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15 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोचा एचसीपी
Updated Sat, 24 Mar 2018 02:35 AM IST
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- दहेज उत्पीड़न के मुकदमे में एफआर लगानी थी
- एंटी करप्शन टीम ने कचहरी में रुपयों संग दबोचा
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
एंटी करप्शन टीम ने शुक्रवार दोपहर 15 हजार की रिश्वत लेते एचसीपी को रंगेहाथ दबोच लिया। एचसीपी दहेज उत्पीड़न मुकदमे की जांच कर रहे थे। हालांकि पीड़ित महिला और उसके पति के बीच समझौता हो गया था, लेकिन एचसीपी मुकदमे में एफआर लगाने के एवज में महिला से 50 हजार रुपये मांग रहा था। एंटी करप्शन ने आरोपी एचसीपी को कचहरी में गिरफ्तार कर सिविल लाइन पुलिस को सौंप दिया।
लिसाड़ीगेट के लखीपुरा निवासी गुलिफ्शा पुत्री मरहूम नसीरूद्दीन ने बृहस्पतिवार सुबह एंटी करप्शन मेरठ में शिकायत की थी कि लिसाड़ीगेट थाने में तैनात एचसीपी सुखपाल सिंह राघव रिश्वत मांग रहे हैं। एंटी करप्शन टीम ने शुक्रवार सुबह ही एचसीपी को रंगेहाथ पकड़ने की प्लानिंग कर ली। एचसीपी ने रिश्वत के पैसे लेने के लिए महिला को कचहरी गेट पर जयसवाल फोटो स्टेट पर बुला लिया। एचसीपी ने जैसे ही रिश्वत के 15 हजार रुपये लिए, एंटी करप्शन इंस्पेक्टर जेके तोमर और उनकी टीम ने उसे रंगेहाथ दबोच लिया।
इस मामले में ली रिश्वत
इंस्पेक्टर जेके तोमर ने बताया है गुलिफ्शा का निकाह 29 जून 2017 में शौकीन निवासी सुभाष नॉर्थ दिल्ली से हुआ था। दहेज को लेकर दंपति में विवाद हो गया। लिसाड़ीगेट थाने में गुलिफ्शा की शिकायत पर मुकदमा दर्ज हुआ था। इसकी विवेचना 20 फरवरी 2018 से एचसीपी सुखपाल सिंह कर रहे थे। इस बीच दोनों परिवार में समझौता हो गया। इसका शपथ पत्र विवेचक सुखपाल सिंह को दिया। विवेचक ने 50 हजार रुपये की डिमांड कर एफआर लगाने की बात कही।
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एचसीपी ने की थी सौदेबाजी
तीन दिन से एचसीपी फोन कर गुलिफ्शा से पैसे मांग रहा था। बाद में बात 15 हजार में तय हुई। शुक्रवार सुबह से ही एचसीपी ने फोन करने शुरू कर दिए। महिला लिसाड़ीगेट थाने पहुंची। वहां एचसीपी नहीं मिले। उसके बाद एचसीपी ने महिला को कचहरी आने को कहा। महिला एंटी करप्शन टीम के भी संपर्क में थी। महिला ने कचहरी में एचसीपी को जैसे ही पैसे दिए एंटी करप्शन टीम ने उसको दबोच लिया।
दरोगा जी... पकड़े जाओगे
महिला से रिश्वत मांगी जा रही है। एंटी करप्शन में एचसीपी की शिकायत हो चुकी है। इसके बारे में इंस्पेक्टर लिसाड़ीगेट मोहम्मद असलम को भी जानकारी थी। इंस्पेक्टर ने सुखपाल सिंह को बताया था कि दरोगा जी पकड़े जाओगे। तुम्हारे पीछे एंटी करप्शन लगी है। इसके बावजूद भी सुखपाल सिंह नहीं माने।
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- एंटी करप्शन टीम ने कचहरी में रुपयों संग दबोचा
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
एंटी करप्शन टीम ने शुक्रवार दोपहर 15 हजार की रिश्वत लेते एचसीपी को रंगेहाथ दबोच लिया। एचसीपी दहेज उत्पीड़न मुकदमे की जांच कर रहे थे। हालांकि पीड़ित महिला और उसके पति के बीच समझौता हो गया था, लेकिन एचसीपी मुकदमे में एफआर लगाने के एवज में महिला से 50 हजार रुपये मांग रहा था। एंटी करप्शन ने आरोपी एचसीपी को कचहरी में गिरफ्तार कर सिविल लाइन पुलिस को सौंप दिया।
लिसाड़ीगेट के लखीपुरा निवासी गुलिफ्शा पुत्री मरहूम नसीरूद्दीन ने बृहस्पतिवार सुबह एंटी करप्शन मेरठ में शिकायत की थी कि लिसाड़ीगेट थाने में तैनात एचसीपी सुखपाल सिंह राघव रिश्वत मांग रहे हैं। एंटी करप्शन टीम ने शुक्रवार सुबह ही एचसीपी को रंगेहाथ पकड़ने की प्लानिंग कर ली। एचसीपी ने रिश्वत के पैसे लेने के लिए महिला को कचहरी गेट पर जयसवाल फोटो स्टेट पर बुला लिया। एचसीपी ने जैसे ही रिश्वत के 15 हजार रुपये लिए, एंटी करप्शन इंस्पेक्टर जेके तोमर और उनकी टीम ने उसे रंगेहाथ दबोच लिया।
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इस मामले में ली रिश्वत
इंस्पेक्टर जेके तोमर ने बताया है गुलिफ्शा का निकाह 29 जून 2017 में शौकीन निवासी सुभाष नॉर्थ दिल्ली से हुआ था। दहेज को लेकर दंपति में विवाद हो गया। लिसाड़ीगेट थाने में गुलिफ्शा की शिकायत पर मुकदमा दर्ज हुआ था। इसकी विवेचना 20 फरवरी 2018 से एचसीपी सुखपाल सिंह कर रहे थे। इस बीच दोनों परिवार में समझौता हो गया। इसका शपथ पत्र विवेचक सुखपाल सिंह को दिया। विवेचक ने 50 हजार रुपये की डिमांड कर एफआर लगाने की बात कही।
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एचसीपी ने की थी सौदेबाजी
तीन दिन से एचसीपी फोन कर गुलिफ्शा से पैसे मांग रहा था। बाद में बात 15 हजार में तय हुई। शुक्रवार सुबह से ही एचसीपी ने फोन करने शुरू कर दिए। महिला लिसाड़ीगेट थाने पहुंची। वहां एचसीपी नहीं मिले। उसके बाद एचसीपी ने महिला को कचहरी आने को कहा। महिला एंटी करप्शन टीम के भी संपर्क में थी। महिला ने कचहरी में एचसीपी को जैसे ही पैसे दिए एंटी करप्शन टीम ने उसको दबोच लिया।
दरोगा जी... पकड़े जाओगे
महिला से रिश्वत मांगी जा रही है। एंटी करप्शन में एचसीपी की शिकायत हो चुकी है। इसके बारे में इंस्पेक्टर लिसाड़ीगेट मोहम्मद असलम को भी जानकारी थी। इंस्पेक्टर ने सुखपाल सिंह को बताया था कि दरोगा जी पकड़े जाओगे। तुम्हारे पीछे एंटी करप्शन लगी है। इसके बावजूद भी सुखपाल सिंह नहीं माने।