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फर्जी बैनामे के केस में पुलिस का छापा
Updated Wed, 14 Mar 2018 01:32 AM IST
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फर्जी बैनामे के मामले में पुलिस ने मारा छापा
मेरठ/मोदीपुरम। फर्जी कंपनी का रजिस्ट्रेशन लेकर इंद्रप्रस्थ रेजीडेंस वेलफेयर सोसाइटी की संपत्ति का फर्जी तरीके से बैनामा को लेकर कोर्ट से जारी गैर जमानती वारंट पर पुलिस ने जागृति विहार स्थित एक कोठी पर छापा मारा।
पुलिस के अनुसार रोशनपुर डौरली निवासी विजेंद्र चौहान ने कोर्ट के आदेश पर सत्यपाल सिंह देशवाल निवासी जागृति विहार, आरपीएस चौधरी निवासी प्रभात नगर और राजमोहन निवासी डिफेंस कॉलोनी के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में थाना दौराला में केस दर्ज कराया था। इस मुकदमे में तीन बार फाइनल रिपोर्ट लगी। तत्कालीन एसएसपी जे. रविंद्र गौड ने पुन: विवेचना के निर्देश दिए थे। बाद में यह मुकदमा पल्लवपुरम ट्रांसफर हो गया। जिस पर एसएसपी मंजिल सैनी ने इस मुकदमे की जांच दोबारा से दौराला थाने में वर्तमान एसएसआई धारा सिंह को दी।
इस पूरे मामले में सत्यपाल सिंह ने हाईकोर्ट की शरण ली। जिसके बाद हाईकोर्ट ने स्टे दे दिया। स्टे में 31 दिनों में जमानत कराने की कोर्ट ने राहत प्रदान कर दी। कोर्ट में पेश न होने पर गैर जमानती वारंट जारी होने पर मंगलवार को सीओ दौराला पंकज कुमार सिंह के नेतृत्व में पल्लवपुरम और दौराला और मेडिकल पुलिस ने जागृति विहार में सत्यपाल सिंह देशवाल के आवास पर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापा मारा। जहां पर पुलिस को घेरकर आरोप लगाया गया कि हाईकोर्ट के स्टे के बाद भी पुलिस ने उनके घर पर क्यों दबिश दी। सीओ ने दस दिन में चार्जशीट लगाकर गिरफ्तारी करने की बात कही। इसको लेकर दोनों में बहस हुई और पुलिस वापस लौट गई।
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खास बातें:
गैर जमानती वारंट जारी होने पर गिरफ्तारी करने पहुंची पुलिस
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मेरठ/मोदीपुरम। फर्जी कंपनी का रजिस्ट्रेशन लेकर इंद्रप्रस्थ रेजीडेंस वेलफेयर सोसाइटी की संपत्ति का फर्जी तरीके से बैनामा को लेकर कोर्ट से जारी गैर जमानती वारंट पर पुलिस ने जागृति विहार स्थित एक कोठी पर छापा मारा।
पुलिस के अनुसार रोशनपुर डौरली निवासी विजेंद्र चौहान ने कोर्ट के आदेश पर सत्यपाल सिंह देशवाल निवासी जागृति विहार, आरपीएस चौधरी निवासी प्रभात नगर और राजमोहन निवासी डिफेंस कॉलोनी के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में थाना दौराला में केस दर्ज कराया था। इस मुकदमे में तीन बार फाइनल रिपोर्ट लगी। तत्कालीन एसएसपी जे. रविंद्र गौड ने पुन: विवेचना के निर्देश दिए थे। बाद में यह मुकदमा पल्लवपुरम ट्रांसफर हो गया। जिस पर एसएसपी मंजिल सैनी ने इस मुकदमे की जांच दोबारा से दौराला थाने में वर्तमान एसएसआई धारा सिंह को दी।
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इस पूरे मामले में सत्यपाल सिंह ने हाईकोर्ट की शरण ली। जिसके बाद हाईकोर्ट ने स्टे दे दिया। स्टे में 31 दिनों में जमानत कराने की कोर्ट ने राहत प्रदान कर दी। कोर्ट में पेश न होने पर गैर जमानती वारंट जारी होने पर मंगलवार को सीओ दौराला पंकज कुमार सिंह के नेतृत्व में पल्लवपुरम और दौराला और मेडिकल पुलिस ने जागृति विहार में सत्यपाल सिंह देशवाल के आवास पर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापा मारा। जहां पर पुलिस को घेरकर आरोप लगाया गया कि हाईकोर्ट के स्टे के बाद भी पुलिस ने उनके घर पर क्यों दबिश दी। सीओ ने दस दिन में चार्जशीट लगाकर गिरफ्तारी करने की बात कही। इसको लेकर दोनों में बहस हुई और पुलिस वापस लौट गई।
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खास बातें:
गैर जमानती वारंट जारी होने पर गिरफ्तारी करने पहुंची पुलिस