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Meerut News: सिविल लाइन पुलिस ने मेडा के निलंबित जेई और मेट को थाने से छोड़ा
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मेरठ। जनता दर्शन में सुनवाई के दौरान रिश्वत की शिकायत मिलने पर मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के आदेश पर पुलिस के हवाले किए गए अवर अभियंता महादेव शरण एवं मेट यशवीर सिंह को पुलिस ने थाने से छोड़ दिया गया है। जबकि इस मामले में मेडा के अधिकारियों दोनों को निलंबित कर पुलिस के हवाले किया था और तहरीर भी दी गई थी। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है, जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
शनिवार को प्राधिकरण सभागार में उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय जनता दर्शन के अंतर्गत शनिवार को लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। शिकायतकर्ता आयुष चपराना ने कहा कि वह अपनी पैतृक भूमि पर 100-150 वर्ग गज में निर्माण करा रहा है। प्राधिकरण के प्रवर्तन अनुभाग के अवर अभियंता महादेव शरण एवं मेट यशवीर सिंह द्वारा उनसे अवैध निर्माण कराने के लिए रिश्वत मांग रहे हैं। उपाध्यक्ष ने बताया कि जेई और मेट से से जवाब मांगा लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। दोनों को निलंबित कर थाना सिविल लाइन पुलिस के हवाले कर दिया था। सिविल लाइन थाना पुलिस रविवार को इस मामले में गोलमोल जवाब देती रही।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि फिलहाल दोनों को छोड़ा गया है। सक्षम अधिकारी से जांच कराई जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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शनिवार को प्राधिकरण सभागार में उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय जनता दर्शन के अंतर्गत शनिवार को लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। शिकायतकर्ता आयुष चपराना ने कहा कि वह अपनी पैतृक भूमि पर 100-150 वर्ग गज में निर्माण करा रहा है। प्राधिकरण के प्रवर्तन अनुभाग के अवर अभियंता महादेव शरण एवं मेट यशवीर सिंह द्वारा उनसे अवैध निर्माण कराने के लिए रिश्वत मांग रहे हैं। उपाध्यक्ष ने बताया कि जेई और मेट से से जवाब मांगा लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। दोनों को निलंबित कर थाना सिविल लाइन पुलिस के हवाले कर दिया था। सिविल लाइन थाना पुलिस रविवार को इस मामले में गोलमोल जवाब देती रही।
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एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि फिलहाल दोनों को छोड़ा गया है। सक्षम अधिकारी से जांच कराई जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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