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कोरोना फाइटर: दूधमुंही बच्ची पड़ोसी को सौंपकर, घर-घर जाकर सर्वे कर रहीं आशा कार्यकर्ता किरण
Wed, 22 Apr 2020 07:05 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
Published by: Dimple Sirohi
Updated Wed, 22 Apr 2020 07:05 PM IST
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आशा वर्कर, किरण
- फोटो : amar ujala
सहारनपुर की आशा कार्यकर्ता किरण किसी फाइटर से कम नहीं हैं। वह अपनी एक साल की दुधमुंही बच्ची को पड़ोस में रहने वाली बुजुर्ग महिला को सौंपकर कोरोन को लेकर किए जा रहे सर्वे कार्य के लिए निकल जाती हैं। उनका कहना है कि पड़ोसियों पर भरोसा कर बच्ची उनके घर छोड़ देती हैं क्योंकि सवाल पूरे देश की जनता का है।
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कोरोना संकट की इस घडी में जिले के छुटमलपुर थानाक्षेत्र के आर्य नगर की आशा वर्कर किरण सैनी सात माह पूर्व बीमारी से पति वेदप्रकाश की मौत के बाद अपनी एक साल की बेटी अन्नु के साथ किराए के मकान में रहती हैं। सास-ससुर भी नहीं हैं।
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एक माह से कोरोना संकट के चलते घरघर जा कर सर्वे का काम उन्हें मिला हुआ है। सुबह आठ बजे बेटी को दूध पिला कर उसे पडौसियों के हवाले कर अपनी डयूटी के लिए निकल जाती हैं। वापसी शाम चार बजे तक हो पाती है। इस दौरान बच्ची को उनके पडौस में रहने वाली एक बुजुर्ग महिला संभालती हैं।
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किरण बताती हैं कि कई बार उन्हे सर्वे के दौरान लोगों के दुर्व्यवहार का शिकार होना पड़ता है। लोग जानकारी देने से साफ मना कर देते हैं। कई लोग तो अपने घर का दरवाजा तक नहीं खोलते हैं। फिर भी वे पूरे जज्बे के साथ अपने काम को अंजाम दे रही हैं। आखिर सवाल कोरोना से 130 करोड़ देशवासियों की लड़ाई का जो है।