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पार्षद कर रहे निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार की शिकायत, अधिकारी छिपा रहे फाइल
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भ्रष्टाचार की शिकायतों का अधिकारियों पर कोई असर नहीं
मेरठ। मुरादनगर श्मशान घाट हादसे ने सरकारी विभागों द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों में चल रही भारी धांधली की पोल खोलकर रख दी है। नगर निगम में भी पार्षदों द्वारा की जा रही निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायतों का अधिकारियों पर कोई असर नहीं हो रहा है। यहां तक कि निरंकुश अधिकारी जांच अधिकारी को भी पत्रावली उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। इससे जांच प्रभावित हो रही है।
नगर निगम में चल रहे कार्यों में भारी अनियमितताएं मिलने की शिकायत आती रहती है। हाल ही में वार्ड नंबर 20 कसेरुखेड़ा के पार्षद विजय सोनकर ने दो माह पहले कसेरुखेड़ा नाले की पटरी पर मवाना रोड से मीनाक्षीपुरम तक जा रही सड़क के बनते ही टूटने की शिकायत की थी। पत्र में कहा गया था कि अक्तूबर में बनाई गई सड़क बनते ही टूटने लगी है। पूरी सड़क में गड्ढे हो गए हैं। इसकी जांच कराकर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसके अलावा वार्ड नंबर 35 की पार्षद पूनम गुप्ता ने बनवारी वाटिका और उत्तमनगर में इंटर लॉकिंग सड़क निर्माण में अनियमितता बरते जाने और खराब निर्माण सामग्री का प्रयोग करने की शिकायत गत 10 दिसंबर को की थी। नगर आयुक्त ने दोनों मामलों की जांच सहायक नगर आयुक्त इंद्र विजय को दी हुई है। इंद्र विजय ने बताया कि जांच मिलने के बाद उन्होंने दोनों जगह पहुंचकर निरीक्षण कर लिया है। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से उक्त कार्यों की पत्रावली मांगी गई है जो उन्होंने अभी तक उपलब्ध नहीं कराई हैं।
नगर आयुक्त को मिल रही खामियां
नगर आयुक्त को आए दिन निर्माण कार्यों के निरीक्षण में मानकों के विपरीत निर्माण सामग्री का प्रयोग मिल रहा है। बुधवार को मोहकमपुर क्षेत्र में बन रहे नाले और इंटरलॉकिंग सड़क में खराब निर्माण सामग्री पकड़ी गई है। इससे पहले नगर आयुक्त को कान्हा उपवन और गांवड़ी कूड़ा निस्तारण प्लांट पर बनाए जा रहे लीचैड प्लेटफार्म में भी खराब सामग्री इस्तेमाल होती मिली थी। इस पर उन्होंने निर्माण विभाग अधिकारियों को फटकार लगाते हुए निर्माण कार्य सही कराने के निर्देश दिए थे। इससे पहले रोहटा रोड नाले में खराब निर्माण सामग्री के सैंपल पीडब्ल्यूडी लैब भेजे जा चुके हैं।
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निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर रखें नजर
नगर आयुक्त ने निगम पार्षदों से भी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर नजर रखने की अपील की है। वार्डों में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता किसी भी दशा में कम न होने दे। अगर कहीं कोई शिकायत मिलती है तो उसका विरोध करे और निगम अधिकारियों को इसकी सूचना दे। फिर भी कोई कार्रवाई न हो तो उनसे शिकायत कर सकते हैं।
गुणवत्ता पूर्ण नहीं थी पिलर
मेरठ। सपा नेताओं का कहना है कि मुरादनगर के श्मशान घाट में 10-10 पिलर होने चाहिए थे, लेकिन वहां सिर्फ तीन-तीन ही थे, और वह भी गुणवत्ता पूर्ण नहीं थे। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर गठित 8 सदस्य जांच कमेटी ने मृतकों के परिवारजनों से मिलकर सांत्वना दी। इस घटना के सभी दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की। समिति शुक्रवार को जांच रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजेगी। मेरठ से जांच समिति सदस्यों में जिला अध्यक्ष चौ. राजपाल सिंह, शहर विधायक रफीक अंसारी, अतुल प्रधान आदि मौजूद रहे। पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर बीमार होने के कारण नहीं जा सके। ब्यूरो
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मेरठ। मुरादनगर श्मशान घाट हादसे ने सरकारी विभागों द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों में चल रही भारी धांधली की पोल खोलकर रख दी है। नगर निगम में भी पार्षदों द्वारा की जा रही निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायतों का अधिकारियों पर कोई असर नहीं हो रहा है। यहां तक कि निरंकुश अधिकारी जांच अधिकारी को भी पत्रावली उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। इससे जांच प्रभावित हो रही है।
नगर निगम में चल रहे कार्यों में भारी अनियमितताएं मिलने की शिकायत आती रहती है। हाल ही में वार्ड नंबर 20 कसेरुखेड़ा के पार्षद विजय सोनकर ने दो माह पहले कसेरुखेड़ा नाले की पटरी पर मवाना रोड से मीनाक्षीपुरम तक जा रही सड़क के बनते ही टूटने की शिकायत की थी। पत्र में कहा गया था कि अक्तूबर में बनाई गई सड़क बनते ही टूटने लगी है। पूरी सड़क में गड्ढे हो गए हैं। इसकी जांच कराकर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसके अलावा वार्ड नंबर 35 की पार्षद पूनम गुप्ता ने बनवारी वाटिका और उत्तमनगर में इंटर लॉकिंग सड़क निर्माण में अनियमितता बरते जाने और खराब निर्माण सामग्री का प्रयोग करने की शिकायत गत 10 दिसंबर को की थी। नगर आयुक्त ने दोनों मामलों की जांच सहायक नगर आयुक्त इंद्र विजय को दी हुई है। इंद्र विजय ने बताया कि जांच मिलने के बाद उन्होंने दोनों जगह पहुंचकर निरीक्षण कर लिया है। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से उक्त कार्यों की पत्रावली मांगी गई है जो उन्होंने अभी तक उपलब्ध नहीं कराई हैं।
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नगर आयुक्त को मिल रही खामियां
नगर आयुक्त को आए दिन निर्माण कार्यों के निरीक्षण में मानकों के विपरीत निर्माण सामग्री का प्रयोग मिल रहा है। बुधवार को मोहकमपुर क्षेत्र में बन रहे नाले और इंटरलॉकिंग सड़क में खराब निर्माण सामग्री पकड़ी गई है। इससे पहले नगर आयुक्त को कान्हा उपवन और गांवड़ी कूड़ा निस्तारण प्लांट पर बनाए जा रहे लीचैड प्लेटफार्म में भी खराब सामग्री इस्तेमाल होती मिली थी। इस पर उन्होंने निर्माण विभाग अधिकारियों को फटकार लगाते हुए निर्माण कार्य सही कराने के निर्देश दिए थे। इससे पहले रोहटा रोड नाले में खराब निर्माण सामग्री के सैंपल पीडब्ल्यूडी लैब भेजे जा चुके हैं।
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निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर रखें नजर
नगर आयुक्त ने निगम पार्षदों से भी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर नजर रखने की अपील की है। वार्डों में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता किसी भी दशा में कम न होने दे। अगर कहीं कोई शिकायत मिलती है तो उसका विरोध करे और निगम अधिकारियों को इसकी सूचना दे। फिर भी कोई कार्रवाई न हो तो उनसे शिकायत कर सकते हैं।
गुणवत्ता पूर्ण नहीं थी पिलर
मेरठ। सपा नेताओं का कहना है कि मुरादनगर के श्मशान घाट में 10-10 पिलर होने चाहिए थे, लेकिन वहां सिर्फ तीन-तीन ही थे, और वह भी गुणवत्ता पूर्ण नहीं थे। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर गठित 8 सदस्य जांच कमेटी ने मृतकों के परिवारजनों से मिलकर सांत्वना दी। इस घटना के सभी दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की। समिति शुक्रवार को जांच रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजेगी। मेरठ से जांच समिति सदस्यों में जिला अध्यक्ष चौ. राजपाल सिंह, शहर विधायक रफीक अंसारी, अतुल प्रधान आदि मौजूद रहे। पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर बीमार होने के कारण नहीं जा सके। ब्यूरो