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स्कूल से छुट्टी के बाद लापता हुआ सातवीं का छात्र
Updated Tue, 20 Feb 2018 02:40 AM IST
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मेरठ। दीवान पब्लिक स्कूल कैंट में सातवीं के छात्र के छुट्टी के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने से हड़कंप मच गया। काफी तलाश के बाद रात को छात्र के दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मिलने की जानकारी हुई। छात्र घर के तनाव की वजह से मेरठ से ट्रेन में बैठकर दिल्ली चला गया था।
पुलिस के अनुसार शास्त्रीनगर एल ब्लॉक निवासी हेमंत तलवार एलआईसी में हैं। उनकी पत्नी सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं। उनका 13 वर्षीय बेटा दीवान पब्लिक स्कूल कैंट में सातवीं का छात्र है। सोमवार दोपहर छुट्टी के बाद छात्र क्लास से निकला। लेकिन बस में नहीं पहुंचा। बस में बच्चों की हाजिरी लगी तो उसे गायब देखकर स्कूल के प्रेस प्रवक्ता संजीव छाबड़ा ने दूसरी बसों में उसे चेक कराया। लेकिन वो कहीं नहीं मिला।
नहीं घर नहीं पहुंचा
छात्र के परिजनों को फोन करके पूछा गया तो परिजनों ने उसके घर पहुंचने से इंकार कर दिया। जिसके बाद स्कूल प्रशासन और माता-पिता ने उसकी तलाश शुरू कर दी। स्कूल स्टाफ ने पार्कों और दूसरी जगहों पर तलाश किया। उसके सहपाठियों से लेकर दोस्तों तक से पूछा। लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल पाई।
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अपहरण का केस, मैसेज प्रसारित
स्कूल प्रिंसिपल डॉ. एचएम राउत की सूचना पर सदर बाजार पुलिस के अलावा एसपी सिटी मान सिंह चौहान भी पहुंच गए। पुलिस ने छात्र के अपहरण का केस दर्ज कर सभी जिलों में वायरलेस पर मैसेज कर दिया कि एक बच्चा स्कूल ड्रेस में गायब हो गया है।
आपका बच्चा रोता हुआ मिला है
पुलिस और स्कूल स्टाफ बच्चे की तलाश में जुटे थे कि रात करीब 8:30 बजे छात्र की मम्मी के मोबाइल पर दिल्ली से कॉल आ गई। कॉल करने वाले ने बताया कि वह दिल्ली रेलवे स्टेशन से बोल रहा है। उनका बच्चा स्टेशन पर रोते हुए मिला है। जिसके बाद एसपी सिटी ने जीआरपी दिल्ली से बात कर बच्चे को तुरंत सुपुर्दगी में लेने को कहा। सूचना पर छात्र के मामा भी दिल्ली से स्टेशन पर पहुंच गए। रात में पुलिस, परिजन भी दिल्ली के लिए रवाना हो गए। बच्चा सकुशल मिल गया।
परिवार का मामला
इंस्पेक्टर सदर प्रशांत कपिल के अनुसार प्रारंभिक जांच में परिवार का मामला सामने आया है। घर में बच्चे को तनाव में बताया गया। बच्चे से पूछताछ के बाद ही स्थिति साफ होगी। वहीं, स्कूल के प्रेस प्रवक्ता संजीव छाबड़ा ने बताया कि बच्चा स्कूल में पढ़ने में अच्छा है। वहां पर उसकी कोई शिकायत या दूसरी कोई बात सामने नहीं आई है। टीचर और दूसरे बच्चों ने भी स्कूल की कोई बात होने से इंकार किया है।
...तो जिंदगी हो जाती खराब
सातवीं कक्षा के बच्चे के इस तरह स्कूल की छुट्टी के बाद बाहर निकलकर दिल्ली जाने से परिजन हैरत मेें हैं। सबके मन में एक ही सवाल आ रहा है कि इतने छोटे बच्चे ने ऐसा कदम कैसे उठा लिया। पुलिस की जांच में जिस तरह से घर का मामला सामने आ रहा है, उससे साफ है कि बच्चे पर घर में पढ़ाई के लिए दबाव रहा हो। इसी के चलते बच्चा चुपचाप घर से निकल गया। वो तो गनीमत रही कि बच्चा रेलवे स्टेशन पर किसी अच्छे नागरिक को मिल गया। इसके बाद उसने बच्चे के घर पर फोन कर पूरी जानकारी दी। अगर बच्चा रेलवे स्टेशन पर किसी गलत व्यक्ति के हाथ लग जाता तो उसकी जिंदगी खराब हो सकती थी।
छोटे बच्चों पर न बनाएं दबाव
काउंसलर एंड मोटीवेशनल ट्रेनर डॉ. कशिका जैन बताती हैं कि माता-पिता को इतनी छोटी उम्र में बच्चों पर पढ़ाई का दबाव नहीं बनाना चाहिए। अगर बच्चे पढ़ने में आनाकानी करते हैं तो उन्हें प्यार से समझाएं। उनकी काउंसिलिंग कराएं। हर बच्चा टॉपर नहीं बन सकता है। दबाव पड़ने पर जब उसे लगा कि कोई नहीं सुनेगा तो उसने ऐसा कदम उठा दिया।
दूसरे से न करें तुलना
दीवान पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य एचएम राउत बताते हैं कि स्कूलों में बच्चों को प्यार से समझाकर पढ़ाई करने को कहा जाता है। ऐसे में परिजनों को भी चाहिए कि बच्चों पर बेवजह का दबाव न बनाएं। दूसरे बच्चों से कभी भी अपने बच्चे की तुलना न करें।
क्या सो रही थी जीआरपी
बच्चा जिस तरह से दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मिला है, उससे साफ है कि वो ट्रेन में बैठकर गया है। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि वो सिटी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में बैठकर दिल्ली चला गया और स्कूल ड्रेस में होते हुए भी उससे किसी ने पूछताछ करने की जरूरत नहीं समझी।
खास बातें:
- स्कूल बस की बजाय बाहर निकलकर ट्रेन से दिल्ली पहुंच गया 13 वर्षीय छात्र
- घर का तनाव होने की वजह से उठाया इतना बड़ा कदम, रात को लेने दिल्ली पहुंचे पुलिस के साथ परिजन
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पुलिस के अनुसार शास्त्रीनगर एल ब्लॉक निवासी हेमंत तलवार एलआईसी में हैं। उनकी पत्नी सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं। उनका 13 वर्षीय बेटा दीवान पब्लिक स्कूल कैंट में सातवीं का छात्र है। सोमवार दोपहर छुट्टी के बाद छात्र क्लास से निकला। लेकिन बस में नहीं पहुंचा। बस में बच्चों की हाजिरी लगी तो उसे गायब देखकर स्कूल के प्रेस प्रवक्ता संजीव छाबड़ा ने दूसरी बसों में उसे चेक कराया। लेकिन वो कहीं नहीं मिला।
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नहीं घर नहीं पहुंचा
छात्र के परिजनों को फोन करके पूछा गया तो परिजनों ने उसके घर पहुंचने से इंकार कर दिया। जिसके बाद स्कूल प्रशासन और माता-पिता ने उसकी तलाश शुरू कर दी। स्कूल स्टाफ ने पार्कों और दूसरी जगहों पर तलाश किया। उसके सहपाठियों से लेकर दोस्तों तक से पूछा। लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल पाई।
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अपहरण का केस, मैसेज प्रसारित
स्कूल प्रिंसिपल डॉ. एचएम राउत की सूचना पर सदर बाजार पुलिस के अलावा एसपी सिटी मान सिंह चौहान भी पहुंच गए। पुलिस ने छात्र के अपहरण का केस दर्ज कर सभी जिलों में वायरलेस पर मैसेज कर दिया कि एक बच्चा स्कूल ड्रेस में गायब हो गया है।
आपका बच्चा रोता हुआ मिला है
पुलिस और स्कूल स्टाफ बच्चे की तलाश में जुटे थे कि रात करीब 8:30 बजे छात्र की मम्मी के मोबाइल पर दिल्ली से कॉल आ गई। कॉल करने वाले ने बताया कि वह दिल्ली रेलवे स्टेशन से बोल रहा है। उनका बच्चा स्टेशन पर रोते हुए मिला है। जिसके बाद एसपी सिटी ने जीआरपी दिल्ली से बात कर बच्चे को तुरंत सुपुर्दगी में लेने को कहा। सूचना पर छात्र के मामा भी दिल्ली से स्टेशन पर पहुंच गए। रात में पुलिस, परिजन भी दिल्ली के लिए रवाना हो गए। बच्चा सकुशल मिल गया।
परिवार का मामला
इंस्पेक्टर सदर प्रशांत कपिल के अनुसार प्रारंभिक जांच में परिवार का मामला सामने आया है। घर में बच्चे को तनाव में बताया गया। बच्चे से पूछताछ के बाद ही स्थिति साफ होगी। वहीं, स्कूल के प्रेस प्रवक्ता संजीव छाबड़ा ने बताया कि बच्चा स्कूल में पढ़ने में अच्छा है। वहां पर उसकी कोई शिकायत या दूसरी कोई बात सामने नहीं आई है। टीचर और दूसरे बच्चों ने भी स्कूल की कोई बात होने से इंकार किया है।
...तो जिंदगी हो जाती खराब
सातवीं कक्षा के बच्चे के इस तरह स्कूल की छुट्टी के बाद बाहर निकलकर दिल्ली जाने से परिजन हैरत मेें हैं। सबके मन में एक ही सवाल आ रहा है कि इतने छोटे बच्चे ने ऐसा कदम कैसे उठा लिया। पुलिस की जांच में जिस तरह से घर का मामला सामने आ रहा है, उससे साफ है कि बच्चे पर घर में पढ़ाई के लिए दबाव रहा हो। इसी के चलते बच्चा चुपचाप घर से निकल गया। वो तो गनीमत रही कि बच्चा रेलवे स्टेशन पर किसी अच्छे नागरिक को मिल गया। इसके बाद उसने बच्चे के घर पर फोन कर पूरी जानकारी दी। अगर बच्चा रेलवे स्टेशन पर किसी गलत व्यक्ति के हाथ लग जाता तो उसकी जिंदगी खराब हो सकती थी।
छोटे बच्चों पर न बनाएं दबाव
काउंसलर एंड मोटीवेशनल ट्रेनर डॉ. कशिका जैन बताती हैं कि माता-पिता को इतनी छोटी उम्र में बच्चों पर पढ़ाई का दबाव नहीं बनाना चाहिए। अगर बच्चे पढ़ने में आनाकानी करते हैं तो उन्हें प्यार से समझाएं। उनकी काउंसिलिंग कराएं। हर बच्चा टॉपर नहीं बन सकता है। दबाव पड़ने पर जब उसे लगा कि कोई नहीं सुनेगा तो उसने ऐसा कदम उठा दिया।
दूसरे से न करें तुलना
दीवान पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य एचएम राउत बताते हैं कि स्कूलों में बच्चों को प्यार से समझाकर पढ़ाई करने को कहा जाता है। ऐसे में परिजनों को भी चाहिए कि बच्चों पर बेवजह का दबाव न बनाएं। दूसरे बच्चों से कभी भी अपने बच्चे की तुलना न करें।
क्या सो रही थी जीआरपी
बच्चा जिस तरह से दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मिला है, उससे साफ है कि वो ट्रेन में बैठकर गया है। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि वो सिटी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में बैठकर दिल्ली चला गया और स्कूल ड्रेस में होते हुए भी उससे किसी ने पूछताछ करने की जरूरत नहीं समझी।
खास बातें:
- स्कूल बस की बजाय बाहर निकलकर ट्रेन से दिल्ली पहुंच गया 13 वर्षीय छात्र
- घर का तनाव होने की वजह से उठाया इतना बड़ा कदम, रात को लेने दिल्ली पहुंचे पुलिस के साथ परिजन