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जूडो की नाबालिग खिलाड़ी से दरिंदगी के दोषी कोच को अंतिम सांस तक जेल की सजा
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नाबालिग जूड़ो खिलाड़ी से दुराचार के मामले में कोर्ट से सजा पाने वाला आरोपी कोच मनीष उर्फ मैक्स।
मेरठ। न्यायालय अपर जिला जज पॉक्सो अधिनियम-2 संगीता ने 10 साल की जूडो खिलाड़ी से स्कूल में दुष्कर्म करने के दोषी कोच मनीष उर्फ मैक्स को अंतिम सांस तक जेल में रहने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी को 50 हजार रुपये के अर्थदंड जमा करने का भी आदेश दिया है। दोषी कोच कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के अनूपनगर फाजलपुर का निवासी है।
अभियोजन के अनुसार पीड़िता जूडो खिलाड़ी के पिता ने 10 जून 2023 को कंकरखेड़ा थाने पर जूडो-कराटे के कोच मनीष उर्फ मैक्स के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और जान से मारने की धमकी का केस दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी 10 साल की बेटी एक निजी स्कूल में पढ़ती थी। वह जूडो की जूनियर लेवल की खिलाड़ी है। उसके स्कूल में ही जूडो कराटे की कोचिंग कराई जाती थी। जहां पर वह चार साल से कोचिंग ले रही थी। अनूपनगर फाजलपुर निवासी मनीष उर्फ मैक्स वहां पर कोच था। दो जून 2023 की शाम को मासूम खिलाड़ी अपने 11 साल के भाई के साथ कोचिंग के लिए गई थी।
वहां कोच मनीष उर्फ मैक्स ने उसके भाई समेत बाकी खिलाड़ियों को बाहर भेज दिया। इसके बाद कोच ने अपने गार्डरूम में ले जाकर बेटी से दरिंदगी की। किसी को बताने पर पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी कोच को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले में पुलिस ने दो महीने में ही आरोपी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। पुलिस ने कोर्ट में ठोस सबूत पेश किए और सभी गवाहों के बयान दर्ज कराए। दोनों पक्षों को सुनते हुए न्यायालय ने शुक्रवार को कोर्ट ने अपना निर्णय सुनाया।
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दो साल से जेल में है कोच मनीष
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि पुलिस की सशक्त व प्रभावी पैरवी से कोर्ट ने कोच मनीष उर्फ मैक्स को सजा सुनाई है। दो साल से वह जेल में बंद है। सेशन कोर्ट के अलावा इलाहाबाद हाईकोर्ट से भी उसे जमानत नहीं मिली थी।
तीन को दोष मुक्त किया
पीड़िता के पिता की ओर से कोच के अलावा तीन अन्य के खिलाफ भी धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। चारों के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी। न्यायालय ने बाकी तीनों के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिलने के कारण दोष मुक्त कर दिया।
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मासूम को अचेत अवस्था में घर छोड़ गया था दुष्कर्मी
मेरठ। जूडो खिलाड़ी के अचेत होने पर दुष्कर्मी कोच मनीष उर्फ मैक्स वारदात की शाम को उसके घर छोड़ने गया था। परिजनों के पूछने पर उसने बताया था कि पीड़िता को खेल के दौरान गंभीर चोट लगी है।
आठ दिन बाद आया होश
परिजन और परिचित गंभीर अवस्था में मासूम खिलाड़ी को लेकर तीन अस्पतालों में चक्कर काटते रहे मगर उसे होश नहीं आया। गंभीर हालत होने के कारण पीड़िता परिजनों को कुछ नहीं बता पाई। बाद में उसे चौथे अस्पताल में भर्ती कराया। जहां आठ दिन बाद 10 जून को पीड़िता को होश आया। होश आने के बाद उसने परिजनों को कोच की करतूत बताई। इसके बाद परिजन और ग्रामीण पीड़िता को गोद में लेकर कंकरखेड़ा थाने पहुंचे और कोच के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। रिपोर्ट दर्ज करके कंकरखेड़ा पुलिस ने पांच दिन बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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मनीष नशीले पदार्थ की तस्करी में गया था जेल
मेरठ। जांच के दौरान यह भी पता चला था कि मनीष उर्फ मैक्स कुछ साल पहले छत्तीसगढ़ में नशीले पदार्थ गांजे की तस्करी करता था। छत्तीसगढ़ पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वह डेढ़ साल तक जेल में रहा। जेल से बाहर आने के बाद उसने फाजलपुर के स्कूल में जूडो कराटे की कोचिंग खोल ली थी।
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अभियोजन के अनुसार पीड़िता जूडो खिलाड़ी के पिता ने 10 जून 2023 को कंकरखेड़ा थाने पर जूडो-कराटे के कोच मनीष उर्फ मैक्स के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और जान से मारने की धमकी का केस दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी 10 साल की बेटी एक निजी स्कूल में पढ़ती थी। वह जूडो की जूनियर लेवल की खिलाड़ी है। उसके स्कूल में ही जूडो कराटे की कोचिंग कराई जाती थी। जहां पर वह चार साल से कोचिंग ले रही थी। अनूपनगर फाजलपुर निवासी मनीष उर्फ मैक्स वहां पर कोच था। दो जून 2023 की शाम को मासूम खिलाड़ी अपने 11 साल के भाई के साथ कोचिंग के लिए गई थी।
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वहां कोच मनीष उर्फ मैक्स ने उसके भाई समेत बाकी खिलाड़ियों को बाहर भेज दिया। इसके बाद कोच ने अपने गार्डरूम में ले जाकर बेटी से दरिंदगी की। किसी को बताने पर पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी कोच को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले में पुलिस ने दो महीने में ही आरोपी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। पुलिस ने कोर्ट में ठोस सबूत पेश किए और सभी गवाहों के बयान दर्ज कराए। दोनों पक्षों को सुनते हुए न्यायालय ने शुक्रवार को कोर्ट ने अपना निर्णय सुनाया।
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दो साल से जेल में है कोच मनीष
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि पुलिस की सशक्त व प्रभावी पैरवी से कोर्ट ने कोच मनीष उर्फ मैक्स को सजा सुनाई है। दो साल से वह जेल में बंद है। सेशन कोर्ट के अलावा इलाहाबाद हाईकोर्ट से भी उसे जमानत नहीं मिली थी।
तीन को दोष मुक्त किया
पीड़िता के पिता की ओर से कोच के अलावा तीन अन्य के खिलाफ भी धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। चारों के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी। न्यायालय ने बाकी तीनों के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिलने के कारण दोष मुक्त कर दिया।
मासूम को अचेत अवस्था में घर छोड़ गया था दुष्कर्मी
मेरठ। जूडो खिलाड़ी के अचेत होने पर दुष्कर्मी कोच मनीष उर्फ मैक्स वारदात की शाम को उसके घर छोड़ने गया था। परिजनों के पूछने पर उसने बताया था कि पीड़िता को खेल के दौरान गंभीर चोट लगी है।
आठ दिन बाद आया होश
परिजन और परिचित गंभीर अवस्था में मासूम खिलाड़ी को लेकर तीन अस्पतालों में चक्कर काटते रहे मगर उसे होश नहीं आया। गंभीर हालत होने के कारण पीड़िता परिजनों को कुछ नहीं बता पाई। बाद में उसे चौथे अस्पताल में भर्ती कराया। जहां आठ दिन बाद 10 जून को पीड़िता को होश आया। होश आने के बाद उसने परिजनों को कोच की करतूत बताई। इसके बाद परिजन और ग्रामीण पीड़िता को गोद में लेकर कंकरखेड़ा थाने पहुंचे और कोच के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। रिपोर्ट दर्ज करके कंकरखेड़ा पुलिस ने पांच दिन बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
मनीष नशीले पदार्थ की तस्करी में गया था जेल
मेरठ। जांच के दौरान यह भी पता चला था कि मनीष उर्फ मैक्स कुछ साल पहले छत्तीसगढ़ में नशीले पदार्थ गांजे की तस्करी करता था। छत्तीसगढ़ पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वह डेढ़ साल तक जेल में रहा। जेल से बाहर आने के बाद उसने फाजलपुर के स्कूल में जूडो कराटे की कोचिंग खोल ली थी।