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गोकशी पर तनाव व्याप्त, आरोपी नहीं हुए गिरफ्तार
Updated Tue, 02 Jan 2018 02:29 AM IST
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मेरठ। भावनपुर क्षेत्र में हुई गोकशी के बाद सोमवार को भी क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी रही। एक दर्जन नामजद आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने थाना पुलिस पर मिलीभगत के आरोप लगाकर हंगामा किया। पुलिस ने पांच आरोपियों को हिरासत में ले रखा है। वहीं, यह प्रकरण लखनऊ तक पहुंच गया है।
भावनपुर थाना क्षेत्र के किनानगर- मेदपुर मार्ग पर गांव के जंगल में रविवार को गोकशी होने पर खूब बखेड़ा हुआ था। 17 लोगों के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम के तहत भावनपुर थाने में मामला दर्ज हुआ था। एसपी देहात राजेश कुमार ने बताया कि नामजद आरोपी गांव मेदपुर निवासी फजरू और शमशाद को गिरफ्तार कर लिया है। कायस्थ बड्ढा के भी दो लोगों को हिरासत में लिया गया है।
गोकशी में बदनाम भावनपुर क्षेत्र
भावनपुर थाना क्षेत्र के आधा दर्जन गांव गोकशी के लिए बदनाम रहे हैं। पिछले पांच साल में बीस से अधिक गोकशी के मुकदमे दर्ज हुए। गांव जई, मेदपुर, नंगला शाहू, अब्दुल्लापुर का जंगल, लालपुर का जंगल, औरंगाबाद, पचपेड़ा में पहले भी गोकशी की घटनाएं हो चुकी हैं। एक साल पहले एसओ रहे सतेंद्र यादव ने भारी संख्या में गोवंश के अवशेष बरामद किए थे। जिसके आरोपी आज तक नहीं पकड़े गए। क्षेत्र में पूर्व में कई बार मजबूत कार्रवाई से गोकशी की घटनाएं रुकी थीं। सख्ती होने पर कुछ समय तक गोकशी पर अंकुश रहता है। लेकिन उसके बाद कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठने शुरू हो जाते हैं।
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भूमिका पर हो रही जांच
एसपी देहात राजेश कुमार के अनुसार गोतस्करों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। पूरे मामले में पुलिस की भूमिका की जांच भी की जा रही है। एसओ या अन्य पुलिसकर्मी की भूमिका संदिग्ध पायी गई तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
खास बातें:
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने थाना पुलिस पर लगाए आरोप
आरोपियों की गिरफ्तार का दिया अल्टीमेटम, किया हंगामा
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भावनपुर थाना क्षेत्र के किनानगर- मेदपुर मार्ग पर गांव के जंगल में रविवार को गोकशी होने पर खूब बखेड़ा हुआ था। 17 लोगों के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम के तहत भावनपुर थाने में मामला दर्ज हुआ था। एसपी देहात राजेश कुमार ने बताया कि नामजद आरोपी गांव मेदपुर निवासी फजरू और शमशाद को गिरफ्तार कर लिया है। कायस्थ बड्ढा के भी दो लोगों को हिरासत में लिया गया है।
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गोकशी में बदनाम भावनपुर क्षेत्र
भावनपुर थाना क्षेत्र के आधा दर्जन गांव गोकशी के लिए बदनाम रहे हैं। पिछले पांच साल में बीस से अधिक गोकशी के मुकदमे दर्ज हुए। गांव जई, मेदपुर, नंगला शाहू, अब्दुल्लापुर का जंगल, लालपुर का जंगल, औरंगाबाद, पचपेड़ा में पहले भी गोकशी की घटनाएं हो चुकी हैं। एक साल पहले एसओ रहे सतेंद्र यादव ने भारी संख्या में गोवंश के अवशेष बरामद किए थे। जिसके आरोपी आज तक नहीं पकड़े गए। क्षेत्र में पूर्व में कई बार मजबूत कार्रवाई से गोकशी की घटनाएं रुकी थीं। सख्ती होने पर कुछ समय तक गोकशी पर अंकुश रहता है। लेकिन उसके बाद कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठने शुरू हो जाते हैं।
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भूमिका पर हो रही जांच
एसपी देहात राजेश कुमार के अनुसार गोतस्करों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। पूरे मामले में पुलिस की भूमिका की जांच भी की जा रही है। एसओ या अन्य पुलिसकर्मी की भूमिका संदिग्ध पायी गई तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
खास बातें:
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने थाना पुलिस पर लगाए आरोप
आरोपियों की गिरफ्तार का दिया अल्टीमेटम, किया हंगामा