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कैमरे न होते तो उलझ जाती कोमल की मौत की गुत्थी
Updated Tue, 24 Jul 2018 02:48 AM IST
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मेरठ। 11वीं की छात्रा कोमल द्वारा कांप्लेक्स की तीसरी मंजिल से कूदकर जान देने के मामले में सोमवार को सिविल लाइन पुलिस ने करीब एक घंटे तक पड़ताल की। पुलिस मान रही है कि छात्रा कहीं न कहीं किसी दबाव या दुविधा में रही होगी। हालांकि परिजनों ने इससे इंकार किया है। वहीं, पुलिस का कहना है कि यदि कैमरे की फुटेज न मिलती तो मौत की गुत्थी उलझकर रह जाती।
इंस्पेक्टर सिविल लाइन नीरज मलिक सोमवार दोपहर नेहरू रोड स्थित शिवाय कांप्लेक्स में पहुंचे। जिस कोचिंग सेंटर में छात्रा पढ़ने जाती थी, वहां सेंटर के संचालक, शिक्षकों और साथी छात्र छात्राओं से पूछताछ की। कई छात्राएं इस दौरान चुप्पी साधे रहीं तो कई छात्राओं के बयान दर्ज किए गए। इंस्पेक्टर के अनुसार कोमल के साथ पढ़ने वाली छात्रा ने बताया कि संभवतया कोमल किसी दुविधा या दबाव में थी। बीते बृहस्पतिवार को जब वह कोचिंग सेंटर के बाहर मिली तो काफी परेशान दिखी थी। कोमल ने साथी छात्राओं के सामने यह बात जरूर कही थी कि वह स्कूल न जाकर इंस्टीट्यूट में ही एमबीबीएस की तैयारी करेगी। वहीं, कोमल ने कोचिंग क्लास में कहा था कि परिजनों ने उससे कहा कि स्कूल में पढ़ाई के साथ ही कोचिंग में भी तैयारी करनी होगी। यदि स्कूल जाना छोड़ दिया तो तैयारी बीच में ही रह जाएगी। इंस्पेक्टर के अनुसार हो सकता है कि कोमल पर स्कूल जाने का दबाव हो, इसलिए उसने सुसाइड का कदम उठाया हो। इस मामले में परिजनों से भी जानकारी ली गई है। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण छात्रा के सिर और शरीर के अन्य भागों में गंभीर चोट लगना आया है।
नहीं था पढ़ाई का दबाव
छात्रा के बड़े भाई हरीश ने बताया कि कोमल ने इसी साल दसवीं पास की थी। कोमल के दसवीं में 88 प्रतिशत अंक आए थे। वह डॉक्टर बनना ही चाहती थी। छात्रा के भाई ने कहा कि पढ़ाई का कोई दबाव नहीं था। वह खुद ही रात में पांच से छह घंटे तक पढ़ाई करती थी। कभी भी उससे किसी ने कुछ नहीं कहा।
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शव पहुंचते ही घर में मचा कोहराम
सोमवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद छात्रा का शव घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। छात्रा की मां और भाई शव से लिपटकर रोने लगे। महिलाओं का भी रो रोकर बुरा हाल था। परिजनों ने सूरजकुंड स्थित श्मशान घाट पर छात्रा के शव का अंतिम संस्कार किया।
संस्थानों के बाहर कैमरे को लेकर अभियान
एसपी सिटी रणविजय सिंह ने बताया कि शहर के कोचिंग सेंटर और अन्य शिक्षण संस्थानों में सीसी टीवी कैमरे को लेकर पुलिस कांवड़ यात्रा के बाद अभियान चलाएगी। जहां कैमरे नहीं लगे हैं, वहां कैमरे लगाने के लिए भी जागरूक किया जाएगा। एसपी सिटी का कहना है कि सीसीटीवी कैमरे से पुलिस को बड़ा क्लू मिला है। फुटेज देखकर परिजनों ने भी माना है कि छात्रा ने सुसाइड किया है।
खास बातें:
इंस्पेक्टर सिविल लाइन ने कोचिंग सेंटर पहुंचकर लिए साथी छात्राओं के बयान
साथी छात्राओं ने कहा, स्कूल और कोचिंग सेंटर को लेकर दुविधा में थी कोमल
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इंस्पेक्टर सिविल लाइन नीरज मलिक सोमवार दोपहर नेहरू रोड स्थित शिवाय कांप्लेक्स में पहुंचे। जिस कोचिंग सेंटर में छात्रा पढ़ने जाती थी, वहां सेंटर के संचालक, शिक्षकों और साथी छात्र छात्राओं से पूछताछ की। कई छात्राएं इस दौरान चुप्पी साधे रहीं तो कई छात्राओं के बयान दर्ज किए गए। इंस्पेक्टर के अनुसार कोमल के साथ पढ़ने वाली छात्रा ने बताया कि संभवतया कोमल किसी दुविधा या दबाव में थी। बीते बृहस्पतिवार को जब वह कोचिंग सेंटर के बाहर मिली तो काफी परेशान दिखी थी। कोमल ने साथी छात्राओं के सामने यह बात जरूर कही थी कि वह स्कूल न जाकर इंस्टीट्यूट में ही एमबीबीएस की तैयारी करेगी। वहीं, कोमल ने कोचिंग क्लास में कहा था कि परिजनों ने उससे कहा कि स्कूल में पढ़ाई के साथ ही कोचिंग में भी तैयारी करनी होगी। यदि स्कूल जाना छोड़ दिया तो तैयारी बीच में ही रह जाएगी। इंस्पेक्टर के अनुसार हो सकता है कि कोमल पर स्कूल जाने का दबाव हो, इसलिए उसने सुसाइड का कदम उठाया हो। इस मामले में परिजनों से भी जानकारी ली गई है। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण छात्रा के सिर और शरीर के अन्य भागों में गंभीर चोट लगना आया है।
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नहीं था पढ़ाई का दबाव
छात्रा के बड़े भाई हरीश ने बताया कि कोमल ने इसी साल दसवीं पास की थी। कोमल के दसवीं में 88 प्रतिशत अंक आए थे। वह डॉक्टर बनना ही चाहती थी। छात्रा के भाई ने कहा कि पढ़ाई का कोई दबाव नहीं था। वह खुद ही रात में पांच से छह घंटे तक पढ़ाई करती थी। कभी भी उससे किसी ने कुछ नहीं कहा।
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शव पहुंचते ही घर में मचा कोहराम
सोमवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद छात्रा का शव घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। छात्रा की मां और भाई शव से लिपटकर रोने लगे। महिलाओं का भी रो रोकर बुरा हाल था। परिजनों ने सूरजकुंड स्थित श्मशान घाट पर छात्रा के शव का अंतिम संस्कार किया।
संस्थानों के बाहर कैमरे को लेकर अभियान
एसपी सिटी रणविजय सिंह ने बताया कि शहर के कोचिंग सेंटर और अन्य शिक्षण संस्थानों में सीसी टीवी कैमरे को लेकर पुलिस कांवड़ यात्रा के बाद अभियान चलाएगी। जहां कैमरे नहीं लगे हैं, वहां कैमरे लगाने के लिए भी जागरूक किया जाएगा। एसपी सिटी का कहना है कि सीसीटीवी कैमरे से पुलिस को बड़ा क्लू मिला है। फुटेज देखकर परिजनों ने भी माना है कि छात्रा ने सुसाइड किया है।
खास बातें:
इंस्पेक्टर सिविल लाइन ने कोचिंग सेंटर पहुंचकर लिए साथी छात्राओं के बयान
साथी छात्राओं ने कहा, स्कूल और कोचिंग सेंटर को लेकर दुविधा में थी कोमल