लॉकडाउन: हॉटस्पॉट कवाल पूरा सील, घरों में कैद हुए किसान, खेतों में गन्ना सूखने से बढ़ी चिंता
मुजफ्फरनगर जनपद में प्रशासन ने हॉटस्पॉट गांव कवाल को चारों ओर से सील कर रखा है। गांव में कोरोना फैलने की दहशत और लॉकडाउन की वजह से किसान भी अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं। गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा है। किसानों के खेतों में छिलाई का गन्ना पड़ा हुआ है। गन्ना क्रय केंद्रों पर गन्नों की तुलाई नहीं हो रही है, जिस कारण गन्ना खेतों में ही सूखने लगा है। रविवार को बारिश होने की वजह से गेहूं की कटाई बंद है। प्रशासन के प्रतिबंध लगाने पर सोमवार को गांव के बैंक भी बंद रहे। गांव के बाजार भी प्रशासन के अग्रिम आदेशों तक बंद ही रहेंगे।
24 अप्रैल को गांव कवाल की मस्जिद में ठहरे दिल्ली के रहने वाले 15 जमातियों में से दो जमाती कोरोना संक्रमित मिले, जबकि दो जमातियों की रिपोर्ट कोरोना सस्पेक्टेड आई थी, इस पर प्रशासन ने गांव को हॉटस्पॉट घोषित करते हुए सील कर दिया था। पिछले तीन दिनों से गांव में बाहरी लोगों का भी प्रवेश निषेध कर दिया गया है। भयभीत किसान भी खेतों में काम करने नहीं जा रहे हैं। किसानों ने बताया कि शुगर मिल से गन्नों की पर्चियां आ रही है। खेतों में छिलाई किया हुआ गन्ना पड़ा हुआ है। गन्नों की क्रय केंद्रों पर तौल नहीं होने से खेतों में छिला हुआ गन्ना सूखने लगा है।
गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ है। प्रशासन घरेलू सामानों की होम डिलीवरी कराने का दावा कर रहा है लेकिन बावजूद पूरे गांव में होम डिलीवरी नहीं हो पा रही है। सोमवार को गांव के बैंक भी नहीं खुले। प्रशासन के अग्रिम आदेश तक गांव के बाजार और बैंक बंद रहेंगे। एसपी देहात नेपाल सिंह ने गांव में स्थिति का जायजा लिया और सीओ व इंस्पेक्टर को सामान की होम डिलीवरी कराने में कोई कोताही नहीं बरतने के निर्देश दिएं।
यह भी पढ़ें: लापरवाही: दिल्ली के शाहीन बाग से लौटे शख्स की मौत के बाद नहीं कराई जांच, अब पांच परिजन मिले कोरोना पाॅजिटिव
सब्जियों को भी तरसे ग्रामीण
गांव कवाल के कुछ ग्रामीणों का कहना है कि उनको सब्जियां नहीं मिल रही है। सोमवार की सुबह होम डिलीवरी करने वाले सब्जी विक्रेता को फोन किया था, लेकिन उसका मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा था। जिस कारण उनको सब्जी नहीं मिल सकी। गांव के एक सब्जी विक्रेता का कहना है कि प्रशासन ने होम डिलीवरी के लिए जो लिस्ट तैयार की थी, उस लिस्ट में उसका नाम नहीं दिया गया है। जबकि उसके पास सब्जियां मौजूद हैं। बिना परमिशन के वह सब्जियां बेच नहीं सकता, इसलिए घर में रखी सब्जियां सूखने व खराब होने लगी है।
ग्रामीण जागकर काट रहे हैं रात
गांव कवाल के ग्रामीणों में पूरी तरह से दहशत है। ग्रामीणों ने अपने गली मोहल्लों को बल्लियां लगाकर बंद कर रखा है। इसके बावजूद ग्रामीण रात के समय उनके मोहल्ले में कोई न आ जाए, इसलिए वे जागकर रात काटने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि मस्जिद में ठहरे जमातियों के संपर्क में और भी ग्रामीण हो सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से इसकी जांच पड़ताल कराने की मांग की है। जबकि रविवार को जांच में जमातियों के संपर्क में आने वाले 13 ग्रामीण मिले थे। इनमें ग्राम प्रधान का पति भी शामिल हैं। इनको मीरापुर बीआईटी में 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया जा चुका है।
कोरोना केस मिलने से दहशत
नगर में कोरोना संक्रमण के केस लगातार मिल रहे हैं। मोहल्ला इस्लामनगर में एक ही परिवार में कोरोना के छह मरीज मिलने के बाद मोहल्ले को सील कर दिया गया है। मोहल्ले की गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ है। नगर के लोगों में दहशत बनी हुई है।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/