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पर्ची सिस्टम पर भड़के सभासद, पालिका में हंगामा
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सरधना। नगर पालिका में मंगलवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब ईओ और लिपिक से मुलाकात के लिए शुरू किए गए पर्ची सिस्टम का सभासदों ने कड़ा विरोध किया। पर्ची व्यवस्था को लेकर शुरू हुए विवाद ने देखते ही देखते उग्र रूप ले लिया और पालिका सभागार में बैठक कर सभासदों ने आंदोलन की रणनीति बनानी शुरू कर दी। ईओ दीपिका शुक्ला के हस्तक्षेप और आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ।
मंगलवार को सभासद शानू जैन ईओ दीपिका शुक्ला से मिलने पालिका कार्यालय पहुंचे। वहां मौजूद कर्मचारी ने बताया कि ईओ कांवड़ मार्ग के निरीक्षण के लिए गई हुई हैं। इसके बाद शानू जैन लिपिक विपिन शर्मा से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे, लेकिन एक कर्मचारी ने उन्हें रोकते हुए कहा कि बिना पर्ची अंदर आना मना है। इसी दौरान लिपिक भी मौके पर आ गए, लेकिन वह आपत्ति सुनने के बजाय चुपचाप अपने कमरे में चले गए।
इस व्यवहार से आक्रोशित शानू जैन ने अन्य सभासदों को मौके पर बुला लिया और पालिका परिसर में जमकर विरोध जताया। सभासदों ने पर्ची व्यवस्था को तानाशाही करार देते हुए कहा कि यह जनप्रतिनिधियों का अपमान है। बाद में सभी सभासद पालिका सभागार में एकत्र हुए और ईओ व लिपिक के खिलाफ आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने लगे। उनका कहना था कि वह इस व्यवस्था को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने देंगे। करीब दो घंटे बाद ईओ दीपिका शुक्ला पालिका पहुंचीं और सभासदों के साथ बैठक कर बातचीत की। उन्होंने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि सभासदों के लिए किसी भी प्रकार की पर्ची व्यवस्था लागू नहीं की गई है। वह कभी भी उनसे सीधे मुलाकात कर सकते हैं। ईओ के इस आश्वासन के बाद सभासद शांत हुए।
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मंगलवार को सभासद शानू जैन ईओ दीपिका शुक्ला से मिलने पालिका कार्यालय पहुंचे। वहां मौजूद कर्मचारी ने बताया कि ईओ कांवड़ मार्ग के निरीक्षण के लिए गई हुई हैं। इसके बाद शानू जैन लिपिक विपिन शर्मा से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे, लेकिन एक कर्मचारी ने उन्हें रोकते हुए कहा कि बिना पर्ची अंदर आना मना है। इसी दौरान लिपिक भी मौके पर आ गए, लेकिन वह आपत्ति सुनने के बजाय चुपचाप अपने कमरे में चले गए।
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इस व्यवहार से आक्रोशित शानू जैन ने अन्य सभासदों को मौके पर बुला लिया और पालिका परिसर में जमकर विरोध जताया। सभासदों ने पर्ची व्यवस्था को तानाशाही करार देते हुए कहा कि यह जनप्रतिनिधियों का अपमान है। बाद में सभी सभासद पालिका सभागार में एकत्र हुए और ईओ व लिपिक के खिलाफ आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने लगे। उनका कहना था कि वह इस व्यवस्था को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने देंगे। करीब दो घंटे बाद ईओ दीपिका शुक्ला पालिका पहुंचीं और सभासदों के साथ बैठक कर बातचीत की। उन्होंने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि सभासदों के लिए किसी भी प्रकार की पर्ची व्यवस्था लागू नहीं की गई है। वह कभी भी उनसे सीधे मुलाकात कर सकते हैं। ईओ के इस आश्वासन के बाद सभासद शांत हुए।
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