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पुलिस की लापरवाही

Fri, 29 Dec 2017 02:25 AM IST
Updated Fri, 29 Dec 2017 02:25 AM IST
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पुलिस की लापरवाही
अमर उजाला ब्यूरो
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मेरठ।
बुधवार को परीक्षितगढ़ पुलिस गंभीर हो जाती तो शायद बृहस्पतिवार को लोगों को खून न बहता। ग्रामीणों में पुलिस के प्रति गुस्सा है। लोगों का कहना कि अगर पुलिस बुधवार को सरेआम तमंचे तानने वालों पर शिकंजा कस लेती तो लोगों की जान बच जाती। एसपी देहात ने लोगों को समझाकर शांत किया और गोलियां चलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों पक्षों में सिर्फ मामूली विवाद को लेकर खूनखराबा हुआ है। बुधवार को ट्रैक्टर-ट्रॉली निकालने को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई थी। तभी अमीन पक्ष के लोग तमंचा लेकर आए थे। मौके पर गई पुलिस को भी इसकी जानकारी थी। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
तमंचे लेकर खेतों में गए थे
पुलिस का मानना है कि रातभर दोनों पक्ष एक दूसरे को भुगतने के लिए प्लान बनाते रहे। फुलप्रूफ प्लान करके अमीन पक्ष तमंचे लेकर खेतों में पहुंचा था। वहीं, अब्दुल पक्ष भी निपटने के लिए तैयार था। आमने सामने आते ही ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गईं। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने पुलिस अफसरों से भी की।
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कमजोर दरोगा को सौंपी थाने की कमान
परीक्षितगढ़ एसओ धर्मेंद्र कुमार को दो दिन पहले ही थाने का चार्ज सौंपा है। जबकि एसएसपी ने धर्मेंद्र कुमार को पहले क्राइम कंट्रोल न करने पर लिसाड़ीगेट से हटाया था। उसके बाद क्राइम ब्रांच में काफी शिकायत के बाद उसको पुलिस लाइन में भेजा था। उसकी कई शिकायत भी थी। इसके बावजूद धर्मेंद्र कुमार को थाना सौंपा। ग्रामीणों का कहना कि कमजोर दरोगा को थाने का चार्ज दिया जाएगा तो क्राइम कहां से कंट्रोल होगा।
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दौड़ा-दौड़ाकर हमला करते रहे
पुलिस के मुताबिक अस्पताल में भर्ती घायलों ने बताया कि करीब एक दर्जन से अधिक हमलावर हथियारों से लैस थे। उन्होंने खेतों को चारों ओर से घेराबंदी करते हुए हमला कर दिया और ताबड़तोड़ फायरिंग करते रहे। हमलावरों ने एक किलो मीटर तक उक्त लोगों दौड़ा-दौड़ाकर धारदार हथियारों से हमला किया। खेतों में काम कर रहे किसी भी किसानों ने उन्हें बचाने का प्रयास नहीं किया। हमलावर तमंचे, बंदूक, तलवार, बलकटी लिए हुए थे।

बुधवार को हुआ था बेटा
कमरूल की डेढ़ वर्ष पूर्व गांव सठला से शादी हुई थी। बुधवार को कमरूल की पत्नी ने बेटे को जन्म दिया। परिजनों ने उसकी पत्नी व परिवार के लोगों को कमरूल की हत्या होने की कोई जानकारी नहीं दी।


दो घंटे रुकीं एसएसपी
एसएसपी ने गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस फोर्स के साथ पीएसी बल भी तैनात किया है। एसएसपी भी खुद गांव में पहुंचीं। करीब दो घंटे एसएसपी गांव में रुकीं और दोनों पक्ष के लोगों से बातचीत कर निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। अस्पताल में भर्ती घायलों का हाल भी जाना। एसएसपी मंजिल सैनी दहल का कहना है कि इस मामले में पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी। रासुका भी लगाई जाएगी। गांव में तनातनी बनी हुई है। हालांकि स्थिति सामान्य है।
खास बात
परीक्षितगढ़ में खूनी संघर्ष का मामला
पुलिस के प्रति लोगों में जबरदस्त आक्रोश, एसएसपी गांव पहुंचीं
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