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महाराज प्रकरण मवाना पुलिस के लिए बडा सिरदर्द साबित हो रहा है।
Updated Mon, 31 Jul 2017 02:22 AM IST
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ग्राम करीमपुर निवासी महाराज के भाई एवं भतीजा ग्रामीणों के साथ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने पहुंचे
महाराज एवं उसके गुंडों पर जान को खतरा बताकर सुरक्षा मांगी
अमर उजाला ब्यूरो
मवाना।
महाराज रघुरामचंद्र दास के खिलाफ शुक्रवार को उनका भाई भी मैदान में उतर गया। वह काफी संख्या में ग्रामीणों को लेकर थाने पहुंचा और महाराज के खिलाफ धमकी दिए जाने की तहरीर दी। वहीं, गांव करीमपुर निवासी जीराज सिंह ने भी महाराज समेत पांच नामजद तथा 10-15 अज्ञात के खिलाफ तहरीर देकर जानमाल को खतरा बताकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। एसएसआई अजय कुमार ने दोनों पक्षों को सोमवार को सीओ आफिस पहुंचने की हिदायत दी।
गांव करीमपुर निवासी विपिन कुमार पुत्र गजराज सिंह ने थाने में शिकायत की कि उसका भाई राजकुमार उर्फ रघुरामचंद्र दास महात्मा बनने का ढोंग करता है। वह अवैध तरीके से चाचा जीराज सिंह पुत्र भिखारी सिंह की जमीन पर कब्जा किए हुए है। इतना ही नहीं घर पर भी कब्जा कर रखा है। उसने विरोध किया तो गालीगलौज की तथा गुंडों से मरवाने की धमकी दी। उसने कहा कि यदि चाचा का साथ दिया तो परिवार को मरवा देगा। इसके बाद थाने जाकर उसके खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराकर गिरफ्तारी की मांग की। उसने रिपोर्ट दर्ज कर सुरक्षा की गुहार लगाई है।
वहीं, जीराज सिंह पुत्र भिखारी सिंह बीते 20 वर्ष से मुंबई में सपरिवार रहता है। उसकी खेती की जमीन एवं घर गांव करीमपुर में है। जिस पर पिछले कुछ माह से दबंग एवं तथाकथित बाबा ने कब्जा कर रखा है। उसके परिजनों ने विरोध किया तो उसने गुंडे लाकर उसको तथा परिजनों को मरवाने की धमकी दी तथा उसके खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी। महाराज ने गुंडों के साथ बीती 27 जुलाई की रात विपिन पर तमंचे से फायर किया। उसने महाराज एवं उसके गुंडों पर अवैध हथियार का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। उसने रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। इसको लेकर थाने में कई घंटे तक हंगामा चला। एसएसआई ने बमुश्किल दोनों पक्षों को शांत किया। वहीं, दोनों पक्षों को सोमवार को सीओ कार्यालय पहुंचने की सलाह दी।
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थाना प्रभारी ने उनकी नहीं सुनी
महाराज से पीड़ित उसका सगा भाई तथा चाचा ग्रामीणों के साथ घंटों थाने में डेरा डाले रहे। इसके बावजूद थाना प्रभारी ने उनका पक्ष सुनना जरूरी नहीं समझा। थाना प्रभारी अपने आवास से निकले और उनकी समस्या सुने बिना ही गाड़ी में बैठकर कहीं चले गए। जीराज और विपिन कुछ दूर तक गाड़ी के पीछे दौडे़ भी।
महाराज रघुरामचंद्र दास ने अपने आवास पर पत्रकारों को बताया कि बीती 13 जुलाई को उसने जीराज और उसके पुत्र विकास के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। उस पर दो साल पहले भी हमला किया गया था। उसके पास 14 बीघा जमीन है। विकास उसे हड़पना चाहता है। हालांकि वह अनुयायियों की मदद से गऊशाला बनाना चाहते हैं। बीती 23 जुलाई की रात आरोपी ने फिर से हमला करने का प्रयास किया। वह सोमवार को डीएम से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग करेंगे। वहीं, वायरल हो रहे फोटो के संबंध में कहना है कि कोई भक्त जेल से छूटा था। वह शस्त्र पूजन कराने आया था। वहीं, अन्य फोटो एडिट करके वायरल किए गए हैं।
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महाराज एवं उसके गुंडों पर जान को खतरा बताकर सुरक्षा मांगी
अमर उजाला ब्यूरो
मवाना।
महाराज रघुरामचंद्र दास के खिलाफ शुक्रवार को उनका भाई भी मैदान में उतर गया। वह काफी संख्या में ग्रामीणों को लेकर थाने पहुंचा और महाराज के खिलाफ धमकी दिए जाने की तहरीर दी। वहीं, गांव करीमपुर निवासी जीराज सिंह ने भी महाराज समेत पांच नामजद तथा 10-15 अज्ञात के खिलाफ तहरीर देकर जानमाल को खतरा बताकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। एसएसआई अजय कुमार ने दोनों पक्षों को सोमवार को सीओ आफिस पहुंचने की हिदायत दी।
गांव करीमपुर निवासी विपिन कुमार पुत्र गजराज सिंह ने थाने में शिकायत की कि उसका भाई राजकुमार उर्फ रघुरामचंद्र दास महात्मा बनने का ढोंग करता है। वह अवैध तरीके से चाचा जीराज सिंह पुत्र भिखारी सिंह की जमीन पर कब्जा किए हुए है। इतना ही नहीं घर पर भी कब्जा कर रखा है। उसने विरोध किया तो गालीगलौज की तथा गुंडों से मरवाने की धमकी दी। उसने कहा कि यदि चाचा का साथ दिया तो परिवार को मरवा देगा। इसके बाद थाने जाकर उसके खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराकर गिरफ्तारी की मांग की। उसने रिपोर्ट दर्ज कर सुरक्षा की गुहार लगाई है।
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वहीं, जीराज सिंह पुत्र भिखारी सिंह बीते 20 वर्ष से मुंबई में सपरिवार रहता है। उसकी खेती की जमीन एवं घर गांव करीमपुर में है। जिस पर पिछले कुछ माह से दबंग एवं तथाकथित बाबा ने कब्जा कर रखा है। उसके परिजनों ने विरोध किया तो उसने गुंडे लाकर उसको तथा परिजनों को मरवाने की धमकी दी तथा उसके खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी। महाराज ने गुंडों के साथ बीती 27 जुलाई की रात विपिन पर तमंचे से फायर किया। उसने महाराज एवं उसके गुंडों पर अवैध हथियार का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। उसने रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। इसको लेकर थाने में कई घंटे तक हंगामा चला। एसएसआई ने बमुश्किल दोनों पक्षों को शांत किया। वहीं, दोनों पक्षों को सोमवार को सीओ कार्यालय पहुंचने की सलाह दी।
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थाना प्रभारी ने उनकी नहीं सुनी
महाराज से पीड़ित उसका सगा भाई तथा चाचा ग्रामीणों के साथ घंटों थाने में डेरा डाले रहे। इसके बावजूद थाना प्रभारी ने उनका पक्ष सुनना जरूरी नहीं समझा। थाना प्रभारी अपने आवास से निकले और उनकी समस्या सुने बिना ही गाड़ी में बैठकर कहीं चले गए। जीराज और विपिन कुछ दूर तक गाड़ी के पीछे दौडे़ भी।
महाराज रघुरामचंद्र दास ने अपने आवास पर पत्रकारों को बताया कि बीती 13 जुलाई को उसने जीराज और उसके पुत्र विकास के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। उस पर दो साल पहले भी हमला किया गया था। उसके पास 14 बीघा जमीन है। विकास उसे हड़पना चाहता है। हालांकि वह अनुयायियों की मदद से गऊशाला बनाना चाहते हैं। बीती 23 जुलाई की रात आरोपी ने फिर से हमला करने का प्रयास किया। वह सोमवार को डीएम से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग करेंगे। वहीं, वायरल हो रहे फोटो के संबंध में कहना है कि कोई भक्त जेल से छूटा था। वह शस्त्र पूजन कराने आया था। वहीं, अन्य फोटो एडिट करके वायरल किए गए हैं।