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छात्र की मौत, सात दिन बाद हत्या का आरोप
Updated Thu, 29 Jun 2017 09:39 PM IST
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कंकरखेड़ा। छुट्टियों में परचून की दुकान पर नौकरी कर रहे कक्षा नौ के छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। छात्र के परिजनों ने एक सप्ताह बाद दुकानदार पर हत्या करने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को कंकरखेड़ा थाने पर तहरीर दी है।
पुलिस के अनुसार मूल रुप से गांव ईकड़ी सरधना निवासी बाबूराम शिवलोकपुरी कंकरखेड़ा में परिवार के साथ रहता है। उसका 16 वर्षीय इकलौता पुत्र शिवम कक्षा नौ का छात्र था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए छुट्टियों में मेहंदी मोहल्ला स्थित एक परचून की दुकान पर नौकरी कर रहा था। बीती 22 जून की रात दुकानदार ने शिवम की तबियत खराब होने की सूचना परिजनों को दी थी। परिजन दुकान पर पहुंचे तो दुकानदार उसे निजी अस्पताल ले जा चुका था। जहां चिकित्सकों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया था।
परिजनों का आरोप है कि उन्होंने शिवम के शव का पोस्टमार्टम कराना चाहा तो दुकानदार ने उन्हें बहकाते हुए आर्थिक मदद का आश्वासन दिया था। जिसके चलते उन्होंने पोस्टमार्टम नहीं कराया। लेकिन अब दुकानदार अपने वादे से मुकर गया। तहरीर में आरोप है कि शिवम को कोई बीमारी नहीं थी। न ही वो कोई नशा करता था। वह गुस्सा जरूर करता था। हो सकता है कि उसका दुकानदार से किसी बात पर झगड़ा हुआ हो और दुकानदार ने उसकी पीटकर हत्या कर दी हो। थाना प्रभारी प्रशांत कपिल का कहना है कि परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए ही छात्र के शव का का अंतिम संस्कार कर दिया था। जबकि पोस्टमार्टम से ही मौत का कारण स्पष्ट होता। फिर भी परिजनों की तहरीर पर जांच की जा रही है।
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खास बात
एक सप्ताह पहले हुई थी कक्षा नौ के छात्र की संदिग्ध हालात में मौत
पढ़ाई का खर्चा उठाने के लिए कर रहा था परचून की दुकान पर नौकरी
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पुलिस के अनुसार मूल रुप से गांव ईकड़ी सरधना निवासी बाबूराम शिवलोकपुरी कंकरखेड़ा में परिवार के साथ रहता है। उसका 16 वर्षीय इकलौता पुत्र शिवम कक्षा नौ का छात्र था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए छुट्टियों में मेहंदी मोहल्ला स्थित एक परचून की दुकान पर नौकरी कर रहा था। बीती 22 जून की रात दुकानदार ने शिवम की तबियत खराब होने की सूचना परिजनों को दी थी। परिजन दुकान पर पहुंचे तो दुकानदार उसे निजी अस्पताल ले जा चुका था। जहां चिकित्सकों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया था।
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परिजनों का आरोप है कि उन्होंने शिवम के शव का पोस्टमार्टम कराना चाहा तो दुकानदार ने उन्हें बहकाते हुए आर्थिक मदद का आश्वासन दिया था। जिसके चलते उन्होंने पोस्टमार्टम नहीं कराया। लेकिन अब दुकानदार अपने वादे से मुकर गया। तहरीर में आरोप है कि शिवम को कोई बीमारी नहीं थी। न ही वो कोई नशा करता था। वह गुस्सा जरूर करता था। हो सकता है कि उसका दुकानदार से किसी बात पर झगड़ा हुआ हो और दुकानदार ने उसकी पीटकर हत्या कर दी हो। थाना प्रभारी प्रशांत कपिल का कहना है कि परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए ही छात्र के शव का का अंतिम संस्कार कर दिया था। जबकि पोस्टमार्टम से ही मौत का कारण स्पष्ट होता। फिर भी परिजनों की तहरीर पर जांच की जा रही है।
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खास बात
एक सप्ताह पहले हुई थी कक्षा नौ के छात्र की संदिग्ध हालात में मौत
पढ़ाई का खर्चा उठाने के लिए कर रहा था परचून की दुकान पर नौकरी