फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Child deaths in road accident

ऑटो चालकों की अंधी दौड़ ने ली मासूम की जान

Sat, 28 Nov 2015 01:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ Updated Sat, 28 Nov 2015 01:56 AM IST
विज्ञापन
 Child deaths in road accident
मेरठ। ऑटो चालकों की अंधी दौड़ और लापरवाही ने शुक्रवार सुबह एक मासूम की जान ले ली। 14 स्कूली बच्चों से भरे ऑटो को चालक दिल्ली रोड पर तेज गति से दौड़ा रहा था। इस दौरान पीछे से आते ऑटो ने उसमें टक्कर मार दी। ऑटो को रोकने के बजाय चालक ने रफ्तार और तेज कर दी।
विज्ञापन


आगे निकलने की होड़ में पीछे वाले ऑटो चालक ने फिर बराबर में आकर टक्कर मारी तो बच्चों से भरा ऑटो पलट गया। इस हादसे में पांच साल के मासूम का सिर ऑटो के नीचे ही दबा रह गया। उसे जब तक अस्पताल ले जाया गया, वह दम तोड़ चुका था।
विज्ञापन


दिल्ली रोड स्थित श्रीराम पैलेस निवासी उद्यमी संदीप गर्ग का इकलौता बेटा प्रणव (पांच वर्ष) बच्चा पार्क स्थित सनबीन स्कूल में पहली क्लास में पढ़ता था। संदीप की मोहकमपुर में रस और ट्रॉफी की फैक्ट्री है। रुटीन की तरह शुक्रवार सुबह प्रणव ऑटो से स्कूल जाने के लिए निकला था।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऑटो चालक शिवनाथ तेज रफ्तार से ऑटो चला रहा था, जिससे ऑटो लहरा रहा था। पुरानी दिल्ली चुंगी से थोड़ा पहले ऑटो को पीछे से आ रहे ऑटो ने टक्कर मार दी। इसके बाद भी शिवनाथ ने ऑटो की रफ्तार धीमी करने या साइड में करने के बजाय उसकी रफ्तार और बढ़ा दी।

पीछा करता ऑटो चालक अचानक उसके बराबर में आ गया। एक-दूसरे से जबरन आगे निकलने की जिद में दोनों ऑटो में टक्कर हो गई। टक्कर होने पर स्कूली बच्चों से भरा ऑटो पलट गया। जबकि, टक्कर मारने वाला ऑटो चालक बेगमपुल की तरफ फरार हो गया। ऑटो पलटते ही उसमें सवार कुछ मासूम सड़क पर इधर-उधर गिरे तो कुछ बच्चे कुछ दूर तक घिसटते चले गए। अचानक हुए इस हादसे से चोटिल बच्चों में चीखपुकार मच गई।

उफ! ऑटो से निकल नहीं पाया प्रणव
हादसे में घायल प्रणव का सिर ऑटो के नीचे ही दबा रह गया। खून से लथपथ प्रणव मदद के लिए चिल्ला भी नहीं पाया। चारों तरफ चीखपुकार मची थी। वहां लोग तो इकट्ठा हुए, लेकिन प्रणव की तरफ किसी का ध्यान नहीं गया। लापरवाह ऑटो चालक शिवनाथ भी ऐसी विकट स्थिति में बच्चों को बचाने के बजाय मौके से भाग गया।

कुछ देर तक प्रणव का सिर ऑटो के नीचे ही दबा रहा। इस दौरान पीछे से आ रहे सरस्वती लोक निवासी प्रदीप बंसल ने प्रणव को ऑटो के नीचे फंसा देखा तो तुरंत बाइक रोककर उसे बाहर निकाला। खून से लथपथ प्रणव को लेकर प्रदीप पहले शारदा रोड स्थित कामना नर्सिंग होम पहुंचे।

यहां से फिर बागपत रोड स्थित केएमसी अस्पताल। लेकिन, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने प्रणव को मृत घोषित कर दिया। प्रदीप ने प्रणव के आई कार्ड पर लिखे नंबर पर फोन कर उसके पिता को सूचना दी। बच्चे के साथ हादसे की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। बदहवास संदीप पत्नी शिल्पी के साथ तुरंत अस्पताल पहुंच गए।

ऑटो चालक पर गैर इरादतन हत्या का केस
उद्यमी के बेटे की सड़क हादसे में मौत की जानकारी मिलने पर संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता समेत व्यापारी संदीप गर्ग के घर पहुंचे। बाद में सभी ने थाना टीपी नगर पहुंचकर आरोपी ऑटो चालक शिवनाथ के खिलाफ तहरीर दी। संदीप गर्ग की तहरीर पर शिवनाथ के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया।


पुलिस नहीं पहुंची मौके पर
टीपीनगर और ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र की सीमा पर हुए दर्दनाक हादसे की सूचना कंट्रोल रूम को देने के बाद भी मौके पर किसी भी थाने की पुलिस नहीं पहुंची। करीब आधा घंटे तक मौके पर अफरातफरी का माहौल रहा। बच्चे बदहवास होकर रो रहे थे। कोई उन्हें संभालने वाला नहीं था। लेकिन पुलिसकर्मी मौके तक पर नहीं पहुंचे। जिसे लेकर बच्चों के अभिभावकों में खासा रोष देखने को मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed