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जांच टीम से सुबह से शाम तक दर्ज किये बयान
Updated Tue, 04 Sep 2018 02:04 AM IST
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जांच टीम ने सुबह से शाम तक दर्ज किए बयान
मेरठ। राजकीय बाल सुधार गृह में बालक से कुकर्म के बाद शुरू हुई जांच में दोनों जांच अधिकारी रविवार को सुबह से शाम तक बाल सुधार गृह में डटे रहे। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ ही बालकों के भी अलग-अलग बयान लिए गए। जांच अधिकारियों ने अभी जांच पर कुछ भी बोलने से इंकार किया है, लेकिन इतना कहा कि मंगलवार को जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।
बाल सुधार गृह में 8 जुलाई को एक बालक के साथ संविदा कर्मचारी ने कुकर्म किया था। जिसका खुलासा न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पीड़ित बालक ने किया था। इसके बाद मजिस्ट्रेट के निर्देश पर जिलाधिकारी ने जांच करायी और आरोपों की पुष्टि होने के बाद आरोपी कर्मचारी के खिलाफ नौचंदी थाने में एफआईआर दर्ज कराते हुए उसे जेल भेजकर रिपोर्ट शासन को भेज दी।
अब इस मामले की जांच डिप्टी चीफ प्रोबेशन अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह और डिप्टी डायरेक्टर महिला एवं बाल कल्याण निदेशालय बिजेंद्र निरंजन कर रहे हैं। दोनों अधिकारी शनिवार को ही बाल सुधार गृह पहुंच गए। रविवार को दोनों अधिकारी सवेरे ही बाल सुधार गृह पहुंचे और एक-एक बिंदू पर जांच शुरू की। इस दौरान दोनों ने डीपीओ, हटाये गये प्रभारी अधीक्षक, दर्ज एफआईआर आदि के साथ ही सुरक्षा में तैनात होमगार्ड व अन्य कर्मचारियों के बयान लिये। इसके बाद बाल सुधार गृह में रह रहे बालकों से भी बातचीत कर उनके बयान दर्ज किए। जांच अधिकारी बिजेंद्र निरंजन ने कहा कि दोषी और लापरवाह अधिकारी, कर्मचारी किसी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे। इस जांच में भविष्य में इस प्रकार की घटना न हो, इसके लिए उठाये जाने वाले जरूरी कदमों के सुझाव को भी शामिल किया जाएगा।
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मेरठ। राजकीय बाल सुधार गृह में बालक से कुकर्म के बाद शुरू हुई जांच में दोनों जांच अधिकारी रविवार को सुबह से शाम तक बाल सुधार गृह में डटे रहे। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ ही बालकों के भी अलग-अलग बयान लिए गए। जांच अधिकारियों ने अभी जांच पर कुछ भी बोलने से इंकार किया है, लेकिन इतना कहा कि मंगलवार को जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।
बाल सुधार गृह में 8 जुलाई को एक बालक के साथ संविदा कर्मचारी ने कुकर्म किया था। जिसका खुलासा न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पीड़ित बालक ने किया था। इसके बाद मजिस्ट्रेट के निर्देश पर जिलाधिकारी ने जांच करायी और आरोपों की पुष्टि होने के बाद आरोपी कर्मचारी के खिलाफ नौचंदी थाने में एफआईआर दर्ज कराते हुए उसे जेल भेजकर रिपोर्ट शासन को भेज दी।
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अब इस मामले की जांच डिप्टी चीफ प्रोबेशन अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह और डिप्टी डायरेक्टर महिला एवं बाल कल्याण निदेशालय बिजेंद्र निरंजन कर रहे हैं। दोनों अधिकारी शनिवार को ही बाल सुधार गृह पहुंच गए। रविवार को दोनों अधिकारी सवेरे ही बाल सुधार गृह पहुंचे और एक-एक बिंदू पर जांच शुरू की। इस दौरान दोनों ने डीपीओ, हटाये गये प्रभारी अधीक्षक, दर्ज एफआईआर आदि के साथ ही सुरक्षा में तैनात होमगार्ड व अन्य कर्मचारियों के बयान लिये। इसके बाद बाल सुधार गृह में रह रहे बालकों से भी बातचीत कर उनके बयान दर्ज किए। जांच अधिकारी बिजेंद्र निरंजन ने कहा कि दोषी और लापरवाह अधिकारी, कर्मचारी किसी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे। इस जांच में भविष्य में इस प्रकार की घटना न हो, इसके लिए उठाये जाने वाले जरूरी कदमों के सुझाव को भी शामिल किया जाएगा।
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