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छोटूराम में होगी हॉस्पिटल मैनेजमेंट की पढ़ाई
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 14 Jan 2017 02:16 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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चौधरी चरण सिंह विवि द्वारा संचालित सर छोटूराम इंजीनियरिंग कॉलेज में अब हॉस्पिटल मैनेजमेंट की पढ़ाई होगी। कॉलेज और विवि प्रशासन तीन नए पाठ्यक्रमों को शुरू करने की तैयारी में है। सब कुछ नियमबद्ध तरीके से हुआ तो शैक्षिक सत्र 2017-18 से हॉस्पिटल मैनेजमेंट, बीकॉम आनर्स और पॉलिटेक्नीक में दाखिले किए जाएंगे। कॉलेज की तरफ से मान्यता लेने संबंधी सारी औपचारिकताएं पर काम शुरू कर दिया गया है।
रोजगार सीमित होने के कारण बीटेक और एमबीए में लगातार छात्रों की संख्या घट रही है। इससे छोटूराम कॉलेज भी अछूता नहीं है। बीटेक, एमबीए फाइनेंस व मैनेजमेंट जैसे पाठ्यक्रमों में हर साल छात्र कम होते जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में विवि प्रशासन ने विकल्प खोजने शुरू कर दिए हैं। इन तीन कोर्सों को डिमांड बाजार में अभी काफी है। विवि को एमबीए इन हॉस्पिटल मैनेजमेंट की मान्यता ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजूकेशन (एआईसीटीई) से मान्यता लेनी होगी, जिसकी फाइल तैयार की जा रही है। पॉलिटेक्नीक की फाइल तैयार है, जिसकी मान्यता उत्तर प्रदेश प्राविधिक शिक्षा परिषद से ली जानी है। अभी तक मान्यता संबंधी फार्म परिषद की तरफ से जारी नहीं हुए हैं। जैसे ही फॉर्म जारी किए जाएंगे तत्काल आवेदन कर दिया जाएगा। उधर, बीकॉम आनर्स की मान्यता विवि स्तर से ही होनी है, जिसकी फाइल पूरी कर ली गई है। जल्द ही प्रस्ताव कार्य परिषद में रखकर पाठ्यक्रम चलाने की परमिशन दे दी जाएगी।
काफी छात्र लेंगे दाखिला
विवि और छोटूराम कॉलेज प्रशासन का मानना है कि इन कोर्सों में सबसे ज्यादा छात्र दाखिला लेंगे। क्योंकि एमबीए इन हॉस्पिटल मैनेजमेंट विवि से संबद्ध परिक्षेत्र में किसी कालेज में संचालित नहीं है, जबकि इसकी डिमांड नेशनल व इंटरनेशनल लेवल पर सबसे ज्यादा है। बीकॉम आनर्स दिल्ली विवि के बाद छोटू राम संचालित कराने वाले इस क्षेत्र का पहला कालेज बन जाएगा। बीते वर्षों के दौरान पॉलिटेक्नीक की डिमांड बढ़ रही है।
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विवि के पास हैं संसाधन
छोटूराम इंजीनियरिंग कॉलेज के साथ ही विवि के अंदर काफी बिल्डिंग खाली पड़ी है। जिस कारण से उसके पास इन कोर्सों को संचालित कराने के लिए पर्याप्त क्लास रूम, लैब व दफ्तर मौजूद हैं। बीटेक के लिए टेक्निकल लैब पहले से संचालित हैं। पॉलिटेक्नीक जैसे कोर्स को आसानी से मान्यता मिल जाएगी।
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रोजगार सीमित होने के कारण बीटेक और एमबीए में लगातार छात्रों की संख्या घट रही है। इससे छोटूराम कॉलेज भी अछूता नहीं है। बीटेक, एमबीए फाइनेंस व मैनेजमेंट जैसे पाठ्यक्रमों में हर साल छात्र कम होते जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में विवि प्रशासन ने विकल्प खोजने शुरू कर दिए हैं। इन तीन कोर्सों को डिमांड बाजार में अभी काफी है। विवि को एमबीए इन हॉस्पिटल मैनेजमेंट की मान्यता ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजूकेशन (एआईसीटीई) से मान्यता लेनी होगी, जिसकी फाइल तैयार की जा रही है। पॉलिटेक्नीक की फाइल तैयार है, जिसकी मान्यता उत्तर प्रदेश प्राविधिक शिक्षा परिषद से ली जानी है। अभी तक मान्यता संबंधी फार्म परिषद की तरफ से जारी नहीं हुए हैं। जैसे ही फॉर्म जारी किए जाएंगे तत्काल आवेदन कर दिया जाएगा। उधर, बीकॉम आनर्स की मान्यता विवि स्तर से ही होनी है, जिसकी फाइल पूरी कर ली गई है। जल्द ही प्रस्ताव कार्य परिषद में रखकर पाठ्यक्रम चलाने की परमिशन दे दी जाएगी।
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काफी छात्र लेंगे दाखिला
विवि और छोटूराम कॉलेज प्रशासन का मानना है कि इन कोर्सों में सबसे ज्यादा छात्र दाखिला लेंगे। क्योंकि एमबीए इन हॉस्पिटल मैनेजमेंट विवि से संबद्ध परिक्षेत्र में किसी कालेज में संचालित नहीं है, जबकि इसकी डिमांड नेशनल व इंटरनेशनल लेवल पर सबसे ज्यादा है। बीकॉम आनर्स दिल्ली विवि के बाद छोटू राम संचालित कराने वाले इस क्षेत्र का पहला कालेज बन जाएगा। बीते वर्षों के दौरान पॉलिटेक्नीक की डिमांड बढ़ रही है।
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विवि के पास हैं संसाधन
छोटूराम इंजीनियरिंग कॉलेज के साथ ही विवि के अंदर काफी बिल्डिंग खाली पड़ी है। जिस कारण से उसके पास इन कोर्सों को संचालित कराने के लिए पर्याप्त क्लास रूम, लैब व दफ्तर मौजूद हैं। बीटेक के लिए टेक्निकल लैब पहले से संचालित हैं। पॉलिटेक्नीक जैसे कोर्स को आसानी से मान्यता मिल जाएगी।