फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Companies withdrawing from giving Kovid claim

कोविड क्लेम देने से पीछे हट रही कंपनियां

Fri, 20 Nov 2020 12:50 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 20 Nov 2020 12:50 AM IST
विज्ञापन
Companies withdrawing from giving Kovid claim
मेरठ। सरकार द्वारा गाइडलाइन जारी करने के बाद भी कुछ इंश्योरेंस कंपनियां मरीजों से मनमानी कर रही हैं। मरीज यदि अलग कमरा मांगता है तो उसे अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है।
विज्ञापन

कोविड के दौरान इंश्योरेंस धारकों की समस्या को देखते हुए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) और जनरल इंश्योरेंस काउंसिल (जीआईसी) ने हॉस्पिटल के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की थी। रूम, डॉक्टर फीस एवं अन्य के रेट तय किए थे। जुलाई में सरकार के आदेशानुसार कोविड के लिए स्पेशल हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम सभी कंपनियों ने निकाली थी। हालांकि पूर्व से चली आ रही नॉर्मल हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में भी कोविड को शामिल रखा गया है।
विज्ञापन

मरीजों ने बताया कि अस्पताल वाले कहते हैं आपकी पॉलिसी में इतनी रकम निश्चित नहीं की गई है। प्राइवेट कंपनियां पॉलिसी बेचते समय कई दावे करती हैं परंतु बाद में डाइट चार्ट चार्जेस नहीं दिए जाते हैं। पीपीपी किट और डिस्पोजेबल का भी पैसा काट दिया जाता है। डेढ़ लाख का बिल बनने पर एक लाख 10 हजार रुपये तक ही क्लेम मिल पाता है। मेरठ में मुख्य रूप से एचडीएफसी एग्रो, रैलीगियर, स्टार, न्यू इंडिया इंश्योरेंस, नेशनल इंश्योरेंस, ओरिएंटल इंश्योरेंस, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस हेल्थ पॉलिसी दे रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

100 क्लेम फाइनल हुए
पॉलिसी में कुछ छिपाया नहीं जाता है। आईसीएमआर के आदेश का पालन किया जा रहा है। कोविड के अभी तक 100 से ज्यादा क्लेम फाइनल किए हैं। पालिसी धारकों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।-पंकज गोयल, सहायक प्रबंधक विकास, न्यू इंडिया इंश्योरेंस
केस स्टडी-1
कोविड के चलते दिल्ली स्थित अस्पताल में भर्ती किया गया था। हालांकि इंश्योरेंस कंपनी ने क्लेम देने से इनकार कर दिया। कंपनी अधिकारियों ने कहा घर पर रहकर इलाज कराओ अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं है। इस संबंध में कंपनी के अधिकारियों से दिल्ली और मुंबई शिकायत की गई। 3 से 4 दिन के प्रयास के बाद बड़ी मुश्किल से क्लेम स्वीकृत हुआ। इसके बावजूद काफी कटौती की गई।-विभोर गोयल निवासी शास्त्रीनगर
केस स्टडी-2
निजी अस्पताल में कोरोना का इलाज कराया। अलग कमरे में शिफ्ट हुए तो चार्ज लिया गया। इंश्योरेंस कंपनी ने अलग कमरे का पैसा देने से इनकार कर दिया। हालांकि अस्पताल वालों ने पहले ही जानकारी दे दी थी।-अजय कुमार निवासी जागृति विहार

वर्जन
आइसोलेशन के प्रतिदिन 8 से 14 हजार रुपये हैं। दवा अलग हैं। अलग कमरे का चार्ज इंश्योरेंस कंपनियां नहीं देती हैं, बाकी दे रही हैं। हमारे यहां 8 हजार रुपये लिए जाते हैं। आनंद अस्पताल में 1090 मरीजों का इलाज हुआ है। इनमें से करीब 900 का क्लेम मिल गया है।-मुनीष पंडित, मैनेजर, आनंद अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed