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Meerut News: ठंडी हवाएं खतरनाक...बढ़ा देती हैं सोरायसिस बीमारी
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मेरठ। सोरायसिस भी एक गंभीर बीमारी है, जो त्वचा से जुड़ी हुई है। वैसे तो यह बीमारी इंसान को किसी भी उम्र में हो सकती है, लेकिन आमतौर पर यह वयस्कों में ज्यादा देखने को मिलती है। एहतियात न बरती जाए तो सर्दियों में ठंडी हवाएं बीमारी को और बढ़ा देती हैं। सरकारी अस्पतालों में इस तरह के हर साल करीब 10 हजार मरीज आते हैं। लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 29 अक्तूबर को विश्व सोरायसिस दिवस मनाया जाता है।
सोरायसिस संक्रामक बीमारी नहीं है। यह स्वीमिंग पूल में नहाने, किसी सोरायसिस पीड़ित के साथ संपर्क में आने यह बीमारी नहीं फैलती है। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी शर्मा ने बताया कि सोरायसिस का संबंध कई खतरनाक बीमारियों, जैसे- डायबिटीज, हृदय संबंधी बीमारियां और डिप्रेशन (अवसाद) से भी है। इस बीमारी की असली वजह के बारे में तो पता नहीं है, लेकिन कहा जाता है कि प्रतिरक्षा तंत्र और आनुवंशिक कारणों से यह बीमारी किसी को भी हो सकती है और इसका असर शरीर के किसी भी हिस्से पर हो सकता है।
सोरायसिस के लक्षण
डॉ. अभिराज ने बताया कि आमतौर पर लोग शरीर में खुजली और त्वचा पर चकत्ते देखकर उसे अनदेखा कर देते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि यही सोरायसिस के प्रमुख लक्षण हैं। अगर आपके घर में किसी को सोरायसिस की शिकायत रह चुकी है तो आपको विशेष सावधानी की जरूरत है। अगर चमड़ी खुरदुरी और मोटी लगे या त्वचा पर चकत्ते हों, तो डॉक्टर से जांच करा लेनी चाहिए। इसका सबसे ज्यादा असर कोहनी के बाहरी हिस्से और घुटने पर देखने को मिलता है।
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सोरायसिस का इलाज
विशेषज्ञ कहते हैं कि इस बीमारी का कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन कई ऐसे उपचार जरूर हैं, जो इसके लक्षणों और त्वचा के चकत्तों को कम कर सकते हैं। इसके इलाज के लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करने की जरूरत है।
सोरायसिस से बचाव
शरीर को साफ-सुथरा रखने और खुद का ध्यान रखने, स्वस्थ भोजन और दिनचर्या, तनाव से दूर रह कर इस बीमारी से बचा जा सकता है।
मरीज ये बरतें एहतियात
त्वचा को सूखी होने से बचाएं
तेज सुगंध से बचें
शराब के सेवन से बचें
स्वास्थवर्धक भोजन करें
तनाव कम करें
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सोरायसिस संक्रामक बीमारी नहीं है। यह स्वीमिंग पूल में नहाने, किसी सोरायसिस पीड़ित के साथ संपर्क में आने यह बीमारी नहीं फैलती है। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी शर्मा ने बताया कि सोरायसिस का संबंध कई खतरनाक बीमारियों, जैसे- डायबिटीज, हृदय संबंधी बीमारियां और डिप्रेशन (अवसाद) से भी है। इस बीमारी की असली वजह के बारे में तो पता नहीं है, लेकिन कहा जाता है कि प्रतिरक्षा तंत्र और आनुवंशिक कारणों से यह बीमारी किसी को भी हो सकती है और इसका असर शरीर के किसी भी हिस्से पर हो सकता है।
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सोरायसिस के लक्षण
डॉ. अभिराज ने बताया कि आमतौर पर लोग शरीर में खुजली और त्वचा पर चकत्ते देखकर उसे अनदेखा कर देते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि यही सोरायसिस के प्रमुख लक्षण हैं। अगर आपके घर में किसी को सोरायसिस की शिकायत रह चुकी है तो आपको विशेष सावधानी की जरूरत है। अगर चमड़ी खुरदुरी और मोटी लगे या त्वचा पर चकत्ते हों, तो डॉक्टर से जांच करा लेनी चाहिए। इसका सबसे ज्यादा असर कोहनी के बाहरी हिस्से और घुटने पर देखने को मिलता है।
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सोरायसिस का इलाज
विशेषज्ञ कहते हैं कि इस बीमारी का कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन कई ऐसे उपचार जरूर हैं, जो इसके लक्षणों और त्वचा के चकत्तों को कम कर सकते हैं। इसके इलाज के लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करने की जरूरत है।
सोरायसिस से बचाव
शरीर को साफ-सुथरा रखने और खुद का ध्यान रखने, स्वस्थ भोजन और दिनचर्या, तनाव से दूर रह कर इस बीमारी से बचा जा सकता है।
मरीज ये बरतें एहतियात
त्वचा को सूखी होने से बचाएं
तेज सुगंध से बचें
शराब के सेवन से बचें
स्वास्थवर्धक भोजन करें
तनाव कम करें