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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Corona in Meerut: Corona infected 7342 people 'missing' neither in hospital nor at home isolation

मेरठ : कोरोना संक्रमित 7342 लोग हाे गए ‘लापता’, न अस्पताल में, न ही होम आइसोलेशन में 

Fri, 14 May 2021 12:51 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Fri, 14 May 2021 12:51 PM IST
सार

मेरठ में कोरोना के सात हजार से ज्यादा मरीज लापता होने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। ये मरीज न तो अस्पताल में न ही होम आइसोलेशन में हैं। 

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Corona in Meerut: Corona infected 7342 people 'missing' neither in hospital nor at home isolation
मेडिकल कॉलेज में तड़प रहे मरीज - फोटो : amar ujala

विस्तार

मेरठ जिले में कोरोना संक्रमित पाए गए 7342 लोग ‘लापता’ हैं। लापता इसलिए, क्योंकि स्वास्थ्य विभाग की सक्रिय केसों की सूची में ये शामिल हैं, मगर न अस्पताल में हैं और न होम आइसोलेशन वाली सूची में। इसकी सबसे बड़ी वजह कोरोना मरीजों की सही से निगरानी न होना माना जा रहा है। 
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में शुक्रवार तक 14673 एक्टिव केस थे। अस्पतालों में 1865 और 5466 होम आइसोलेशन में हैं, लेकिन इन रिकॉर्ड में 7342 लोग नहीं हैं। कुछ लोग पहचान छिपाकर कोरोना की जांच कराने वाले हैं, जो स्वास्थ्य विभाग के लिए मुसीबत बने हैं।
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रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग उनका पता नहीं लगा पा रहा है। ऐसे में संक्रमण की चेन को रोक पाना विभाग के लिए मुश्किल हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, भर्ती और आइसोलेट मरीजों की कुल संख्या सक्रिय मरीजों से बहुत कम है। इन लापता मरीजों के बारे में विभाग को कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है।
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कई लोगों ने नाम बदलकर कोरोना जांच कराई और रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद गायब हो गए। इसके बाद आधार कार्ड लेकर टेस्ट किए जाने लगे। इसके बावजूद लापता मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। 

मरीजों की जानकारी की जा रही 
सीएमओ डॉॅ. अखिलेश मोहन का कहना है कि कोरोना के जिन मरीजों का रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है, उनकी तलाश चल रही है। ये मरीज होम आइसोलेट रहे होंगे और इनमें से अधिकांश ठीक भी हो गए होंगे, लेकिन इन्होंने जानकारी स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी।

 मरीज ज्यादा, कैसे हो निगरानी
पहले कम मरीज मिलते थे। निगरानी करना आसान था। अब मरीजों की संख्या इतनी बढ़ गई है कि न तो उनकी सही से कांटेक्ट ट्रेसिंग की जा रही है और न ही उनकी सही से निगरानी हो पा रही है। निर्देशानुसार तो एक मरीज मिलने पर उसके संपर्कवाले 25 लोगों की कांटेक्ट ट्रेसिंग की जानी चाहिए।

 

शनिवार को कोरोना के 1575 मरीज मिले, 20 की मौत 
 कोरोना की रफ्तार रुक नहीं रही है। शनिवार को 1575 मरीज मिले, जबकि सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन की भांजी समेत 20 लोगों की मौत हो गई है। वह लोकप्रिय अस्पताल में भर्ती थीं। 11 मौत मेडिकल और नौ निजी अस्पताल में हुईं। इनमें मेरठ की 14 हैं, बाकी आसपास के जिलों के हैं।  

डॉ. शैलजा असिस्टेंट प्रोफेसर नागरिक शास्त्र राजकीय कन्या महाविद्यालय खरखौदा का भी कोरोना से निधन हो गया है। इनके एक बेटा 8 साल का है, कक्षा तीन का सेंट पैट्रिक में  पढ़ता है। न्यूटिमा अस्पताल में 21 अप्रैल से भर्ती थीं। वह रोहटा रोड बननूमिया कॉलोनी में रहती थीं। वहीं आईजी मेरठ रेंज ऑफिस में तैनात सिपाही ओम राज सिंह (28) निवासी हसनपुर कोतवाली देहात बुलंदशहर की भी मौत हो गई। 24 मार्च उसका कोरोना टेस्ट कराया था। 4 दिन से उसका इलाज एक निजी हॉस्पिटल में चल रहा था। 

शनिवार को 7177 सैंपलों की रिपोर्ट आई। 22 प्रतिशत मरीज संक्रमित निकले। 15613 एक्टिव केस हैं। इनमें से 1720 अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि 6013 होम आइसोलेशन में हैं।  अब तक 51659 लोगों को कोरोना की पुष्टि हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग कोरोना संक्रमण से 526 लोगों की मौत दिखा रहा है। 628 मरीजों की छुट्टी हुई है। अब तक 35521 की छुट्टी हो चुकी है।

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