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Meerut News: लकड़ी के चूल्हे पर बनाया भोजन, जमीन पर सोई
Sun, 26 Oct 2025 09:09 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Sun, 26 Oct 2025 09:09 PM IST
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छठ पूजा के दूसरे दिन खरना मनाया, पहले व्रती को दिया घर में तैयार प्रसाद, आज डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा
- शहर में आठ स्थानों पर आज होंगे सामूहिक आयोजन
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। छठ पूजा के दूसरे दिन हजारों परिवारों ने घर में खरना पर्व मनाया। व्रती महिलाओं ने नियमों का पालन किया। पंरपरा के अनुसार लकड़ी के चूल्हे पर भोजन तैयार किया। व्रती महिलाएं जमीन पर ही सोईं। पांच दीप जलाकर अपनी पारिवारिक परंपराओं का पालन हुआ। इस दौरान ठेकुआ भी बनाया गया। इस पर्व में शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाता है।
शहर में परतापुर, गगोल तीर्थ, मोदीपुरम, बाईपास क्षेत्र आदि स्थानों पर सामूहिक आयोजन भी हुए।
आज सोमवार को डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। सूर्य अस्त से पूर्व महिलाएं घुटनों तक जल में खड़ी होकर सूर्य देव की उपासना करेंगी। शहर में गगोल तीर्थ, राम ताल वाटिका, जेलचुंगी रामलीला ग्राउंड, गांधी आश्रम चौराहा, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय और मोदीपुरम में सामूहिक आयोजन होंगे। इसके अलवा कई क्लोज डोर कॉलोनियों में भी तैयारी की गई। पूजन स्थलों को लाइट और फूलों से सजाने का कार्य पूर्ण हो गया है। गगोल तीर्थ पर एतिहासिक मेले की तैयारी भी पूर्ण हो गई। सोमवार दोपहर से हजारों की संख्या में लोग तीर्थ पर पहुंचेंगे। शाम को अर्घ्य देने के बाद के बाद मंदिर में ही लोग रुकेंगे। मंगलवार को सूर्योंदय के साथ व्रत का पारण कर लोग वहां से अपने घरों की ओर प्रस्थान करेंगे।
यह बोली व्रती महिलाएं...
- छठ मैया से जो मांगा वह मिला
- एयरपोर्ट एंक्लवे निवासी ज्योति झा ने बताया कि वह मूल रूप से बिहार की निवासी हैं। छठ मैया से सदा परिवार की खुशहाली मांगी। मां से जो मांगा वह मिला है। छठ मैया सबको आशीर्वाद देती हैं।
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- परिवार बढ़ रहा समृद्धि की ओर
- आभा ने बताया कि यह उनका सातवां व्रत है। छठ मैया की कृपा परिवार समृद्धि की तरह बढ़ रहा है। संतान सुख भी मिला। शुद्धता का खास ख्याल रखते हैं क्योंकि यह सूर्य देव का व्रत है।
- सास के बाद व्रत अपनाया
- गगोल तीर्थ पर पूजन के लिए पहुंची ब्रज विहार काॅलोनी निवासी रेखा पाठक ने कहा कि पहले सास व्रत रखती थीं। अब मुझे व्रत की जिम्मेदारी मिली। पंरपरा के अनुसार निर्वहन करेंगी।
- आर्थिक रूप से हो गए समृद्ध
- प्रियंका ने बताया कि कुछ साल पहले परिवार की आर्थिक स्थिति खराब थी। बुजुर्गों के कहने पर वृत रखा। आज छठ मैया की कृपा ने उनके परिवार में खुशहाली है। आर्थिक समस्या भी दूर हो गई है।
- खरना पर किया नियमों का पालन
- आरकेपुरम निवासी ममता देवी ने बताया कि आज खरना पूजन के दिन पूरे दिन निर्जला रहीं। शाम को पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण किया। अब मंगलवार को उगते हुए सूर्य को जल देने के बाद जल ग्रहण करेंगी।
- सूर्य उपासना का पर्व सबसे पवित्र
- गुप्ता कॉलोनी निवासी अंजू देवी ने बताया कि सूर्य उपासना के इस पावन पर्व पर चने की दाल बिना मिर्च मसाले के बनती है। साथ ही भोग में कच्चे चावल की पूरी, चावल, दूध और गुड़ आदि से भोग लगाया है। रात्रि में जमीन पर सोते हैं।
- व्रती के बाद ही ग्रहण करते हैं लोग प्रसाद
- गंगा नगर निवासी रिंकी कुमारी ने बताया कि उन्होंने रोटी, खीर, केले का प्रसाद बनाया। व्रती के प्रसाद ग्रहण करने बाद में सब लोग भोजन करेंगे।
खरना पर बनाई गुड़ की खीर, फल का प्रसाद
मोदीपुरम। छठ पर्व दूसरे दिन भी धूमधाम से मनाया गया। पल्लवपुरम स्थित पानी की टंकी परिसर व अप्पू एंक्लेव में व्रतधारी श्रद्धालुओं ने खरना पर गुड़ की खीर व फल का प्रसाद बनाकर वितरित किया। छठ पूजा समिति पल्लवपुरम के अध्यक्ष भोगेंद्र झा ने बताया कि खरना पर व्रतधारी श्रद्धालुओं ने प्रसाद वितरित करने के बाद निर्जला व्रत शुरू किया। यह व्रत 28 अक्तूबर को सूर्योदय को अर्ध्य देने के बाद भी खोला जाएगा। इस दौरान पुनीता, इंदू, लल्लन, हीरा, कल्पना, संजय, रामानंद, सरोज, अशोक, तनु, नैतिक, कल्याणी, शिवचंद्र, पलक, मदन, पारूल, विकास आदि मौजूद रहे। संवाद
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- शहर में आठ स्थानों पर आज होंगे सामूहिक आयोजन
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। छठ पूजा के दूसरे दिन हजारों परिवारों ने घर में खरना पर्व मनाया। व्रती महिलाओं ने नियमों का पालन किया। पंरपरा के अनुसार लकड़ी के चूल्हे पर भोजन तैयार किया। व्रती महिलाएं जमीन पर ही सोईं। पांच दीप जलाकर अपनी पारिवारिक परंपराओं का पालन हुआ। इस दौरान ठेकुआ भी बनाया गया। इस पर्व में शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाता है।
शहर में परतापुर, गगोल तीर्थ, मोदीपुरम, बाईपास क्षेत्र आदि स्थानों पर सामूहिक आयोजन भी हुए।
आज सोमवार को डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। सूर्य अस्त से पूर्व महिलाएं घुटनों तक जल में खड़ी होकर सूर्य देव की उपासना करेंगी। शहर में गगोल तीर्थ, राम ताल वाटिका, जेलचुंगी रामलीला ग्राउंड, गांधी आश्रम चौराहा, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय और मोदीपुरम में सामूहिक आयोजन होंगे। इसके अलवा कई क्लोज डोर कॉलोनियों में भी तैयारी की गई। पूजन स्थलों को लाइट और फूलों से सजाने का कार्य पूर्ण हो गया है। गगोल तीर्थ पर एतिहासिक मेले की तैयारी भी पूर्ण हो गई। सोमवार दोपहर से हजारों की संख्या में लोग तीर्थ पर पहुंचेंगे। शाम को अर्घ्य देने के बाद के बाद मंदिर में ही लोग रुकेंगे। मंगलवार को सूर्योंदय के साथ व्रत का पारण कर लोग वहां से अपने घरों की ओर प्रस्थान करेंगे।
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यह बोली व्रती महिलाएं...
- छठ मैया से जो मांगा वह मिला
- एयरपोर्ट एंक्लवे निवासी ज्योति झा ने बताया कि वह मूल रूप से बिहार की निवासी हैं। छठ मैया से सदा परिवार की खुशहाली मांगी। मां से जो मांगा वह मिला है। छठ मैया सबको आशीर्वाद देती हैं।
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- परिवार बढ़ रहा समृद्धि की ओर
- आभा ने बताया कि यह उनका सातवां व्रत है। छठ मैया की कृपा परिवार समृद्धि की तरह बढ़ रहा है। संतान सुख भी मिला। शुद्धता का खास ख्याल रखते हैं क्योंकि यह सूर्य देव का व्रत है।
- सास के बाद व्रत अपनाया
- गगोल तीर्थ पर पूजन के लिए पहुंची ब्रज विहार काॅलोनी निवासी रेखा पाठक ने कहा कि पहले सास व्रत रखती थीं। अब मुझे व्रत की जिम्मेदारी मिली। पंरपरा के अनुसार निर्वहन करेंगी।
- आर्थिक रूप से हो गए समृद्ध
- प्रियंका ने बताया कि कुछ साल पहले परिवार की आर्थिक स्थिति खराब थी। बुजुर्गों के कहने पर वृत रखा। आज छठ मैया की कृपा ने उनके परिवार में खुशहाली है। आर्थिक समस्या भी दूर हो गई है।
- खरना पर किया नियमों का पालन
- आरकेपुरम निवासी ममता देवी ने बताया कि आज खरना पूजन के दिन पूरे दिन निर्जला रहीं। शाम को पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण किया। अब मंगलवार को उगते हुए सूर्य को जल देने के बाद जल ग्रहण करेंगी।
- सूर्य उपासना का पर्व सबसे पवित्र
- गुप्ता कॉलोनी निवासी अंजू देवी ने बताया कि सूर्य उपासना के इस पावन पर्व पर चने की दाल बिना मिर्च मसाले के बनती है। साथ ही भोग में कच्चे चावल की पूरी, चावल, दूध और गुड़ आदि से भोग लगाया है। रात्रि में जमीन पर सोते हैं।
- व्रती के बाद ही ग्रहण करते हैं लोग प्रसाद
- गंगा नगर निवासी रिंकी कुमारी ने बताया कि उन्होंने रोटी, खीर, केले का प्रसाद बनाया। व्रती के प्रसाद ग्रहण करने बाद में सब लोग भोजन करेंगे।
खरना पर बनाई गुड़ की खीर, फल का प्रसाद
मोदीपुरम। छठ पर्व दूसरे दिन भी धूमधाम से मनाया गया। पल्लवपुरम स्थित पानी की टंकी परिसर व अप्पू एंक्लेव में व्रतधारी श्रद्धालुओं ने खरना पर गुड़ की खीर व फल का प्रसाद बनाकर वितरित किया। छठ पूजा समिति पल्लवपुरम के अध्यक्ष भोगेंद्र झा ने बताया कि खरना पर व्रतधारी श्रद्धालुओं ने प्रसाद वितरित करने के बाद निर्जला व्रत शुरू किया। यह व्रत 28 अक्तूबर को सूर्योदय को अर्ध्य देने के बाद भी खोला जाएगा। इस दौरान पुनीता, इंदू, लल्लन, हीरा, कल्पना, संजय, रामानंद, सरोज, अशोक, तनु, नैतिक, कल्याणी, शिवचंद्र, पलक, मदन, पारूल, विकास आदि मौजूद रहे। संवाद