स्कूल प्रबंधकों की दो टूक: जानबूझकर फीस नहीं दी तो कट सकता है बच्चे का नाम, न होगा प्रमोट, न मिलेगी टीसी
मेरठ सहोदय और मेरठ स्कूल फेडरेशन के पदाधिकारियों ने बैठक में लिया फैसला
कहा कि बिना फीस के बच्चों को न तो प्रमोट करेंगे और न ही टीसी देंगे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मेरठ में दीवान पब्लिक स्कूल इंटरनेशनल के शिक्षक द्वारा वेतन नहीं मिलने पर आत्महत्या करने के बाद सीबीएसई स्कूलों में फीस को लेकर हो रहे विरोध पर स्कूलों के प्रधानाचार्य और संचालक खुलकर सामने आ गए हैं।
मंगलवार को मेरठ सहोदय और मेरठ स्कूल फेडरेशन की ऑनलाइन बैठक में साफ कहा गया कि जो अभिभावक जानबूझकर फीस जमा नहीं कर रहे हैं, ऐसे मामलों में अब सख्त एक्शन लिया जाएगा। यह अभिभावकों की गलत सोच है कि बिना फीस दिए बच्चों की टीसी ले लेंगे। अगली कक्षा में प्रमोशन भी पूरी फीस देने के बाद ही होगा। एसोसिएशन ने जो संकेत दिए हैं, उससे ये भी साफ है कि फीस नहीं देने वाले बच्चों का नाम भी स्कूल से काटा जा सकता है।
दोनों संस्थाओं के सचिव राहुल केसरवानी ने बताया कि बैठक में स्कूलों में फीस नहीं दिए जाने पर निर्णय लिए गए कि जो शिक्षक वाकई में इस दौरान फीस देने में असमर्थ हैं, उनकी मदद की जा रही है। ऐसे शिक्षक स्कूलों में आकर मिलें उनकी आगे भी मदद की जाएगी।
कुछ अभिभावकों को छोड़ दें तो बहुतों की संख्या ऐसी भी है जो फीस दे सकते हैं। लेकिन वे जानबूझकर फीस नहीं दे रहे हैं। वे सोशल मीडिया पर ग्रुप बनाकर दूसरे लोगों को भी फीस नहीं देने के लिए बोल रहे हैं।
यह भी पढ़ें: शादी में डांस करने पर युवक से हुआ विवाद, दो साल बाद किया मर्डर, पुलिस ने मुठभेड़ में दबोचा आरोपी
सरकार ने नहीं कहा फीस माफी के लिए
बैठक में कहा गया कि सरकार ने सात अप्रैल और चार जुलाई को दो आदेश जारी किए थे। इनमें से किसी में भी फीस माफी के लिए नहीं कहा गया है। ऐसे में जो अभिभावक सोच रहे हैं कि अगस्त तक यहां पढ़ा लें और सितंबर में बिना फीस दिए टीसी कटवाकर दूसरे स्कूल में एडमिशन दिला देंगे तो ऐसा भी नहीं होगा।
जिस बच्चे की टीसी का जब भी आवेदन किया जाएगा तो उस तिथि तक की फीस पूरी जमा करनी होगी। कोई भी स्कूल बिना टीसी के अपने यहां एडमिशन नहीं देगा। वहीं, बहुत से अभिभावक सोच रहे हैं कि दिसंबर-जनवरी तक स्कूल नहीं खुलेंगे तो बाद में स्कूलों को बच्चों को प्रमोट करना मजबूरी होगा। लेकिन पूरी फीस के बिना बच्चे को प्रमोट नहीं किया जाएगा।
फीस आएगी नहीं तो कहां से देंगे वेतन
बैठक में कहा गया कि फीस नहीं आएगी तो शिक्षकों को वेतन कहां से देंगे। ऐसे में इसका असर सभी पर पड़ेगा। पांच महीने हो गए हैं लेकिन बहुत से अभिभावकों ने फीस जमा नहीं की है। ऐसे में अब सख्त निर्णय लेने पड़ेंगे। फीस नहीं देने वाले अभिभावक सोच लें कि वह क्या चाहते हैं।
सहोदय मेरठ की बैठक में 57 स्कूलों के प्रधानाचार्य तो मेरठ स्कूल फेडरेशन की बैठक में 32 स्कूलों के संचालक मौजूद रहे। इस मौके पर सहोदय के अध्यक्ष प्रेम मेहता, उपाध्यक्ष डॉ. अल्पना शर्मा, डॉ. अनुपमा सक्सेना, श्रीगोपाल दीक्षित, चंद्रलेखा जैन, रितु दीवान, पूनम सिंह एवं फेडरेशन अध्यक्ष विष्णु शरण, उपाध्यक्ष तेजेंद्र खुराना, अमित चौधरी, संजीव चौधरी, सौरभ रस्तोगी आदि मौजूद रहे।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/