Meerut: पानी में बह गया हस्तिनापुर-बिजनौर को जोड़ने वाले पुल का संपर्क मार्ग, आवागमन बंद
मेरठ के हस्तिनापुर और बिजनौर को आपस में जोड़ने वाला पुल भारी बारिश के कारण पानी के तेज बहाव के कारण गंगा में बह गया। इससे क्षेत्र के सैकड़ों गांव का आवागमन ठप हो गया है।
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मेरठ के हस्तिनापुर और चांदपुर से बिजनौर की सीमाओं से साथ अन्य कई जिलों को आपस में जोड़ने वाला क्षेत्र के भीमकुंड गंगा पुल की एप्रोच रोड पिछले 24 घंटे गंगा के कटान को नहीं झेल सकी और उचित कटान प्रबंध न होने के कारण आखिरकार सोमवार की सुबह चार बजे गंगा में बह गई है।
गंगापुल से बिजनौर की ओर जुड़े संपर्क मार्ग के गंगा में बह जाने से क्षेत्र के लोगों में हड़कंप मच गया है। वहीं आवागमन भी पूरी तरह बंद हो गया है। भारी वाहनों को रोकने के लिए थाना पुलिस की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे कई लोगों के साथ बड़े हादसे होने से बचे।
स्थानीय लोगों ने उन्हें बताया कि पुल का संपर्क मार्ग टूट चुका है, संभल कर चलें। उधर ग्रामीणों का कहना है कि पिछले वर्ष भी जुलाई महीने में संपर्क मार्ग टूटा था जो पिछले छह महीनों तक दुरुस्त नहीं कराया गया था। अब एक साल बाद गंगापुल को जोड़ने वाले एप्रोच रोड को दुरुस्त कराया गया, दो दिन पहले ही उसका कार्य पूर्ण हुआ था।
जैसे ही कार्य पूर्ण हुआ तो दो दिन बाद ही शनिवार को मानसूनी बारिश शुरु हो गई, जिससे गंगा का जलस्तर बढ़ गया। जलस्तर बढ़ते ही गंगा ने एप्रोच रोड पर एक बार फिर कटान शुरू कर दिया। क्षेत्र के लोगों ने जमकर हंगामा भी किया।
उधर गंगा का जलस्तर बढ़ने से कटान विभीषण रूप धारण कर लिया है। धीरे-धीरे यह संपर्क मार्ग गंगा में समा रहा है। उधर पुल पर भारी वाहनों की लंबी कतार लगी हुई है और आवागमन पूरी तरह बंद हो चुका है।
मेरठ-मुजफ्फरनगर शामली आदि कई जिलों से बिजनौर के चांदपुर अमरोहा गजरौला की ओर भीमकुंड गंगा पुल से जाने वाले वाहनों के लिए यह रास्ता पूरी तरह बाधित हो गया है। गंगा पुल के संपर्क मार्ग बैठने से आवागमन पूरी तरह बंद है। इसलिए लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और वापस लौट कर बिजनौर बैराज के रास्ते अब चांदपुर जाने का विकल्प है।
पिछले वर्ष से भी नहीं लिया सबब
पीडब्ल्यूडी विभाग की लापरवाही देखिए शुक्रवार को ही कार्य पूरा हुआ किसी ने समय रहते इस संपर्क मार्ग की सुध नहीं ली। रविवार को पहुंचे पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों ने कटान को रोकने के बजाय गाईड बांध का रोना रोया और कहा कि शासन से ही पैसा आवंटित नहीं किया जा रहा है। अगर समय रहते गत वर्ष से सबक लिया होता तो संपर्क मार्ग को टूटने से बचा जा सकता था। पिछले भी यह सड़क लंबे समय तक टूटी पड़ी रही थी, जिससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा था।
किसानों को होगी बड़ी परेशानी
हस्तिनापुर क्षेत्र के हजारों किसान गंगा के पार खेती करते हैं, जिसके लिए उन्हें हर रोज इस पुल से गुजर कर अपने खेतों में जाना होता है। पिछले वर्ष भी किसानों ने जमकर हंगामा किया था। उसके बाद सड़क को दुरुस्त किया गया था अब पुल के संपर्क मार्ग टूटने से किसानों के सामने परेशानी बढ़ गई है और खेती करने की चुनौती भी सामने होगी।