्ताह में ही बदला गया है। चूंकि कंपनी के आईटी एक्सपर्ट के पास एटीएम खोलने का पासवर्ड होता है, ऐसे में पुलिस को शक है कि इसमें पहली कंपनी से जुड़े आईटी एक्सपर्ट का हाथ हो सकता है।
एक प्राइवेट बैंक के शाखा प्रबंधक के अनुसार बैंक द्वारा जिस आउट सोर्स कंपनी को कैश डालने या एटीएम की तकनीकी खराबी ठीक करने के लिए अधिकृत किया जाता है। उस कंपनी द्वारा अपने चार या पांच कर्मचारियों, आईटी एक्सपर्ट्स के नाम और फोटो बैंक को उपलब्ध कराने होते हैं। इन फोटो के आधार पर बैंक अधिकारी उनके चेहरे का मिलान कराने के बाद ही एटीएम में काम कराने की अनुमति देते हैं। ऐसे में संबधित ब्रांच के स्टाफ और सुरक्षा गार्ड दोनों शक के दायरे में हैं। चोरों ने खुद को आईटी इंजीनियर बताया और बिना वैरीफिकेशन के उन्हें एटीएम में जाने दिया गया। इसमें गार्ड और संबंधित ब्र्रांच के जिम्मेदार अधिकारी की भी कम लापरवाही नहीं है। शक की सुई उन पर भी है। एसओ लिसाड़ी गेट धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि बैंक से जुडे़ व्यक्ति के बिना ये घटना संभव नहीं है।
ऐसे होती है एटीएम की व्यवस्था
कुछ बैंकों ने अपने सभी एटीएम आउट सोर्स कंपनियों को दिए हैं। एटीएम में कैश डालना, उसकी तकनीकी खराबी ठीक कराने से लेकर उसमें गार्ड रखने आदि तमाम व्यवस्थाएं कंपनी ही करती है। बैंक उन्हें प्रति ट्रांजेक्शन तय भुगतान करता है। कुछ बैंकों द्वारा केवल कैश डालने के लिए ही कंपनी को अधिकृत किया जाता है। कैश देने समेत बाकी व्यवस्था भी बैंक ही करता है।
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जांच में सहयोग करेंगे :एजीएम
यूनियन बैंक की संबंधित ब्रांच के सहायक महाप्रबंधक पीएन चौधरी ने बैंक की नियमों का हवाला देकर इस बारे में कोई भी जानकारी देने में असमर्थता जताई। बताया कि वह इस मामले की जांच में पुलिस को पूरा सहयोग करेंगे।
कोट
ये घटना गंभीर है। बैंक अधिकारी, गार्ड के अलावा आउट सोर्स कंपनी के लोग भी शक के दायरे में हैं। लापरवाही भी हुई है। पुलिस हर बिंदु पर काम कर रही है। पुलिस जल्द आरोपियों तक पहुंचेगी।
मान सिंह चौहान एसपी सिटी
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यूनियन बैंक के एटीएम से 8.69 लाख चोरी के मामले की जांच शुरू
मेरठ।
यूनियन बैंक के एटीएम से 8.69 लाख रुपये की चोरी के मामले में बैंक स्टाफ, गार्ड और आउट सोर्स कंपनी के जुडे़ एक्सपर्ट संदेह के दायरे में हैं। एटीएम में चोरी की ये घटना हैरान करने वाली है। जिस तरह से कैश चोरी किया गया उससे कई लोग पुलिस के शक के दायरे में आ गए हैं। एसपी सिटी मान सिंह चौहान के अनुसार बैंक द्वारा एटीएम में तकनीकी खराबी ठीक करने वाली आउट सोर्स कंपनी को जुलाई के आखिरी सप्ताह में ही बदला गया है। चूंकि कंपनी के आईटी एक्सपर्ट के पास एटीएम खोलने का पासवर्ड होता है, ऐसे में पुलिस को शक है कि इसमें पहली कंपनी से जुड़े आईटी एक्सपर्ट का हाथ हो सकता है।
एक प्राइवेट बैंक के शाखा प्रबंधक के अनुसार बैंक द्वारा जिस आउट सोर्स कंपनी को कैश डालने या एटीएम की तकनीकी खराबी ठीक करने के लिए अधिकृत किया जाता है। उस कंपनी द्वारा अपने चार या पांच कर्मचारियों, आईटी एक्सपर्ट्स के नाम और फोटो बैंक को उपलब्ध कराने होते हैं। इन फोटो के आधार पर बैंक अधिकारी उनके चेहरे का मिलान कराने के बाद ही एटीएम में काम कराने की अनुमति देते हैं। ऐसे में संबधित ब्रांच के स्टाफ और सुरक्षा गार्ड दोनों शक के दायरे में हैं। चोरों ने खुद को आईटी इंजीनियर बताया और बिना वैरीफिकेशन के उन्हें एटीएम में जाने दिया गया। इसमें गार्ड और संबंधित ब्र्रांच के जिम्मेदार अधिकारी की भी कम लापरवाही नहीं है। शक की सुई उन पर भी है। एसओ लिसाड़ी गेट धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि बैंक से जुडे़ व्यक्ति के बिना ये घटना संभव नहीं है।
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ऐसे होती है एटीएम की व्यवस्था
कुछ बैंकों ने अपने सभी एटीएम आउट सोर्स कंपनियों को दिए हैं। एटीएम में कैश डालना, उसकी तकनीकी खराबी ठीक कराने से लेकर उसमें गार्ड रखने आदि तमाम व्यवस्थाएं कंपनी ही करती है। बैंक उन्हें प्रति ट्रांजेक्शन तय भुगतान करता है। कुछ बैंकों द्वारा केवल कैश डालने के लिए ही कंपनी को अधिकृत किया जाता है। कैश देने समेत बाकी व्यवस्था भी बैंक ही करता है।
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जांच में सहयोग करेंगे :एजीएम
यूनियन बैंक की संबंधित ब्रांच के सहायक महाप्रबंधक पीएन चौधरी ने बैंक की नियमों का हवाला देकर इस बारे में कोई भी जानकारी देने में असमर्थता जताई। बताया कि वह इस मामले की जांच में पुलिस को पूरा सहयोग करेंगे।
कोट
ये घटना गंभीर है। बैंक अधिकारी, गार्ड के अलावा आउट सोर्स कंपनी के लोग भी शक के दायरे में हैं। लापरवाही भी हुई है। पुलिस हर बिंदु पर काम कर रही है। पुलिस जल्द आरोपियों तक पहुंचेगी।
मान सिंह चौहान एसपी सिटी