फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Chaudhary Jayant became the political pivot of West UP, Samajwadi Party and Congress also tried to convince

UP: पश्चिमी यूपी की राजनीतिक धुरी बने जयंत; NDA से बातचीत की अटकलों के बीच सपा-कांग्रेस मान-मनौव्वल में जुटीं

Thu, 08 Feb 2024 09:35 AM IST
शाहरुख खान अंकित चौहान, अमर उजाला, बागपत
अंकित चौहान, अमर उजाला, बागपत Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 08 Feb 2024 09:35 AM IST
सार

India Alliance: राजनीतिक गहमागहमी के बीच रालोद की एनडीए में वापसी की प्रबल संभावना है। करीब 14 साल बाद भाजपा और रालोद के बीच हुई बातचीत को सकारात्मक माना जा रहा है।

विज्ञापन
Chaudhary Jayant became the political pivot of West UP, Samajwadi Party and Congress also tried to convince
वेस्ट यूपी की राजनीति की धुरी चौधरी जयंत सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लोकसभा चुनाव से पहले वेस्ट यूपी की राजनीति की धुरी चौधरी जयंत सिंह बन गए हैं। एनडीए के साथ बातचीत शुरू होने के बाद हर किसी की नजर उन पर ही टिकी है कि उनका अंतिम फैसला क्या होता है। क्योंकि वेस्ट की अधिकतर सीटों पर जाट वोटर चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं। 
विज्ञापन


इसको देखते हुए ही सपा व कांग्रेस के तेवर भी ढीले हुए हैं और वे भी जयंत को मनाने में जुटे हैं। वेस्ट यूपी की बागपत, कैराना, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बुलंदशहर, गाजियाबाद, बिजनौर, नोएडा, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल, पीलीभीत, बरेली, आंवला, बदांयू, मथुरा, फतेहपुर सीकरी, फिरोजाबाद, आगरा, अलीगढ़, हाथरस सीटों पर जाट वोटर हैं। 
विज्ञापन


इनमें अधिकतर सीटों की यह स्थिति है कि वहां जाट वोटर चुनाव प्रभावित कर सकता है और जाटों को सबसे ज्यादा रालोद के साथ माना जाता है। ऐसे में रालोद अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह की एनडीए के साथ जाने को लेकर बातचीत शुरू हुई तो सपा व कांग्रेस को चुनावी गणित गड़बड़ाने की चिंता हो गई है। इसलिए अब वह भी जयंत को मनाने में जुट गए हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


यह कहा जा रहा है कि जयंत के साथ तय हुई सात सीटों में जहां अभी तक तीन पर अपने प्रत्याशी उतारने का दबाव बना रही थी, वहीं अब वह रालोद के प्रत्याशी ही उतारने के लिए राजी हो गई है। जबकि कांग्रेस भी राजस्थान में एक लोकसभा सीट देने को तैयार है। लेकिन अब हर किसी की नजर जयंत पर टिकी है कि वह किस तरफ रुख करते हैं। 

हैंडपंप से भावनात्मक रूप से जुड़े, इसलिए इस निशान की चाहत
रालोद पार्टी व नल के निशान के साथ काफी सीटों पर जाट भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं। इसलिए ही माना जा रहा है कि सपा अपने प्रत्याशियों को रालोद के सिंबल पर उतारना चाहती थी। वह कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर सीट पर अपने प्रत्याशी को रालोद के सिंबल पर उतारने की पूरी तैयारी कर चुके थे। इस पर ही विवाद बढ़ा और सपा का यह दांव उस पर ही भारी पड़ गया।

एनडीए संग गए तो छपरौली में जल्द बड़ा कार्यक्रम होगा
जयंत अगर एनडीए के साथ चले जाते हैं तो छपरौली में जल्द ही बड़ा कार्यक्रम होगा। जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह की मूर्ति का अनावरण होगा और वहां पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने की घोषणा हो सकती है। इसके साथ ही हरियाणा-यूपी को जोड़ने के लिए यमुना पर बने पुल का उद्घाटन हो सकता है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed