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सेंट्रल मार्केट : सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई आज, व्यापारियों की सांसें अटकीं

Wed, 01 Apr 2026 02:35 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 01 Apr 2026 02:35 AM IST
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central market issue :: Hearing held in SC today
शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में बाटा शोरूम के बराबर वाली दुकान में  तोड़फोड़ के कार्य में जुटे 
मेरठ। शास्त्रीनगर के प्रसिद्ध सेंट्रल मार्केट के मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। यह मामला कोर्ट की कार्यसूची में 63 नंबर पर लगा है। इसे लेकर व्यापारियों की सांसे अटकी हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व में आवासीय भवनों में नियमों के विरुद्ध चल रहे शोरूम और दुकानों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए पूर्व में ही ध्वस्तीकरण के आदेश दिए जा चुके हैं जिसके बाद से पूरे बाजार में दहशत का माहौल है।
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बीती 27 जनवरी को न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए 6 सप्ताह के भीतर अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने का आदेश दिया था। कोर्ट की इस डेडलाइन के पूरा होने के करीब आने के साथ ही प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। इस आदेश की जद में कुल 1468 निर्माण आ रहे हैं। ये वे भवन हैं जो मूल रूप से आवासीय श्रेणी के हैं लेकिन वर्तमान में यहां बड़े-बड़े शोरूम, कॉम्प्लेक्स और दुकानें संचालित हो रही हैं।
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खुद दुकानें बंद करने को मजबूर व्यापारी
प्रशासनिक और न्यायिक दबाव के बीच मंगलवार को भी बाजार में अफरा-तफरी देखी गई। कई दुकानदारों ने कानूनी कार्रवाई और तोड़फोड़ के डर से अपनी दुकानों को ईंट-दीवारों और खिड़की-दरवाजों से बंद करना शुरू कर दिया है। अब तक 150 से ज्यादा दुकानें बंद की जा चुकी हैं। व्यापारी अपने कीमती सामान और फर्नीचर को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर रहे हैं। मामले को सुलझाने के लिए नई शमन नीति के तहत वास्तुविद नगर नियोजक की ओर से 80 व्यापारियों को नोटिस जारी किए गए थे। व्यापारियों के अनुसार अब तक 35 व्यापारियों ने अपनी दुकानों को नियमित कराने के लिए 50 करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम धनराशि शमन शुल्क के तौर पर जमा कराई है। कई व्यापारी फ्रंट सेटबैक छोड़ने और आवासीय से व्यावसायिक में भू-उपयोग परिवर्तनकी प्रक्रिया में जुटे हैं।हालांकि आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने इस शमन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं और मुख्यमंत्री व सुप्रीम कोर्ट में आपत्ति पत्र दाखिल किया है। उनका तर्क है कि आवास विकास परिषद की कॉलोनियों में इस तरह का नियमितीकरण नियमों के विरुद्ध है।
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ड्रोन से निगरानी और सर्वे

आवास एवं विकास परिषद ने पूरे क्षेत्र का नए सिरे से सर्वे पूरा कर लिया है। प्रशासन ने न केवल वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई है बल्कि ड्रोन कैमरों के जरिए भी अवैध निर्माणों और अतिक्रमण की पहचान की गई है। जिला प्रशासन को इसकी विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जा चुकी है।




व्यापारियों की मार्मिक अपील

सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों ने हाल ही में बैठकें कर रणनीति बनाई है। व्यापारियों का कहना है कि यह हजारों परिवारों के रोजगार का सवाल है। बुधवार को होने वाली सुनवाई यह तय करेगी कि मेरठ का यह सबसे व्यस्त व्यावसायिक केंद्र अपने वर्तमान स्वरूप में बना रहेगा या फिर प्रशासन के बुल्डोजर यहां की सूरत बदल देंगे।
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