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Meerut News: आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल के सर्किल नंबरों से की जा रही थी ठगी
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आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल के सर्किल नंबरों से की जा रही थी ठगी
मेरठ। शास्त्रीनगर में कॉल सेंटर खोलकर बेरोजगार युवकों से ठगी का खेल आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु और केरल के सर्किल नंबरों से यूपी सहित छह राज्यों में दो साल से चल रहा था। आरोपियों के मोबाइल नंबर, एटीएम कार्ड, पासबुक से एसटीएफ को काफी जानकारी मिलीं। मेडिकल पुलिस ने जेल भेजे आरोपी रंजन कुमार, नारायण केला, मोहित शर्मा के साथ एफआईआर में अनुज पूनिया, नियाज, जिगर और रंजन की पत्नी स्वेता कुमारी का नाम शामिल कर लिया। ठगी के शिकार पीड़ितों से पुलिस संपर्क करने का प्रयास करने में जुट गई है।
इंडिगो, एयर इंडिया एयरलाइंस, कन्नूर इंटरनेशनल एयरपोर्ट सहित विभिन्न कंपनियों में बेरोजगार युवकों को फर्जी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वालों का नेटवर्क यूपी, दिल्ली, बिहार, पंजाब, हरियाणा व राजस्थान तक फैला हुआ था। जेल भेजने से पहले तीनों आरोपियों से बरामद 21 मोबाइल सिम, एटीएम कार्ड और बैंक पासबुक की जांच की गई।
सर्विलांस एक्सपर्ट ने बताया कि ठगी में जिन मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया जा रहा था, वह आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल के सर्किल हैं। उक्त तीनों राज्यों से फर्जी आईडी पर मोबाइल नंबर चलाकर शास्त्रीनगर में दो साल तक ठगी का खेल खेला जा रहा था। गिरोह के अभी तक सात लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनमें स्वेता भी शामिल है। पुलिस का दावा है कि रंजन और स्वेता की झारखंड में मुलाकात हुई थी। दोनों में दोस्ती हुई और फिर शादी हो गई।
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सुपरटेक पामग्रीन में फ्लैट से भी ठगी का धंधा
रंजन कुमार और उसकी पत्नी स्वेता ने बिजली बंबा बाईपास स्थित सुपरटेक पामग्रीन में फ्लैट किराये पर लिया हुआ है। कोविड काल में 2000-2021 में दंपती ने फ्लैट से ही ठगी का धंधा चलाया। सब कुछ ऑनलाइन था, जिसके चलते फ्लैट में दो लैपटॉप से बेरोजगारों को दंपती ठग रहे थे। रंजन की गिरफ्तारी का पता लगते ही स्वेता फरार हो गई।
नियाज बेचता था कंपनी का डाटा
पुलिस जांच में सामने आया कि फाउंडिट कंपनी का कर्मचारी नियाज बेरोजगारों का डाटा इन्हें बेचता था। वह नोएडा में रहता है। एक हजार बेरोजगारों का डाटा वह पांच हजार में बेचता था। फाउंडिट के अलावा दूसरी कंपनियों से भी बेरोजगारों का डाटा साइबर ठगी करने वाला गिरोह खरीदता था। पुलिस ने सब कंपनियों को इसकी जानकारी दे दी है। नियाज फरार है।
जिगर मुहैया कराता था मोबाइल सिम
तीनों आरोपियों ने बताया कि उन्हें मोबाइल सिम गाजियाबाद निवासी जिगर उपलब्ध कराता था। आरोपियों से 21 मोबाइल सिम मिले हैं। जांच में पता चला कि यह नंबर आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु और केरल सर्किल के हैं। मोबाइल सिम कैसे मिले, इसकी जांच सर्विलांस टीम कर रही है। जिगर की तलाश की गई, लेकिन वह अभी फरार है।
कई जिलों में अनुज का कॉल सेंटर
गिरोह का सरगना अनुज पूनिया जानी क्षेत्र के नेक गांव का रहने वाला है। एसटीएफ की जांच में सामने आया कि अनुज का मेरठ के अलावा दूसरे जिलों में भी कॉल सेंटर चलता है। आरोपियों ने अनुज का भाजपा नेता से कनेक्शन बताया है। आरोपी अनुज जर्मनी भी भाग सकता है, जहां पर उक्त भाजपा नेता का परिवार रहता है। कॉल सेंटर में बेरोजगार लड़कियों को नौकरी देकर भी ठगा जाता था।
तीनों आरोपियों को जेल भेजा
एसटीएफ व मेडिकल पुलिस ने शुक्रवार को शास्त्रीनगर स्थित भूतनाथ चौराहा स्थित मरीनर्स आरकेड कांपलेक्स में प्रथम तल पर छापा मारकर कॉल सेंटर पकड़ा था। जहां से रंजन कुमार निवासी कोलबा रोड मुजफ्फरपुर बिहार (हाल पता सुपरटेक पामग्रीन), नारायण केला निवासी ई-ब्लाक शास्त्रीनगर (सराय लालदास) व मोहित शर्मा निवासी भोला झाल जानी को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपियों ने बेरोजगार युवकों को नौकरी लगवाने का झांसा देकर ठगी करने की बात स्वीकारी थी। शनिवार को मेडिकल पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा। फरार चारों आरोपियों की तलाश में एसटीएफ और मेडिकल पुलिस दबिश दे रही है।
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मेरठ। शास्त्रीनगर में कॉल सेंटर खोलकर बेरोजगार युवकों से ठगी का खेल आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु और केरल के सर्किल नंबरों से यूपी सहित छह राज्यों में दो साल से चल रहा था। आरोपियों के मोबाइल नंबर, एटीएम कार्ड, पासबुक से एसटीएफ को काफी जानकारी मिलीं। मेडिकल पुलिस ने जेल भेजे आरोपी रंजन कुमार, नारायण केला, मोहित शर्मा के साथ एफआईआर में अनुज पूनिया, नियाज, जिगर और रंजन की पत्नी स्वेता कुमारी का नाम शामिल कर लिया। ठगी के शिकार पीड़ितों से पुलिस संपर्क करने का प्रयास करने में जुट गई है।
इंडिगो, एयर इंडिया एयरलाइंस, कन्नूर इंटरनेशनल एयरपोर्ट सहित विभिन्न कंपनियों में बेरोजगार युवकों को फर्जी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वालों का नेटवर्क यूपी, दिल्ली, बिहार, पंजाब, हरियाणा व राजस्थान तक फैला हुआ था। जेल भेजने से पहले तीनों आरोपियों से बरामद 21 मोबाइल सिम, एटीएम कार्ड और बैंक पासबुक की जांच की गई।
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सर्विलांस एक्सपर्ट ने बताया कि ठगी में जिन मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया जा रहा था, वह आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल के सर्किल हैं। उक्त तीनों राज्यों से फर्जी आईडी पर मोबाइल नंबर चलाकर शास्त्रीनगर में दो साल तक ठगी का खेल खेला जा रहा था। गिरोह के अभी तक सात लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनमें स्वेता भी शामिल है। पुलिस का दावा है कि रंजन और स्वेता की झारखंड में मुलाकात हुई थी। दोनों में दोस्ती हुई और फिर शादी हो गई।
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सुपरटेक पामग्रीन में फ्लैट से भी ठगी का धंधा
रंजन कुमार और उसकी पत्नी स्वेता ने बिजली बंबा बाईपास स्थित सुपरटेक पामग्रीन में फ्लैट किराये पर लिया हुआ है। कोविड काल में 2000-2021 में दंपती ने फ्लैट से ही ठगी का धंधा चलाया। सब कुछ ऑनलाइन था, जिसके चलते फ्लैट में दो लैपटॉप से बेरोजगारों को दंपती ठग रहे थे। रंजन की गिरफ्तारी का पता लगते ही स्वेता फरार हो गई।
नियाज बेचता था कंपनी का डाटा
पुलिस जांच में सामने आया कि फाउंडिट कंपनी का कर्मचारी नियाज बेरोजगारों का डाटा इन्हें बेचता था। वह नोएडा में रहता है। एक हजार बेरोजगारों का डाटा वह पांच हजार में बेचता था। फाउंडिट के अलावा दूसरी कंपनियों से भी बेरोजगारों का डाटा साइबर ठगी करने वाला गिरोह खरीदता था। पुलिस ने सब कंपनियों को इसकी जानकारी दे दी है। नियाज फरार है।
जिगर मुहैया कराता था मोबाइल सिम
तीनों आरोपियों ने बताया कि उन्हें मोबाइल सिम गाजियाबाद निवासी जिगर उपलब्ध कराता था। आरोपियों से 21 मोबाइल सिम मिले हैं। जांच में पता चला कि यह नंबर आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु और केरल सर्किल के हैं। मोबाइल सिम कैसे मिले, इसकी जांच सर्विलांस टीम कर रही है। जिगर की तलाश की गई, लेकिन वह अभी फरार है।
कई जिलों में अनुज का कॉल सेंटर
गिरोह का सरगना अनुज पूनिया जानी क्षेत्र के नेक गांव का रहने वाला है। एसटीएफ की जांच में सामने आया कि अनुज का मेरठ के अलावा दूसरे जिलों में भी कॉल सेंटर चलता है। आरोपियों ने अनुज का भाजपा नेता से कनेक्शन बताया है। आरोपी अनुज जर्मनी भी भाग सकता है, जहां पर उक्त भाजपा नेता का परिवार रहता है। कॉल सेंटर में बेरोजगार लड़कियों को नौकरी देकर भी ठगा जाता था।
तीनों आरोपियों को जेल भेजा
एसटीएफ व मेडिकल पुलिस ने शुक्रवार को शास्त्रीनगर स्थित भूतनाथ चौराहा स्थित मरीनर्स आरकेड कांपलेक्स में प्रथम तल पर छापा मारकर कॉल सेंटर पकड़ा था। जहां से रंजन कुमार निवासी कोलबा रोड मुजफ्फरपुर बिहार (हाल पता सुपरटेक पामग्रीन), नारायण केला निवासी ई-ब्लाक शास्त्रीनगर (सराय लालदास) व मोहित शर्मा निवासी भोला झाल जानी को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपियों ने बेरोजगार युवकों को नौकरी लगवाने का झांसा देकर ठगी करने की बात स्वीकारी थी। शनिवार को मेडिकल पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा। फरार चारों आरोपियों की तलाश में एसटीएफ और मेडिकल पुलिस दबिश दे रही है।