फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Corruption again in Municipal Corporation: Sofa and cupboard bought for 50 thousand rupees, bill made 3 lakh

मेरठ नगर निगम में फिर भ्रष्टाचार: 50 हजार रुपये में खरीदे सोफे-अलमारी, बिल बनाया तीन लाख, पढ़ें-पूरा मामला

Tue, 11 Jun 2024 12:21 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 11 Jun 2024 12:21 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश के मेरठ में गाड़ियों की खरीद के बाद अब नगर निगम में नया भ्रष्टाचार सामने आया है। यहां चुनाव में सामान की खरीद को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है।

विज्ञापन
Corruption again in Municipal Corporation: Sofa and cupboard bought for 50 thousand rupees, bill made 3 lakh
नगर निगम अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गाड़ी घोटाले के बाद नगर निगम में फिर भ्रष्टाचार हो गया। 50 हजार हजार के सोफे-अलमारी खरीदे गए और बिल तीन लाख रुपये का बना दिया गया। सोमवार को सामान की खरीद में गड़बड़ी का आरोप लगाकर भाजपा पार्षदों ने निगम में हंगामा किया।

विज्ञापन


पार्षदों का कहना है कि निगम में कर्मचारियों के पटल परिवर्तन, सिकनी किरायानामा और नामजद कर्मचारियों के मामले में अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस कारण ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। पार्षदों ने नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
विज्ञापन

 
भाजपा पार्षद उत्तम सैनी, संजय सैनी और पवन चौधरी सहित 12 पार्षद नगर निगम पहुंचे। पार्षद उत्तम सैनी ने बताया कि पार्षद कक्ष में छह माह पहले सोफे रखे थे, जिसकी कीमत 50 हजार है, लेकिन निगम के अधिकारियों ने सोफे का बिल तीन लाख रुपये बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: Terrorist Attack: एक मिनट तक फायरिंग करते रहे आतंकी, शुक्र है कि जिंदा हैं...! मेरठ के तीन युवकों की आपबीती

इसी तरह पार्षद कक्ष में अलमारी नहीं बनाई है, जबकि नगर निगम ने एक लाख रुपये का बिल बनाकर भुगतान करा लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम में कई कर्मचारी कम दामों में सामान खरीद कर उसका बिल चार से पांच गुने का बनवाकर भुगतान करा ले रहे हैं। 

पार्षद संजय सैनी ने बताया कि कर्मचारियों के पटल परिवर्तन के लिए निगम की बोर्ड बैठक में कई बार मामला उठाया गया। सिकनी किरायानामे में भी खेल हो रहा है। 23 कर्मचारियों की अवैध नियुक्ति और 11 अन्य कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज है। 

इन सबके बावजूद भी नगर निगम के अधिकारी न कर्मचारियों पर कार्रवाई कर रहे और न भ्रष्टाचार पर शिकंजा कस रहे है। इन सबको लेकर पार्षदों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है। पार्षदों ने निगम परिसर में अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए भ्रष्टाचार करने वाले कर्मचारी और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग के संबंध में नगर आयुक्त डॉ. अमित पाल शर्मा को ज्ञापन सौंपा है।  नगर आयुक्त ने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। 

पोलिंग बूथ पर कुर्सी-मेज लगी, बिल लाखों का बनाया
पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगर निगम के नजाकत विभाग में फर्जी बिल बनाए जा रहे हैं। पोलिंग बूथ पर निगम ने 10-15 जगह पर कुर्सी-मेज लगाई थीं और बिल लाखों में बना दिया है। शहर में कई जगह स्थानीय पार्षद, भाजपा और सपा नेताओं ने ही पोलिंग बूथ पर सारी व्यवस्था की है। निगम के एक बाबू ने दो पार्षदों के साथ मिलकर फर्जी बिल बनाए। भाजपा पार्षद उत्तम सैनी ने निगम के बाबू पर कार्रवाई, नजाकत विभाग की भूमिका की जांच और फर्जी बिल का भुगतान रुकवाने के लिए जिलाधिकारी, नगर आयुक्त को पत्र लिखा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed