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फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर दी नौकरी, वेतन जारी हुआ
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बागपत। फर्जी ऑफर लेटर जारी कर संविदा पर स्टाफ नर्स भर्ती कराने वालों ने पूरी व्यवस्था में सेंध लगा दी। फर्जी पत्र के आधार पर छह लाख साठ हजार रुपये का वेतन भी सरकारी खजाने से जारी कर दिया गया। अब तक की जांच में सामने आया है कि इसके पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के ई-मेल पर सूचना आए बगैर ही संविदा कर्मचारियों को नियुक्ति दे दी गई है। जबकि नियम है कि जिस कर्मचारी को नियुक्ति दी जाती है, लखनऊ से ई-मेल पर उसकी जानकारी दी जाती है। नियुक्ति देने वाले अधिकारियों की जांच शुरू हो गई है।
वर्तमान में झांसी में तैनात जिले की निवर्तमान सीएमओ डॉ सुषमा चंद्रा के कार्यकाल में नियुक्ति पाने वाली 14 स्टाफ नर्स फर्जी ऑफर लेटर से भर्ती हुई थीं। स्वास्थ्य विभाग जांच करा रहा है कि आखिर सिस्टम में सेंधमारी कैसे हुई। सीएमओ डॉ जितेंद्र वर्मा बताते हैं कि एनएचएम से नियुक्ति पाने वाले कर्मचारियों की बाबत सीएमओ कार्यालय में ई-मेल से जानकारी दी जाती है। लेकिन इन कर्मचारियों की कोई ई-मेल से जानकारी प्राप्त नहीं हुई, बल्कि सीधे ज्वाइनिंग ही दे दी गई। ज्वाइनिंग किस आधार पर दी गई और किसके आदेश पर दी, इसकी जांच शासन करा रहा है। अब तक खेल से साफ हो गया है कि अंतरराज्यीय गिरोह सक्रिय है।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के ई-मेल पर सूचना आए बगैर ही संविदा कर्मचारियों को नियुक्ति दे दी गई है। जबकि नियम है कि जिस कर्मचारी को नियुक्ति दी जाती है, लखनऊ से ई-मेल पर उसकी जानकारी दी जाती है। नियुक्ति देने वाले अधिकारियों की जांच शुरू हो गई है।
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वर्तमान में झांसी में तैनात जिले की निवर्तमान सीएमओ डॉ सुषमा चंद्रा के कार्यकाल में नियुक्ति पाने वाली 14 स्टाफ नर्स फर्जी ऑफर लेटर से भर्ती हुई थीं। स्वास्थ्य विभाग जांच करा रहा है कि आखिर सिस्टम में सेंधमारी कैसे हुई। सीएमओ डॉ जितेंद्र वर्मा बताते हैं कि एनएचएम से नियुक्ति पाने वाले कर्मचारियों की बाबत सीएमओ कार्यालय में ई-मेल से जानकारी दी जाती है। लेकिन इन कर्मचारियों की कोई ई-मेल से जानकारी प्राप्त नहीं हुई, बल्कि सीधे ज्वाइनिंग ही दे दी गई। ज्वाइनिंग किस आधार पर दी गई और किसके आदेश पर दी, इसकी जांच शासन करा रहा है। अब तक खेल से साफ हो गया है कि अंतरराज्यीय गिरोह सक्रिय है।
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