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नगर निगम में बड़ा फर्जीवाड़ा: अधिकारी और 23 कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज, ये है पूरा मामला

Fri, 10 May 2024 04:25 PM IST
कपिल kapil संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 10 May 2024 04:25 PM IST
सार

Meerut News : मेरठ में नगर निगम में हुए फर्जीवाड़े के मामले में अधिकारी और 23 कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज हुआ है। जानिए आखिर पूरा मामला क्या है।

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Corruption case registered against officer and 23 employees in fraud in Municipal Corporation in Meerut
Anuj Crime - फोटो : istock

विस्तार

मेरठ में नगर निगम में फर्जीवाड़ा कर कर्मचारियों की नियुक्ति करने के मामले में 23 कर्मचारी व निगम के एक अधिकारी के खिलाफ सीबीसीआईडी के इंस्पेक्टर नगेंद्र प्रताप त्रिपाठी की तरफ से धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। वहीं, दूसरी ओर दुकानों में अवैध निर्माण कराने व अलकरीम होटल के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है।

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एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि 2019 में नगर निगम में कर्मचारियों की भर्ती हुई थी। इसकी शिकायत पर 2020 में जांच शुरू हो गई थी। मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंपी गई थी। बृहस्पतिवार रात इंस्पेक्टर नागेंद्र प्रताप सिंह की तहरीर पर थाना देहलीगेट ने चार केस दर्ज हुए हैं। पहला केस निगम के कर्मचारियों और दूसरा केस नियुक्ति करने वाले निगम के अधिकारी के खिलाफ हुआ है। अधिकारी का नाम अज्ञात में रखा गया है। तीसरा केस होटल अलकरीम के खिलाफ दर्ज हुआ है।

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इंस्पेक्टर ने बताया कि होटल मालिक ने अवैध निर्माण कर होटल का स्वरूप बदल लिया है। चौथा केस दो दुकानों के खिलाफ हुआ है। एसपी सिटी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज हो गई है। आगे भी जांच सीबीसीआईडी को ही सौंपी जाएगी।

अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने का है मामला
मामला अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने से जुड़ा है। नगर निगम के जिन 23 अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी किया गया, उनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ है नियुक्ति करने वाले अधिकारी पर भी शिकंजा कसा गया है। हालाकि अभी उसका नाम बताया गया। इसकी जांच भी जारी है। फर्जी नियुक्ति मामले की जांच पूर्व में शासन के आदेश पर तत्कालीन मंडलायुक्त से लेकर जिलाधिकारी तक करवा चुके हैं। जिन कर्मचारियों की नियुक्ति हुई है, उनमें से दो का निधन हो चुका है। पूर्व की जांचों में 23 कर्मचारियों की नियुक्ति को अवैध ही नहीं माना बल्कि उनसे सैलेरी की रिकवरी के भी आदेश दिए जा चुके हैं।

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इनके खिलाफ हुआ केस
नगर निगम का नियुक्ति अधिकारी, जावेद, अमरदेव, महमूद अली, मनोज कुमार गौड़, सुनील कुमार, दिनेश कुमार, मोहम्मद परवेज, धर्मेंद्र, आलोक शर्मा, सुनील शर्मा, सुनील दत्त शर्मा, राजकुमार, मनोज कुमार, संजय शर्मा, आरिफ, सतीश कुमार, राजेश कुमार, नौशाद, नुकुल वत्स, हरवीर, सिंह, साकिब खांन, राजेंद्र कुमार।

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