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लापरवाहीः मृत्यु के सात माह बाद लगा दिया कोरोनारोधी टीका
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लापरवाही : मृत्यु के सात माह बाद लगाया कोरोना का टीका
मेरठ। कोरोनारोधी टीकाकरण में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। पूरनलाल अग्रवाल (70) की करीब सात माह पहले मृत्यु हो गई थी। उन्हें कोरोना से बचाव का कोई टीका नहीं लगा था, लेकिन शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से उन्हें दूसरी डोज लगे होने का सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया। सर्टिफिकेट में लिखा गया- कैंट लालकुर्ती टीकाकरण केंद्र पर डिंपल कर्मचारी ने टीका लगाया। इससे पहले 5 मार्च 2021 को बिना टीकाकरण हुए ही पहला टीके लगे होने का सर्टिफिकेट जारी किया गया था।
पूरनलाल शिवाजी रोड के रहने वाले थे। उनके बेटे संजय अग्रवाल एक निजी अस्पताल में मैनेजर हैं। उन्होंने बताया कि उनके मोबाइल पर दोपहर 1:14 बजे कोविशील्ड का वैक्सीनेशन होने का संदेश आया तो वह चौंक गए, क्योंकि उनके पिता की तो जुलाई 2021 में ही मृत्यु हो गई थी। पहले टीके का भी इसी तरह सर्टिफिकेट आया था। यह घोर लापरवाही है।
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दूसरा टीका लगा नहीं और सर्टिफिकेट हो गया जारी
ऐसे भी कई मामले हैं, जिन्हें कोरोनारोधी वैक्सीन का पहला टीका तो लगा, लेकिन दूसरा टीका नहीं लगा। लेकिन उन्हें दूसरा टीका लगा होने का सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया। इस तरह के मामले बढ़ते जा रहे हैं।
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मामले की जांच कराएंगे: सीएमओ
सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराएंगे। लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
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मेरठ। कोरोनारोधी टीकाकरण में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। पूरनलाल अग्रवाल (70) की करीब सात माह पहले मृत्यु हो गई थी। उन्हें कोरोना से बचाव का कोई टीका नहीं लगा था, लेकिन शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से उन्हें दूसरी डोज लगे होने का सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया। सर्टिफिकेट में लिखा गया- कैंट लालकुर्ती टीकाकरण केंद्र पर डिंपल कर्मचारी ने टीका लगाया। इससे पहले 5 मार्च 2021 को बिना टीकाकरण हुए ही पहला टीके लगे होने का सर्टिफिकेट जारी किया गया था।
पूरनलाल शिवाजी रोड के रहने वाले थे। उनके बेटे संजय अग्रवाल एक निजी अस्पताल में मैनेजर हैं। उन्होंने बताया कि उनके मोबाइल पर दोपहर 1:14 बजे कोविशील्ड का वैक्सीनेशन होने का संदेश आया तो वह चौंक गए, क्योंकि उनके पिता की तो जुलाई 2021 में ही मृत्यु हो गई थी। पहले टीके का भी इसी तरह सर्टिफिकेट आया था। यह घोर लापरवाही है।
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दूसरा टीका लगा नहीं और सर्टिफिकेट हो गया जारी
ऐसे भी कई मामले हैं, जिन्हें कोरोनारोधी वैक्सीन का पहला टीका तो लगा, लेकिन दूसरा टीका नहीं लगा। लेकिन उन्हें दूसरा टीका लगा होने का सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया। इस तरह के मामले बढ़ते जा रहे हैं।
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मामले की जांच कराएंगे: सीएमओ
सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराएंगे। लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी।