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सेंट्रल मार्केट : आवास विकास ने भेजे नोटिस, व्यापारियों में ध्वस्तीकरण की दहशत

Tue, 10 Feb 2026 06:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 10 Feb 2026 06:03 AM IST
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central market: awas vikas parishad send notice to Shop keepers
मेरठ। शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट में व्यापारियों की परेशानियां बढ़ गई हैं। सोमवार को आवास एवं विकास परिषद की ओर से स्कीम नंबर 7 के अंतर्गत सेक्टर 5 सेक्टर 6 सेक्टर 2 के करीब 700 दुकानदारों को नोटिस भेजे गए। इसमें 27 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए 15 दिन में अवैध निर्माण को हटाने की हिदायत देते हुए ऐसा न करने पर ध्वस्तीकरण को कहा गया है। नोटिस के साथी व्यापारियों में बेचैनी बढ़ गई है। कई दुकानदारों ने खुद ही अपनी दुकान खाली करनी शुरू कर दी है। इससे पहले दुकान के बाहर लगाए गए स्ट्रक्चर और बोर्ड आदि को हटाया जा रहा था।
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आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना की ओर से मुख्यमंत्री से शिकायत की गई है। आरोप है कि ध्वस्तीकरण से इतर आवास एवं विकास परिषद के अधिकारी अतिक्रमण हटाने पर जोर दे रहे हैं, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने इस तरह के अवैध निर्माण पूरी तरह से ध्वस्त करने के आदेश दिए हैं। सेंट्रल मार्केट के मामले में 27 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। न्याय मूर्ति जेबी पारदीवाला एवं न्यायमूर्ति संदीप मेहता द्वारा इस प्रकरण में 6 हफ्ते में ध्वस्तीकरण के आदेश दिए हैं। सोमवार को भी कई दुकानदारों ने दुकानों के बाहर किए गए अतिक्रमण को खुद हटाया और इस दौरान टिन शेड और स्ट्रक्चर आदि हटाए गए। वहीं कुछ दुकानदारों की ओर से अवैध निर्माण को खुद ही हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
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आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने अदालत ने 6 सप्ताह में ध्वस्तीकरण के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने आवासीय भवनों में बने कॉम्प्लेक्स तथा की जा रही व्यावसायिक गतिविधियों को पूरी तरह से बंद करने के निर्देश दिए हैं। इन्हें ध्वस्त करने के लिए कहा गया है। आवास एवं विकास परिषद के अधिकारी व्यापारियों को आदेश की गलत व्याख्या कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई भू निर्माण एवं विकास अप विधि के अंतर्गत भी इस तरह के निर्माण को राहत नहीं दी जा सकती मामले में आइजीआरएस पोर्टल पर मुख्यमंत्री से शिकायत की गई है।
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लोकेश खुराना ने कहा कि सेंट्रल मार्केट में ही आवासी भवन में जैना ज्वेलर्स की ओर से व्यावसायिक गतिविधियां की जाने की सूचना पर शिकायत की गई। जिस पर आवास एवं विकास परिषद की ओर से ज्वेलर्स को चेतावनी जारी की गई है। जैना ज्वेलर्स की ओर से अगर व्यावसायिक गतिविधियों की गई तो कार्रवाई की जाएगी। वहीं आवास एवं विकास परिषद की ओर से व्यापारियों को 15 दिन में अनाधिकृत रूप से किए गए निर्माण को हटा लेने के नोटिस दिए गए हैं। ऐसे में 1468 अवैध निर्माण अब ध्वस्तीकरण की जद में आ गए हैं।

बाजार स्ट्रीट के लिए मांगे सुझाव
उधर दूसरी ओर सेंट्रल मार्केट को बाजार स्ट्रीट घोषित करने के लिए आवास आयुक्त डॉक्टर बलकार सिंह की ओर से आपत्ति एवं सुझाव मांगे गए हैं। सोमवार तक इसकी अवधि रखी गई है। अधिकारियों के मुताबिक 700 में से महज 100 के करीब व्यापारियों ने ही नई शमन नीति के तहत आवेदन किए हुए हैं।
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