फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   टेंपो चालक की मौत, हत्या-आत्महत्या में उलझी कहानी

टेंपो चालक की मौत, हत्या-आत्महत्या में उलझी कहानी

Thu, 14 Sep 2017 02:08 AM IST
Updated Thu, 14 Sep 2017 02:08 AM IST
विज्ञापन
टेंपो चालक की मौत, हत्या-आत्महत्या में उलझी कहानी
मेरठ/कंकरखेड़ा। सरधना रोड स्थित गणपति एंकलेव में बुधवार सुबह एक टेंपो चालक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिजनों का दावा है कि युवक ने अपने कमरे में कनपटी से तमंचा सटाकर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। वहीं, पुलिस घटनास्थल का मुआयना करने के बाद इसे हत्या प्रतीत होना मान रही है।
विज्ञापन

पुलिस के अनुसार गांव बुढ़सैनी थाना बिनौली बागपत निवासी टेंपो चालक उपेंद्र कुमार (24 ) पुत्र स्व. महक सिंह कंकरखेड़ा के गणपति एंकलेव में दो भाईयों सौभान व सतेंद्र के साथ रहता था। बुधवार सुबह उपेंद्र के कमरे से गोली चलने की आवाज आई। परिजन दौड़कर पहुंचे तो उपेंद्र लहूलुहान हालत में जमीन पर पड़ा था। उसकी कनपटी पर बाई तरफ गोली लगी थी और तमंचा उसके सीने पर रखा था। सूचना पर इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा सचिन मलिक मौके पर पहुंचे। इंस्पेक्टर के मुताबिक परिजनों ने बताया कि उपेंद्र पर काफी कर्जा था, जिसके चलते वह कई दिनों से परेशान था। उपेंद्र ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या की है।
विज्ञापन

संदिग्ध प्रतीत होता मामला
इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा सचिन मलिक के अनुसार मौका मुआयने के बाद मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। आत्महत्या करने वाले लोग अमूमन कनपटी के दाहिने तरफ गोली मारते हैं। गोली लगने के बाद तमंचा, पिस्टल या रिवाल्वर जमीन पर गिर जाती है। लेकिन इस केस में उपेंद्र की बायीं कनपटी पर गोली लगी मिली। दूसरे, तमंचा उसके सीने पर आधा कमीज के अंदर और आधा बाहर मिला। कनपटी में गोली लगने के बाद इतनी मोहलत शायद ही मिल जाती होगी कि असलहे को इस तरह रख दिया जाए। बकौल इंस्पेक्टर, परिजन मामले को आत्महत्या बता रहे हैं। लेकिन प्रारंभिक जांच और मौका मुआयना में हत्या जैसा प्रतीत हो रहा हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मामला स्पष्ट हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

सूदखोरों ने परेशान था उपेंद्र
परिजनों के अनुसार अविवाहित उपेंद्र ने काफी पैसा ले रखा था। जमीन भी बेच दी, इसके बावजूद भी कर्जा नहीं उतरा। सूदखोरों के रोजाना तकादों से उपेंद्र बहुत परेशान था। पुलिस इसकी भी जांच कर रही है कि इतनी उम्र में आखिर उस पर इतना ज्यादा कर्जा कैसे हो गया। उपेंद्र दोनों भाईयों से छोटा था। घटना के समय भाई घर पर नहीं थे। लौटने पर शव देखकर भाईयों और परिजनों में कोहराम मच गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed