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गन्ना समिति के चेयरमैन और हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र के आरोपियों को क्लीनचिट, जांच शुरू
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किठौर। 12 दिन पूर्व गांव इंद्रपुरा में गन्ना समिति के चेयरमैन एवं थाने के हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र पर हमला करने के आरोप में हिरासत में लिए गए सभी आरोपियों को पुलिस ने लगातार एक सप्ताह तक पूछताछ के बाद क्लीनचिट दे दी है। पुलिस अन्य कई बिंदुओं पर जांच पड़ताल में जुट गई है।
24 अप्रैल को शराब के ठेके पर खड़े गन्ना समिति के चेयरमैन और थाने के हिस्ट्रीशीटर गांव इंद्रपुरा निवासी चेयरमैन वीरेंद्र के पेट में गोली लग गई थी। पीड़ित के भाई बालिस्टर की ओर से गांव के ही सात लोगों पर बाइक पर सवार होकर आए लोगों पर ताबड़तोड़ फायरिंग करने का आरोप लगाया था।
पुलिस ने दबिश देकर जंगल में भूसा ढो रहे सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया था। गोली लगने के बाद एसएसपी डॉ. विपिन ताडा अस्पताल पहुंचे थे और मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए थे। पुलिस ने हिरासत में लिए गए सभी आरोपियों से एक सप्ताह पूछताछ की तथा जांच पड़ताल की। जांच में हमला संदिग्ध पाया गया और सभी आरोपियों को थाने से क्लीन चिट देकर छोड़ दिया गया।
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थाना प्रभारी बृजेश कुमार पांडेय ने बताया कि जांच पूरी होने तक सभी नामजद आरोपी पुलिस की निगरानी में क्षेत्र में ही रहेंगे।
बताया जा रहा है कि चेयरमैन पर हमले में नामजद आरोपी वीर सिंह को 2015 में गोली लगी थी, जिसमें वीरेंद्र और उसके भाई सहित कई साथी नामजद थे। उक्त मामले का मेरठ कोर्ट में ट्रायल चल रहा है। इसके चलते यह साजिश रची गई। पुलिस ने बताया कि इस मामले में एक अपंजीकृत डाॅक्टर की संलिप्तता भी सामने आई है। चेयरमैन वीरेंद्र का आरोपी बसपा पार्टी से संबंध रखता है।
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24 अप्रैल को शराब के ठेके पर खड़े गन्ना समिति के चेयरमैन और थाने के हिस्ट्रीशीटर गांव इंद्रपुरा निवासी चेयरमैन वीरेंद्र के पेट में गोली लग गई थी। पीड़ित के भाई बालिस्टर की ओर से गांव के ही सात लोगों पर बाइक पर सवार होकर आए लोगों पर ताबड़तोड़ फायरिंग करने का आरोप लगाया था।
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पुलिस ने दबिश देकर जंगल में भूसा ढो रहे सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया था। गोली लगने के बाद एसएसपी डॉ. विपिन ताडा अस्पताल पहुंचे थे और मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए थे। पुलिस ने हिरासत में लिए गए सभी आरोपियों से एक सप्ताह पूछताछ की तथा जांच पड़ताल की। जांच में हमला संदिग्ध पाया गया और सभी आरोपियों को थाने से क्लीन चिट देकर छोड़ दिया गया।
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थाना प्रभारी बृजेश कुमार पांडेय ने बताया कि जांच पूरी होने तक सभी नामजद आरोपी पुलिस की निगरानी में क्षेत्र में ही रहेंगे।
बताया जा रहा है कि चेयरमैन पर हमले में नामजद आरोपी वीर सिंह को 2015 में गोली लगी थी, जिसमें वीरेंद्र और उसके भाई सहित कई साथी नामजद थे। उक्त मामले का मेरठ कोर्ट में ट्रायल चल रहा है। इसके चलते यह साजिश रची गई। पुलिस ने बताया कि इस मामले में एक अपंजीकृत डाॅक्टर की संलिप्तता भी सामने आई है। चेयरमैन वीरेंद्र का आरोपी बसपा पार्टी से संबंध रखता है।