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मेहरचंद मर्डर की गुत् थी सुलझाने में उलझी पुलिस

Mon, 04 Jun 2018 02:32 AM IST
Updated Mon, 04 Jun 2018 02:32 AM IST
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मेहरचंद मर्डर की गुत्
थी सुलझाने में उलझी पुलिस
मेरठ। कसाना गेस्ट हाउस के संचालक मेहरचंद कसाना हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में परतापुर पुलिस और क्राइम ब्रांच उलझ गई है। हत्या में नामजद पपीत बढ़ला और उदयवीर से ज्यादा दूसरे बिंदुओं पर जांच चल रही है। पुलिस का मानना है कि भाड़े के शूटरों को सुपारी देकर कसाना की हत्या कराई गई है। सवाल यह है कि भाड़े के शूटरों को बदन सिंह बद्दो ने हायर किया या फिर उसके पीछे कोई दूसरा है।
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इस हत्याकांड को वर्कआउट करने के लिए पुलिस के आला अफसर लगे हैं। नामजद आरोपी पपीत बढ़ला और उदयवीर नेक को पुलिस अभी गिरफ्तार नहीं करना चाहती। पुलिस ने मेहरचंद की हत्या के पीछे गहरी साजिश बताते हुए कहा है कि यह मामला पेचीदा हैं। पुलिस अफसरों का मानना है कि घटनाक्रम पर देखा जाए तो हत्या फूलप्रूफ प्लानिंग के तहत की गई। इस वारदात में जेल में सजा काट रहा बदन सिंह बद्दो साजिश करने का मुख्य आरोपी बनाया गया। पुलिस ने बद्दो का रिकॉर्ड खंगाला है। जिसमें कई चौंकाने वाली बात सामने आई हैं। बदन सिंह बद्दो उम्रकैद की सजा काट रहा है। वो जमानत पर बाहर आने की पूरी तैयारी कर चुका था। इस बिंदु पर भी पुलिस का फोकस है।
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परिवार की ली जानकारी
सीओ ब्रह्मपुरी अखिलेश भदौरिया का कहना है कि मेहरचंद कसाना के तीन पुत्र हैं। इनमें बसपा नेता और जिला पंचायत सदस्य संजय गुर्जर की वर्ष 2011 में हत्या हो गई थी। बाकी अजय और सौरभ परिवार के साथ रहते हैं। पारिवारिक विवाद के चलते संजय की पत्नी मायके में रह रही है। पुलिस ने परिवार का भी रिकॉर्ड देखा है। पुलिस का मानना कि कही मेहरचंद के पारिवारिक विवाद का दूसरे दुश्मन ने फायदा तो नहीं उठाया।
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इस बिंदु पर पुलिस का फोकस
नामजद आरोपियों के प्रति पुलिस का मोह दूसरी तरफ इशारा कर रहा है। सवाल उठता है कि अगर मेहरचंद की हत्या नामजद आरोपियों ने नहीं की तो आखिर कौन हैं वो असली कातिल? पुलिस कहती है कि मेहरचंद को मारने से सबसे ज्यादा फायदा किसको हो सकता है। इस बिंदु पर जांच की जा रही है। पुलिस ने कई लोगों से पूछताछ की है।
हत्या में बाहरी शूटर हायर हुए
पुलिस का कहना है कि मेहरचंद की हत्या में बाहरी जनपद के दो शूटर हायर किए गए हैं। एक शूटर लोकल का था। जिसने सटीक रैकी करके वारदात को अंजाम दिलाया। सीसीटीवी कैमरे में कैद बदमाश और सर्विलांस के जरिये पता लगाने का प्रयास चल रहा है कि आखिर कहां से शूटर आए। पुलिस ने बताया है कि इन शूटरों का टारगेट सिर्फ मेहर चंद की हत्या करना था।
बद्दो से होगी पूछताछ
एसपी सिटी रणविजय सिंह के मुताबिक वादी अजय ने बदन सिंह बद्दो को मुख्य आरोपी बनाया। बद्दो से भी पुलिस पूछताछ करेगी। बद्दो ने संजय गुर्जर की हत्या में उसके भाई अजय और सौरभ को गवाही से रोकने के लिए यह वारदात कराई। बेटे संजय की हत्या में मेहरचंद गवाह नहीं थे। दबाव व गवाहों में दहशत बैठाने के लिए मेहरचंद को मारा गया या कुछ और वजह है, इसकी जांच चल रही है।
पपीत और उदयवीर को बताया बेगुनाह
मेरठ। मेहरचंद की हत्या में नामजद पपीत और उदयवीर को उनके परिजनों ने बेगुनाह बताकर एसएसपी ऑफिस पर हंगामा किया। परिजनों का कहना है कि हत्या से उनका कोई लेनादेना नहीं है। पुलिस इसकी जांच करा ले। वारदात के दौरान दोनों ही अपने-अपने घर पर थे।
परीक्षितगढ़ थानाक्षेत्र के बढ़ला गांव के लोग रविवार को एसएसपी ऑफिस पहुंचे। ग्रामीणों के साथ पपीत के परिजन भी थे। पपीत के परिजनों ने बताया कि शनिवार दिन भर वह अपने घर पर परिवार के साथ था। दोपहर को मेहरचंद की हत्या हुई। पुलिस जांच कर सकती है कि उस समय पपीत और उदयवीर कहां पर थे। हत्या के पीछे गहरी साजिश है। इस वारदात में बदन सिंह बद्दो है या नहीं, इसकी जानकारी से मना किया। एसएसपी नहीं मिले तो ग्रामीणों ने उनके ऑफिस में प्रार्थना पत्र दे दिया। एसएसपी राजेश कुमार पांडेय का कहना है कि बदन सिंह बद्दो से पपीत की काफी नजदीकी है। पुलिस सभी बिंदुओं पर गहराई से जांच कर रही है।
गवाही बनी पुलिस के लिए चुनौती
मेरठ। कसाना हत्याकांड के बाद अब संजय गुर्जर हत्याकांड में मेहरचंद के दोनों बेटों अजय और सौरभ की सुरक्षित गवाही पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। सात जून को इस केस की डेट लगी है। अजय का आरोप है कि भाई संजय की हत्या में गवाही देने से रोकने के लिए ही उनके पिता की हत्या की गई है। अजय अपने भाई और पिता की हत्या के मुकदमे का वादी भी है। बकौल अजय उसके बयान हो चुके हैं। अब इस केस में सात जून की डेट लगी है जिसमें सौरभ की गवाही भी होनी है। वहीं, अजय का आरोप है कि उन्हें तीन साल से धमकी मिल रही हैं। इसकी शिकायत तत्कालीन एसएसपी मंजिल सैनी से भी की गई थी। लेकिन अब पिता की हत्या हो गई। पिता ही संजय हत्याकांड की पैरवी कर रहे थे। लेकिन अब वह डरने वाले नहीं हैं। मजबूती से गवाही देंगे। एसपी सिटी रणविजय सिंह के अनुसार सर्विलांस, सीडीआर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई चल रही है।

पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार
मेरठ। मेहर चंद कसाना का रविवार सुबह उनके पैतृक गांव कुंडा परतापुर में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान भाजपा विधायक सोमेंद्र तोमर, सपा नेता रामसकल गुर्जर, नंद किशोर गुर्जर, ब्लॉक प्रमुख नितिन कसाना सहित कई नेता, व्यापारी और गणमान्य लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंचे।


खास बातें:
- शनिवार दिनदहाड़े परतापुर थाने के पास हुई थी मेहरचंद कसाना की हत्या
- नामजद रिपोर्ट से ज्यादा दूसरे बिंदुओं पर पुलिस का फोकस
- भाड़े के शूटरों की तलाश में जुटी है क्राइम ब्रांच और पुलिस
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