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मोबाइल टावर के महंगे पार्ट्स चोरी कर ऑनलाइन बेचने वाले धरे
Updated Wed, 23 Aug 2017 02:31 AM IST
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मेरठ। प्राइवेट सिक्योरिटी कंपनी की टीम ने परतापुर के जैनपुर के मोबाइल टावर पर चोरी करते दो युवकों को पकड़ लिया। पूछताछ में पता चला कि ये लोग टावरों से महंगे पार्ट्स चोरी कर ऑनलाइन बेचते हैं।
परतापुर पुलिस के अनुसार पूछताछ में इन आरोपियों मोहित पुत्र ज्ञानेंद्र निवासी इंद्रानगर ब्रह्मपुरी और अमरीश पुत्र राजेंद्र निवासी शिव शक्ति नगर ब्रह्मपुरी ने पहले खुद को मोबाइल टावर इंजीनियर बताया। कहा कि कंपनी ने ही टावर ठीक करने भेजा है। लेकिन कंपनी के अधिकारियों से बात की गई तो इनकी असलियत सामने आई।
सीसीटीवी कैमरे में हुए थे कैद
पुलिस के अनुसार इन दोनों ने नूरनगर लिसाड़ी गेट और कंकरखेड़ा स्थित मोबाइल टावर में भी चोरी की थी। जहां ये सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे।
टावरों पर चढ़ने में एक्सपर्ट
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी ग्रेजुएट हैं। कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। साथ ही टावरों पर चढ़ने में भी ये एक्सपर्ट हैं। सेफ्टी बेल्ट आदि से ये चढ़ते हैं और कुछ ही मिनटों में छह लाख का कार्ड चोरी कर निकल जाते हैं।
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इम्पोटेड कार्ड चोरी करते हैं
इंस्पेक्टर के अनुसार इस गैंग का टावर पर लगे इम्पोटेड ई-नॉटबी कार्ड होते हैं। इसे यूएसए की एक कंपनी ही पूरे देश की मोबाइल कंपनियों को सप्लाई करती है। इसकी कीमत करीब छह लाख होती है। इनके कब्जे से ई-नॉटबी कार्ड, सेफ्टी बेल्ट, रिंच, पेचकस, पैक्सा ब्लेड आदि बरामद हुआ।
ऑनलाइन बेचते थे चोरी के कार्ड
पूछताछ में उन्होंने बताया कि ये लोग ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल के माध्यम से इन डिवाइस को अनयूज बताकर बेचते थे। बेचने का काम लिसाड़ी गेट का युवक करता था। जो इनके ही गैंग में शामिल है। खरीददार को बुलाकर वे उन्हें कार्ड बेच देते थे। दिल्ली में भी इनके द्वारा कार्ड बेचने की बात पता चली है।
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परतापुर पुलिस के अनुसार पूछताछ में इन आरोपियों मोहित पुत्र ज्ञानेंद्र निवासी इंद्रानगर ब्रह्मपुरी और अमरीश पुत्र राजेंद्र निवासी शिव शक्ति नगर ब्रह्मपुरी ने पहले खुद को मोबाइल टावर इंजीनियर बताया। कहा कि कंपनी ने ही टावर ठीक करने भेजा है। लेकिन कंपनी के अधिकारियों से बात की गई तो इनकी असलियत सामने आई।
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सीसीटीवी कैमरे में हुए थे कैद
पुलिस के अनुसार इन दोनों ने नूरनगर लिसाड़ी गेट और कंकरखेड़ा स्थित मोबाइल टावर में भी चोरी की थी। जहां ये सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे।
टावरों पर चढ़ने में एक्सपर्ट
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी ग्रेजुएट हैं। कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। साथ ही टावरों पर चढ़ने में भी ये एक्सपर्ट हैं। सेफ्टी बेल्ट आदि से ये चढ़ते हैं और कुछ ही मिनटों में छह लाख का कार्ड चोरी कर निकल जाते हैं।
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इम्पोटेड कार्ड चोरी करते हैं
इंस्पेक्टर के अनुसार इस गैंग का टावर पर लगे इम्पोटेड ई-नॉटबी कार्ड होते हैं। इसे यूएसए की एक कंपनी ही पूरे देश की मोबाइल कंपनियों को सप्लाई करती है। इसकी कीमत करीब छह लाख होती है। इनके कब्जे से ई-नॉटबी कार्ड, सेफ्टी बेल्ट, रिंच, पेचकस, पैक्सा ब्लेड आदि बरामद हुआ।
ऑनलाइन बेचते थे चोरी के कार्ड
पूछताछ में उन्होंने बताया कि ये लोग ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल के माध्यम से इन डिवाइस को अनयूज बताकर बेचते थे। बेचने का काम लिसाड़ी गेट का युवक करता था। जो इनके ही गैंग में शामिल है। खरीददार को बुलाकर वे उन्हें कार्ड बेच देते थे। दिल्ली में भी इनके द्वारा कार्ड बेचने की बात पता चली है।