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देवबंद में प्रशिक्षु दरोगा की मौत का मामला
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सहारनपुर के खास ध्यानार्थ
- देवबंद में प्रशिक्षु दरोगा कुलदीप की मौत का मामला
- पीड़ित परिवार ने एडीजी जोन को भेजा मांग पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
कंकरखेड़ा/मेरठ। प्रशिक्षु दरोगा कुलदीप के परिजनों ने हत्या के केस में नामजद आरोपी इंस्पेक्टर अभिषेक सिरोही की गिरफ्तारी करने की मांग करते हुए एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार को पत्र भेजा है। पीड़ित परिवार ने विवेचना पर सवाल उठाते हुए कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कुलदीप के सुसाइड नोट को परिवार से छुपाया हुआ है।
श्रद्धापुरी कंकरखेड़ा निवासी पीड़ित पक्ष ने एडीजी से कहा है कि वे पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं हैं इसलिए विवेचना देवबंद से मेरठ ट्रांसफर की जाए और न्यायिक जांच कराई जाए। इसके अलावा पुलिस ने आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ केस तो दर्ज कर लिया। लेकिन अभी न तो उसे गिरफ्तार किया गया और न ही पदभार से हटाया गया है। ऐसे में वह अपने पद पर रहते हुए मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होने देंगे। इंस्पेक्टर को तत्काल सस्पेंड किया जाए। कुलदीप की पत्नी शिल्पी को सरकारी नौकरी दिलाई जाए ताकि वह अपने दोनों बच्चों का पालन पोषण कर सके।
नहीं सौंपी पीएम रिपोर्ट
कुलदीप के पिता का कहना है कि एक सप्ताह बाद भी अभी तक कुलदीप की पोस्टमार्टम रिपोर्ट परिजनों को नहीं दी गई। समझ नहीं आ रहा है कि रिपोर्ट क्यों छिपाई जा रही है। वहीं, कुलदीप के कमरे से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था, जिसका जिक्र कुलदीप ने ऑडियो मेसेज में भी किया था। वह सुसाइड नोट भी नहीं दिखाया गया। उसमें क्या लिखा था, यह भी उन्हें बताया जाए।
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सीएम तक ले जाएंगे मामला
परिजनों का आरोप है कि बीती 31 जनवरी की रात करीब दो बजे इंस्पेक्टर अभिषेक सिरोही व कुलदीप के बीच किसी बात को लेकर झड़प हुई थी। ऑडियो मेसेज में भी कुलदीप ने इसका जिक्र किया है कि वह सुबह अपने सीओ से मिलेगा। इसके बाद अचानक से ऐसा क्या हुआ जो कुलदीप ने इतना बड़ा कदम उठा लिया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि भले ही आरोपी इंस्पेक्टर को पुलिस अधिकारियों का संरक्षण मिल रहा हो। लेकिन वह चुप नहीं बैठने वाले। अगर कोई भी सुनवाई नहीं करता है तो वह शीघ्र ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलेंगे और निष्पक्ष जांच व कार्रवाई की मांग करेंगे।
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- देवबंद में प्रशिक्षु दरोगा कुलदीप की मौत का मामला
- पीड़ित परिवार ने एडीजी जोन को भेजा मांग पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
कंकरखेड़ा/मेरठ। प्रशिक्षु दरोगा कुलदीप के परिजनों ने हत्या के केस में नामजद आरोपी इंस्पेक्टर अभिषेक सिरोही की गिरफ्तारी करने की मांग करते हुए एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार को पत्र भेजा है। पीड़ित परिवार ने विवेचना पर सवाल उठाते हुए कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कुलदीप के सुसाइड नोट को परिवार से छुपाया हुआ है।
श्रद्धापुरी कंकरखेड़ा निवासी पीड़ित पक्ष ने एडीजी से कहा है कि वे पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं हैं इसलिए विवेचना देवबंद से मेरठ ट्रांसफर की जाए और न्यायिक जांच कराई जाए। इसके अलावा पुलिस ने आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ केस तो दर्ज कर लिया। लेकिन अभी न तो उसे गिरफ्तार किया गया और न ही पदभार से हटाया गया है। ऐसे में वह अपने पद पर रहते हुए मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होने देंगे। इंस्पेक्टर को तत्काल सस्पेंड किया जाए। कुलदीप की पत्नी शिल्पी को सरकारी नौकरी दिलाई जाए ताकि वह अपने दोनों बच्चों का पालन पोषण कर सके।
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नहीं सौंपी पीएम रिपोर्ट
कुलदीप के पिता का कहना है कि एक सप्ताह बाद भी अभी तक कुलदीप की पोस्टमार्टम रिपोर्ट परिजनों को नहीं दी गई। समझ नहीं आ रहा है कि रिपोर्ट क्यों छिपाई जा रही है। वहीं, कुलदीप के कमरे से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था, जिसका जिक्र कुलदीप ने ऑडियो मेसेज में भी किया था। वह सुसाइड नोट भी नहीं दिखाया गया। उसमें क्या लिखा था, यह भी उन्हें बताया जाए।
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सीएम तक ले जाएंगे मामला
परिजनों का आरोप है कि बीती 31 जनवरी की रात करीब दो बजे इंस्पेक्टर अभिषेक सिरोही व कुलदीप के बीच किसी बात को लेकर झड़प हुई थी। ऑडियो मेसेज में भी कुलदीप ने इसका जिक्र किया है कि वह सुबह अपने सीओ से मिलेगा। इसके बाद अचानक से ऐसा क्या हुआ जो कुलदीप ने इतना बड़ा कदम उठा लिया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि भले ही आरोपी इंस्पेक्टर को पुलिस अधिकारियों का संरक्षण मिल रहा हो। लेकिन वह चुप नहीं बैठने वाले। अगर कोई भी सुनवाई नहीं करता है तो वह शीघ्र ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलेंगे और निष्पक्ष जांच व कार्रवाई की मांग करेंगे।