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पढ़ाई के डर से भागे दो छात्र होटल में मिले
Updated Sat, 08 Jul 2017 04:59 PM IST
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पढ़ाई के डर से भागे दो छात्र होटल में मिले
दो दिन पूर्व मलिक नगर कालोनी से पढ़ाई के डर से भागे दो छात्रों को पुलिस ने मोहिउद्दीनपुर स्थित एक होटल से बरामद किया है। होटल मालिक छात्रों को खाना खिलाने का लालच देकर और जबरन काम करवा रहा था।
मलिक नगर निवासी आसीन (12) पुत्र मोहसीन और अजहर (11) पुत्र मजहर कालोनी के ही मदरसे में पढ़ते हैं। कस्बा चौकी प्रभारी इमाम जैदी ने बताया कि पांच जुलाई को दोनों बच्चे मदरसे के लिए घर से निकले थे।
शाम को छात्रों के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने मदरसे में पहुंचे तो पता चला कि वहां दोनों उस दिन पहुंचे ही नहीं थे। काफी तलाश के बाद परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की तहरीर दी।
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इमाम जैदी ने जांच शुरू की तो पता चला कि बुधवार को दोनों बच्चे बस स्टैंड पर देखे गये थे। शुक्रवार को किसी ने सूचना दी कि दोनों बच्चे मेरठ मोहिउद्दीन हाईवे पर एक होटल पर काम कर रहे हैं।
पुलिस और परिजन होटल पर पहुंचे तो देखा कि दोनों बच्चे बर्तन साफ कर रहे हैं। परिजनों के देखकर बच्चे उनके गले लगकर रोने लगे। पुलिस पूछताछ में आसीन और अजहर ने बताया कि मदरसे में पढ़ाई में मन नहीं लगता था, इसलिए वह भाग गए। थाना प्रभारी ने बताया कि होटल में बच्चों को खाना खिलाने का लालच देकर काम कराया जा रहा था।
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दो दिन पूर्व मलिक नगर कालोनी से पढ़ाई के डर से भागे दो छात्रों को पुलिस ने मोहिउद्दीनपुर स्थित एक होटल से बरामद किया है। होटल मालिक छात्रों को खाना खिलाने का लालच देकर और जबरन काम करवा रहा था।
मलिक नगर निवासी आसीन (12) पुत्र मोहसीन और अजहर (11) पुत्र मजहर कालोनी के ही मदरसे में पढ़ते हैं। कस्बा चौकी प्रभारी इमाम जैदी ने बताया कि पांच जुलाई को दोनों बच्चे मदरसे के लिए घर से निकले थे।
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शाम को छात्रों के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने मदरसे में पहुंचे तो पता चला कि वहां दोनों उस दिन पहुंचे ही नहीं थे। काफी तलाश के बाद परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की तहरीर दी।
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इमाम जैदी ने जांच शुरू की तो पता चला कि बुधवार को दोनों बच्चे बस स्टैंड पर देखे गये थे। शुक्रवार को किसी ने सूचना दी कि दोनों बच्चे मेरठ मोहिउद्दीन हाईवे पर एक होटल पर काम कर रहे हैं।
पुलिस और परिजन होटल पर पहुंचे तो देखा कि दोनों बच्चे बर्तन साफ कर रहे हैं। परिजनों के देखकर बच्चे उनके गले लगकर रोने लगे। पुलिस पूछताछ में आसीन और अजहर ने बताया कि मदरसे में पढ़ाई में मन नहीं लगता था, इसलिए वह भाग गए। थाना प्रभारी ने बताया कि होटल में बच्चों को खाना खिलाने का लालच देकर काम कराया जा रहा था।